कानपुर में ओवैसी का अखिलेश पर हमला, 2 अक्टूबर की डेडलाइन, बोले- BJP को रोकना है तो AIMIM से हाथ मिलाइए

कानपुर में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अखिलेश यादव पर मुजफ्फरनगर हिंसा और मुस्लिम प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठाए। बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दलों को गठबंधन का ऑफर देते हुए 2 अक्टूबर तक ऐलान की बात कही।

Sep 21, 2026 - 14:34
Sep 21, 2026 - 14:34
 0
कानपुर में ओवैसी का अखिलेश पर हमला, 2 अक्टूबर की डेडलाइन, बोले- BJP को रोकना है तो AIMIM से हाथ मिलाइए

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कानपुर की एक जनसभा में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। ओवैसी ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए मुजफ्फरनगर हिंसा और मुस्लिम प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठाए। इसी मंच से उन्होंने बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दलों को गठबंधन का खुला ऑफर भी दिया और साफ किया कि AIMIM 2 अक्टूबर तक गठबंधन को लेकर इंतजार करेगी। इसके बाद पार्टी अपने साथी दलों के नाम का ऐलान कर सकती है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक ओवैसी ने कानपुर से AIMIM की चुनावी सक्रियता बढ़ाने और गठबंधन को लेकर समयसीमा तय करने की बात कही है। कानपुर की सभा में ओवैसी का निशाना सिर्फ बीजेपी तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अखिलेश यादव पर हमला करते हुए उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र किया और पूछा कि उस दौरान कितने दंगे हुए थे। इसके साथ ही उन्होंने 2013 के मुजफ्फरनगर हिंसा का उल्लेख करते हुए दावा किया कि करीब 50 हजार लोग अपने घरों और गांवों से विस्थापित हुए थे। मुजफ्फरनगर हिंसा के दौरान बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ था, हालांकि ओवैसी के बयान में इसका इस्तेमाल अखिलेश यादव के शासन के राजनीतिक मूल्यांकन के संदर्भ में किया गया।

अखिलेश पर सवाल, मुस्लिम प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया
ओवैसी ने सपा के राजनीतिक रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए मुस्लिम प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश यादव की सरकार थी, तब समाजवादी पार्टी में कितने मुस्लिम सांसद और विधायक थे, इस पर भी चर्चा होनी चाहिए। ओवैसी ने यूपी के मुस्लिम समाज की सामाजिक और शैक्षिक स्थिति का मुद्दा उठाते हुए राजनीतिक दलों से सवाल किया कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने अपनी पार्टी पर लगने वाले बी-टीम के आरोप का भी जिक्र किया और कहा कि मुस्लिम समाज की स्थिति पर सवाल पूछने के बजाय उनकी पार्टी को निशाना बनाया जाता है।

BJP को रोकने के लिए विपक्षी दलों को खुला ऑफर
कानपुर की सभा का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश ओवैसी का गठबंधन वाला बयान रहा। उन्होंने कहा कि AIMIM नहीं चाहती कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार तीसरी बार बने। इसी आधार पर उन्होंने विपक्षी दलों से AIMIM के साथ हाथ मिलाने की अपील की। ओवैसी ने कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल बीजेपी को दोबारा सत्ता में आने से रोकना चाहता है तो वह AIMIM के साथ गठबंधन कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के बाद किसी को शिकायत करने का मौका नहीं मिलेगा। AIMIM प्रमुख ने 2 अक्टूबर को गठबंधन के ऐलान की समयसीमा भी बताई। उनके मुताबिक पार्टी तब तक इंतजार करेगी और उसके बाद जिस दल या दलों के साथ गठबंधन होगा, उसका ऐलान किया जाएगा। हालिया रिपोर्टों में भी ओवैसी के इसी 2 अक्टूबर के डेडलाइन वाले बयान को प्रमुखता से रिपोर्ट किया गया है।

जयंत चौधरी के मुद्दे पर बदला ओवैसी का अंदाज
कानपुर में ओवैसी ने RLD प्रमुख जयंत चौधरी को लेकर भी अपनी बात रखी। जयंत को चवन्नी कहे जाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वह जयंत और उनकी पत्नी को अच्छी तरह जानते हैं और जयंत की पत्नी को अपनी बहन मानते हैं। ओवैसी ने कहा कि राजनीतिक रूप से वह बीजेपी और जयंत चौधरी के खिलाफ हैं, लेकिन किसी के लिए घटिया भाषा का इस्तेमाल करना सही नहीं है। उन्होंने इसी संदर्भ में लोकतंत्र में जनता की भूमिका का जिक्र किया और कहा कि जनता किसी को चुनकर कामयाब बनाती है। उनके मुताबिक किसी नेता का यह सोचना कि वह जिसे चाहे बना सकता है और जिसे चाहे खत्म कर सकता है, अहंकार की सोच को दिखाता है।

मुस्लिम युवाओं से बोले- भविष्य आपके मजबूत कंधों पर
ओवैसी ने अपने भाषण में मुस्लिम युवाओं को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं का है और मुस्लिम समाज का भविष्य भी उनके मजबूत कंधों पर तय होगा। उन्होंने युवाओं से अपने कंधे मजबूत रखने और किसी के सामने नहीं झुकने की बात कही। उनका यह हिस्सा मुख्य रूप से मुस्लिम युवाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सक्रिय होने के संदेश के तौर पर सामने आया।

नितिन गडकरी की तारीफ क्यों की?
ओवैसी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सड़क और पुल से जुड़े कामों को लेकर उन्होंने गडकरी से करीब 45 मिनट बातचीत की। ओवैसी के मुताबिक, गडकरी ने उनके सामने ही संबंधित अधिकारियों को काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। इसी वजह से ओवैसी ने केंद्रीय मंत्री का शुक्रिया अदा किया। यह हिस्सा इसलिए भी खास रहा क्योंकि ओवैसी जहां अपने भाषण में बीजेपी और केंद्र की राजनीति पर हमला करते रहे हैं, वहीं उन्होंने गडकरी के काम करने के तरीके की तारीफ का उदाहरण भी मंच से दिया।

AIMIM यूपी में संगठन मजबूत करने में जुटी
ओवैसी ने बिहार विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि AIMIM ने वहां विपक्षी दलों से गठबंधन को लेकर बातचीत की थी और छह सीटों की मांग रखी थी, लेकिन बात नहीं बनी। उन्होंने कहा कि गठबंधन की बातचीत अलग विषय है, लेकिन AIMIM उत्तर प्रदेश में अपना संगठन मजबूत करने का काम जारी रखेगी। पार्टी का दावा है कि उसका संगठन अब जमीनी स्तर पर पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत हुआ है। हालिया रिपोर्टों में भी AIMIM की यूपी में संगठनात्मक और चुनावी सक्रियता बढ़ने का उल्लेख किया गया है।

AIMIM प्रदेश अध्यक्ष ने भी साधा निशाना
कानपुर में AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा कि पार्टी सिर्फ कानपुर कैंट विधानसभा तक सीमित नहीं रहेगी और कानपुर की सभी विधानसभा सीटों पर मजबूती से मैदान में उतरने की तैयारी करेगी। उन्होंने अपने भाषण में धार्मिक स्थलों और मस्जिदों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिदों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं और पुराने दरगाहों के मेलों को भी रोका जा रहा है। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं, जिनका स्वतंत्र सत्यापन इस रिपोर्ट के आधार पर नहीं किया जा रहा है।

कानपुर कैंट से चुनाव लड़ने की तैयारी
कानपुर की सभा में AIMIM की चुनावी रणनीति का एक और संकेत सामने आया। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक ओवैसी ने कानपुर कैंट विधानसभा सीट से पार्टी के चुनाव लड़ने की बात कही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से समाजवादी पार्टी के मोहम्मद हसन रूमी विजयी रहे थे। इससे साफ है कि AIMIM कानपुर में सिर्फ संगठनात्मक कार्यक्रमों तक सीमित रहने के बजाय विधानसभा चुनाव की तैयारी के साथ आगे बढ़ रही है।

2021 के बाद फिर कानपुर पर फोकस
कानपुर में ओवैसी की सक्रियता नई नहीं है। इससे पहले 2021 में भी उन्होंने शहर में जनसभाएं की थीं। सितंबर और दिसंबर 2021 में जाजमऊ और जीआईसी मैदान में उनके कार्यक्रम हुए थे। 2016 में तलाक महल में प्रस्तावित जनसभा को प्रशासन से अनुमति नहीं मिली थी। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ओवैसी का फिर कानपुर पहुंचना और गठबंधन की 2 अक्टूबर की डेडलाइन देना AIMIM की यूपी रणनीति के लिहाज से अहम है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content