'मैं नौकरी देता जाऊंगा, वे गिनते जाएं' अखिलेश-शिवपाल पर योगी ने साधा निशाना, 6 महीने में 1 लाख सरकारी नौकरियों का ऐलान

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटते हुए अखिलेश यादव और शिवपाल यादव पर निशाना साधा। योगी ने अगले छह महीने में एक लाख से अधिक सरकारी नौकरियां देने की बात कही। जानिए किन विभागों में कितनी भर्तियों का प्लान है और योगी ने 2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था पर क्या कहा।

Sep 19, 2026 - 14:27
Sep 19, 2026 - 16:53
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'मैं नौकरी देता जाऊंगा, वे गिनते जाएं' अखिलेश-शिवपाल पर योगी ने साधा निशाना, 6 महीने में 1 लाख सरकारी नौकरियों का ऐलान

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ के लोकभवन में 818 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांटते हुए पिछली सरकारों की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए और समाजवादी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधा। योगी ने कहा कि पहले नौकरियों में धांधली और भाई-भतीजावाद का आरोप लगता था, जबकि उनकी सरकार में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने इसी कार्यक्रम में अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने की बात कही। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि वे नियुक्तियों की संख्या गिनते रहें और सरकार नौकरी देती जाएगी। योगी के मुताबिक, उनकी सरकार अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दे चुकी है और रोजगार देने का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

चाचा-भतीजे की जोड़ी पर योगी का हमला
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अखिलेश यादव और शिवपाल यादव का नाम लिए बिना चाचा-भतीजे की जोड़ी पर निशाना साधा। योगी ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप और अनियमितताएं होती थीं। उन्होंने कहा कि पहले नौकरी के लिए परीक्षा की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही नियुक्तियों का रास्ता तय हो जाता था और विज्ञापन जारी होते ही ठेके बांट दिए जाते थे। योगी ने कहा कि जिन लोगों पर 2017 से पहले नियुक्तियों में गड़बड़ी के आरोप लगे, वे आज सवाल उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

818 युवाओं को नियुक्ति पत्र, किन विभागों में मिली नौकरी?
लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में कुल 818 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें 21 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने स्वयं नियुक्ति पत्र सौंपे, जबकि बाकी चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों के माध्यम से नियुक्ति पत्र दिए गए। इन नियुक्तियों में आयुष विभाग के 404 अभ्यर्थी शामिल हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं में 357 एक्स-रे टेक्नीशियन चुने गए हैं। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग में 48 अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई है, जबकि उद्योग निदेशालय में सहायक सांख्यिकीय अधिकारी के नौ पदों पर चयन हुआ है। यानी सरकार ने जिस रोजगार अभियान की शुरुआत का दावा किया है, उसकी पहली तस्वीर इन 818 नियुक्तियों के रूप में सामने आई है।

अगले छह महीने में कहां-कितनी भर्तियों की बात?
योगी आदित्यनाथ ने अलग-अलग विभागों में आने वाली भर्तियों का रोडमैप भी बताया। उनके मुताबिक, यूपी होमगार्ड में करीब 42 हजार नियुक्तियां होने जा रही हैं। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अगले छह महीने में आने वाले परिणामों से 25 से 30 हजार युवाओं को रोजगार का अवसर मिलने की बात कही गई है। इसके अलावा शिक्षा चयन आयोग के माध्यम से 20 से 25 हजार युवाओं की भर्ती और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के जरिए 15 से 16 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस विभाग में करीब 36 हजार नियुक्तियों की प्रक्रिया चल रही है। इन आंकड़ों को जोड़कर सरकार का दावा है कि अगले छह महीनों में एक लाख से अधिक युवाओं तक सरकारी नौकरी पहुंचाने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

UPPSC के पूर्व अध्यक्ष का नाम लिए बिना निशाना
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उस समय ऐसे व्यक्ति को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था, जो उनकी नजर में योग्य नहीं था और अध्यक्ष बनने के बाद भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई। योगी ने कहा कि भर्ती आयोगों और बोर्डों में भाई-भतीजों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को बदनाम किया गया। उनके मुताबिक, उस दौर में युवाओं को नौकरी के लिए सड़क पर उतरना पड़ा। योगी ने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया। हालांकि, इस बयान को लेकर मीडिया रिपोर्टों में पूर्व UPPSC अध्यक्ष अनिल यादव का संदर्भ सामने आया है। अनिल यादव की नियुक्ति को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2015 में रद्द किया था और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी उस फैसले को बरकरार रखा था।

ग्रुप C और D में इंटरव्यू खत्म करने का जिक्र
मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में किए गए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रुप C और ग्रुप D की भर्तियों में इंटरव्यू की व्यवस्था खत्म की गई है। उनका कहना था कि इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है। योगी ने पिछली व्यवस्था पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ ऐसी भर्तियां भी हुई थीं, जिनमें आवेदन नहीं करने वाले लोगों को भी नियुक्ति पत्र दिए गए। उन्होंने इसे भर्ती व्यवस्था में अराजकता की स्थिति बताया। वहीं मौजूदा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती बोर्ड और आयोग अब शासन की किसी राजनीतिक गतिविधि का शिकार नहीं होते और चयन प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।

योगी बोले- पहले बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती थीं
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती थीं और व्यापारी भी कारोबार करने को लेकर आशंकित रहते थे। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सामने चुनौतियां पहले भी थीं और आज भी हैं, लेकिन उनकी सरकार ने चुनौतियों को समस्या मानने के बजाय अवसर में बदलने की कोशिश की है। उन्होंने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए दंगों, कर्फ्यू और असुरक्षा की स्थिति का भी दावा किया और कहा कि उस दौर में युवाओं के सामने रोजगार को लेकर गंभीर संकट था।

यूपी के राजस्व सरप्लस और निवेश का भी जिक्र
योगी ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि कभी सबसे गरीब माने जाने वाला प्रदेश आज स्टेट रेवेन्यू सरप्लस की स्थिति में है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब निवेशकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री ने 25 से 29 सितंबर के बीच होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब सरकार ईमानदारी से काम करती है और बिना भेदभाव के अवसर देती है, तभी निवेश और विकास का माहौल बनता है। उन्होंने पिछली सरकारों पर उत्तर प्रदेश की छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों ने प्रदेश को उपद्रव का प्रदेश बनाया, उन्हें जनता स्वीकार नहीं करेगी।

आयुष के विस्तार को भी सरकार की उपलब्धि से जोड़ा
योगी ने अपने संबोधन में आयुष क्षेत्र का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले आयुष की कोई खास पहचान नहीं थी, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अलग मंत्रालय बनाए जाने के बाद आयुर्वेद, होम्योपैथी और दूसरी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को नई पहचान मिली। उन्होंने कहा कि अब आयुष विश्वविद्यालय बनाए जा रहे हैं और इस क्षेत्र में युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर सामने आ रहे हैं। 

नौकरी के मुद्दे पर 2027 से पहले सियासी संदेश
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां राजनीतिक दलों के स्तर पर तेज हो रही हैं। रोजगार और सरकारी भर्ती लंबे समय से विपक्ष के प्रमुख मुद्दों में रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से अगले छह महीने में एक लाख से अधिक नियुक्तियों का ऐलान और 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया जाना रोजगार के मुद्दे पर सरकार की ओर से अपनी उपलब्धियां सामने रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content