UPI पर MDR की नई व्यवस्था से क्या बदलेगा? 2000 रुपए तक पेमेंट फ्री, कुछ ट्रांजैक्शन पर लगेगा शुल्क, सरकार ने विदेशी दबाव की खबरों को बताया भ्रामक

UPI पर MDR की नई व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होगी। 2000 रुपये तक के UPI और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन शुल्क से मुक्त रहेंगे, जबकि कुछ बड़े Merchant Payments पर कैटेगरी के हिसाब से MDR लगेगा। जानिए GST, विदेशी दबाव, P2P Payment और 5 रुपये वाले MDR की पूरी कहानी।

Sep 17, 2026 - 17:37
Sep 17, 2026 - 17:37
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UPI पर MDR की नई व्यवस्था से क्या बदलेगा? 2000 रुपए तक पेमेंट फ्री, कुछ ट्रांजैक्शन पर लगेगा शुल्क, सरकार ने विदेशी दबाव की खबरों को बताया भ्रामक

UPI से पेमेंट करने वाले करोड़ों लोगों के बीच इन दिनों एक सवाल चर्चा में है कि क्या अब हर डिजिटल पेमेंट पर शुल्क देना होगा? सरकार ने इसको लेकर स्थिति साफ करते हुए कहा है कि नई MDR व्यवस्था का मतलब आम UPI यूजर पर नया शुल्क लगना नहीं है। 2000 रुपए तक के UPI और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन को शुल्क से मुक्त रखा गया है। वहीं 2000 रुपए से ज्यादा के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर कैटेगरी के हिसाब से MDR लागू होगा। नई व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने वाली है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि UPI पर MDR लागू करने का फैसला किसी विदेशी दबाव में नहीं लिया गया है। सरकारी सूत्रों ने बाहरी दबाव से जुड़ी खबरों को गलत और भ्रामक बताया है। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का मकसद देश के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को लंबे समय तक टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी बनाए रखना है।

सबसे पहले समझिए MDR होता क्या है ?
MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले मर्चेंट से पेमेंट सिस्टम में लिया जाता है। इसका सीधा मतलब यह नहीं है कि ग्राहक को हर बार अलग से शुल्क देना होगा। नई व्यवस्था में 2000 रुपए तक के UPI और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन को शुल्क से मुक्त रखा गया है। यानी सामान्य तौर पर छोटी रकम के UPI पेमेंट करने वाले ग्राहकों पर MDR का सीधा बोझ नहीं पड़ेगा। 2000 रुपए से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन के लिए NPCI ने अलग-अलग कैटेगरी के आधार पर टियर-बेस्ड MDR स्ट्रक्चर लागू किया है। इसमें शुल्क ट्रांजैक्शन की कैटेगरी के अनुसार अलग हो सकता है।

पेट्रोल पंप और रेलवे टिकट जैसी जगहों पर 5 रुपए तक का फ्लैट MDR
नई व्यवस्था में कुछ खास कैटेगरी के बड़े UPI ट्रांजैक्शन पर फ्लैट MDR का प्रावधान किया गया है। पेट्रोल पंप और रेलवे टिकट जैसे वर्टिकल में ट्रांजैक्शन की रकम चाहे कितनी भी हो, MDR करीब 5 रुपए के फ्लैट शुल्क के रूप में हो सकता है। वहीं कुछ विशेष वर्टिकल में MDR करीब 0.4 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। इसका निर्धारण ट्रांजैक्शन की कैटेगरी और लागू नियमों के आधार पर होगा।

P2P पेमेंट पर नहीं लगेगा MDR
UPI के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने वाले Peer-to-Peer यानी P2P ट्रांजैक्शन को MDR से बाहर रखा गया है। इसका मतलब यह है कि दोस्तों, परिवार के सदस्यों या किसी दूसरे व्यक्ति को सामान्य UPI ट्रांसफर करने पर MDR लागू नहीं होगा। नई व्यवस्था का मुख्य असर मर्चेंट पेमेंट की कुछ कैटेगरी पर पड़ेगा।

सरकार ने GST को लेकर भी स्थिति साफ की
MDR को लेकर सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक GST को लेकर है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक MDR पर कोई अलग से नया GST नहीं लगाया गया है। हालांकि, UPI ट्रांजैक्शन पर लागू MDR पर GST लगेगा, लेकिन कारोबारियों को इस GST का पूरा Input Tax Credit मिल सकेगा। इसके जरिए कारोबारी अपनी GST देनदारी को समायोजित कर सकेंगे। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से MDR पर उसे किसी बड़े नेट टैक्स रेवेन्यू की उम्मीद नहीं है। अगर इस व्यवस्था को लेकर आगे कोई दूसरी चिंता सामने आती है तो उस पर GST Council विचार कर सकती है।

विदेशी दबाव की खबरों पर सरकार की सफाई
UPI पर MDR लागू करने के फैसले को लेकर यह चर्चा भी हुई कि क्या भारत ने किसी विदेशी दबाव के कारण यह व्यवस्था शुरू की है। सरकार ने इस दावे को खारिज किया है। सरकारी अधिकारियों ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि यानी USTR की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट में विदेशी कंपनियों द्वारा संचालित क्रेडिट कार्ड को UPI नेटवर्क पर समान अवसर देने की मांग का उल्लेख था। लेकिन भारत ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। सरकार ने RuPay डेबिट कार्ड को MDR से पूरी तरह मुक्त रखा है। अधिकारियों के मुताबिक इससे RuPay को विदेशी कंपनियों द्वारा जारी कार्ड की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलता है। सरकार का तर्क है कि अगर MDR नीति विदेशी कंपनियों के दबाव में बनाई गई होती, तो RuPay को इस तरह की छूट देना उसके अनुरूप नहीं होता।

6.5 करोड़ से ज्यादा मर्चेंट UPI से जुड़े
सरकार ने UPI के बढ़ते नेटवर्क और इस्तेमाल का भी जिक्र किया है। शुरुआती दौर में जहां UPI पर करीब 1.78 करोड़ लेनदेन होते थे, वहीं अब सालाना लेनदेन की संख्या 24,000 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है। देशभर में 6.5 करोड़ से अधिक मर्चेंट UPI नेटवर्क से जुड़े हैं। UPI की पहुंच भारत से बाहर भी बढ़ी है और यह सेवा अब 11 देशों तक पहुंच चुकी है। इतने बड़े नेटवर्क को देखते हुए सरकार का कहना है कि डिजिटल पेमेंट सिस्टम को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए MDR की नई व्यवस्था जरूरी है।

शेयर बाजार के पेमेंट पर 0.02 प्रतिशत MDR
नई व्यवस्था में शेयर बाजार से जुड़े लेनदेन को भी अलग कैटेगरी में रखा गया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक शेयर बाजार के लेनदेन पर 0.02 प्रतिशत MDR तय किया गया है। यह दर SEBI, स्टॉक एक्सचेंज और अन्य संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श के बाद तय की गई है। पेमेंट एग्रीगेटर्स के साथ भी इस व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई है।

आम UPI यूजर को कितना फर्क पड़ेगा?
नई व्यवस्था को लेकर सबसे अहम बात यह है कि आम व्यक्ति से जुड़े हर UPI ट्रांजैक्शन पर शुल्क नहीं लगाया गया है। 2000 रुपए तक के UPI और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन को शुल्क से मुक्त रखा गया है और व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले P2P ट्रांसफर पर भी MDR नहीं लगेगा। फोकस मुख्य रूप से 2000 रुपए से ज्यादा के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर है, जहां पेमेंट की कैटेगरी के हिसाब से MDR लागू होगा। यानी UPI को लेकर अभी सबसे जरूरी फर्क यही है कि पेमेंट करने वाले ग्राहक और पेमेंट स्वीकार करने वाले मर्चेंट पर लागू होने वाली व्यवस्था एक जैसी नहीं है। सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि नई MDR व्यवस्था को आम UPI यूजर पर नया शुल्क लगाने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। 15 अक्टूबर से लागू होने वाली नई व्यवस्था के बाद इसका वास्तविक असर अलग-अलग मर्चेंट कैटेगरी में साफ होगा। फिलहाल सरकार का जोर इस बात पर है कि UPI का विस्तार जारी रहे और देश का डिजिटल पेमेंट सिस्टम आर्थिक रूप से टिकाऊ बना रहे।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content