आकाश के बाद दीपिका पर भी बदला मायावती का फैसला, अब ईशान आनंद को फिर देंगी जिम्मेदारी

मायावती ने BSP में परिवार की भूमिका को लेकर फिर बड़ा फैसला लिया है। पहले दीपिका आनंद को जिम्मेदारी देने की संभावना जताई गई थी, अब उन्हें भी संगठन से दूर रखने की बात कही गई है। वहीं ईशान आनंद को फिर सम्मानजनक जिम्मेदारी देने का ऐलान हुआ है। 23 सितंबर की BSP बैठक से पहले जानिए मायावती के इस फैसले की पूरी कहानी।

Sep 20, 2026 - 14:42
Sep 20, 2026 - 14:44
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आकाश के बाद दीपिका पर भी बदला मायावती का फैसला, अब ईशान आनंद को फिर देंगी जिम्मेदारी

बहुजन समाज पार्टी में परिवार की भूमिका को लेकर मायावती का एक और फैसला सामने आया है। कुछ दिन पहले तक जिस दीपिका आनंद को अपने पिता आनंद कुमार की मदद के लिए पार्टी में जिम्मेदारी मिलने की संभावना बताई गई थी, अब मायावती ने उन्हें भी संगठन में कोई जिम्मेदारी नहीं देने का फैसला किया है। इसके साथ ही मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को एक बार फिर पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी देने की बात कही है। मायावती के इस फैसले से BSP में परिवार की राजनीतिक भूमिका को लेकर तस्वीर एक बार फिर बदल गई है। पिछले कुछ हफ्तों में आकाश आनंद, ईशान आनंद और अब दीपिका आनंद को लेकर मायावती के फैसलों में लगातार बदलाव देखने को मिला है। 23 सितंबर को होने वाली पार्टी की ऑल इंडिया बैठक से पहले सामने आए इस नए रुख ने BSP के संगठन और भविष्य की नेतृत्व व्यवस्था को लेकर चर्चा और बढ़ा दी है।

परिवार को लेकर मायावती ने फिर साफ किया अपना रुख
मायावती ने अपने ताजा बयान में कहा कि राजनीति में सफल होने और समाज के लिए काम करने के लिए भाई-बहनों और करीबी रिश्तेदारों के मोह से ऊपर उठकर ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करना जरूरी है। उन्होंने BSP संस्थापक कांशीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि कांशीराम ने अपने करीबी रिश्तेदारों को राजनीतिक लाभ देने से दूर रखा था और उन्हें संगठन में निःस्वार्थ भाव से काम करने की अनुमति दी थी। मायावती ने कहा कि उन्होंने भी कांशीराम के रास्ते पर चलते हुए अपना जीवन बहुजन समाज के लिए समर्पित किया है। उनके मुताबिक पार्टी और आंदोलन के हित में परिवार से जुड़े लोगों को लेकर भी कठोर फैसला लेना पड़े तो वह उससे पीछे नहीं हटेंगी।

आकाश आनंद के बाद दीपिका का भी रास्ता बंद
मायावती के ताजा फैसले को समझने के लिए पिछले कुछ दिनों की घटनाओं पर नजर डालना जरूरी है। 12 सितंबर को मायावती ने कहा था कि उनके भाई आनंद कुमार को जरूरत होने पर उनकी बेटी दीपिका आनंद मदद कर सकती हैं। उस समय दीपिका को उनकी ईमानदारी, निष्ठा और क्षमता के आधार पर संगठन में जिम्मेदारी मिलने की संभावना बनी थी। अब मायावती ने अपना रुख बदलते हुए साफ कर दिया है कि दीपिका आनंद को भी BSP में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। मायावती ने इसकी वजह परिवार के सदस्यों को पार्टी की जिम्मेदारियों से दूर रखने की अपनी नीति को बताया है। इस फैसले के बाद आनंद कुमार के तीनों बच्चों में से आकाश और दीपिका को संगठनात्मक भूमिका से बाहर रखने का फैसला सामने आ चुका है, जबकि ईशान आनंद को फिर से आगे बढ़ाने की बात कही गई है।

आकाश आनंद पर मायावती का भरोसा क्यों टूटा
मायावती ने अपने ताजा बयान में आकाश आनंद का भी विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आनंद कुमार के विशेष आग्रह पर उन्होंने आकाश को राजनीति में आगे बढ़ाया था। मायावती के मुताबिक शादी के बाद आकाश के व्यवहार और गतिविधियों में बदलाव आया। उन्होंने आकाश पर अपने ससुर और पूर्व BSP नेता अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में रहने का आरोप भी लगाया है। इसी आधार पर मायावती ने आकाश को पार्टी से अलग करने का फैसला लिया। इससे पहले सितंबर में आकाश को पार्टी की अहम जिम्मेदारियों से हटाया गया था और बाद में उन्हें BSP से बाहर कर दिया गया। मायावती अब साफ कर चुकी हैं कि आकाश की पार्टी में वापसी का रास्ता खुला नहीं है।

ईशान आनंद को फिर मिला मौका 
एक तरफ आकाश और दीपिका को संगठन से दूर रखने का फैसला हुआ है, तो दूसरी तरफ ईशान आनंद को फिर से मौका देने की बात कही गई है। मायावती ने कहा है कि ईशान को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी दी जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि ईशान का भविष्य उनके काम और पार्टी के प्रति निष्ठा पर निर्भर करेगा। मायावती ने ईशान को लेकर चेतावनी भी दी है कि अगर वह पार्टी विरोधी कोई गंभीर गतिविधि करते हैं तो उन्हें भी संगठन से बाहर किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में आनंद कुमार के परिवार के किसी अन्य सदस्य को जिम्मेदारी देने के बजाय पार्टी के किसी मिशनरी और वफादार कार्यकर्ता को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।

कुछ दिनों में तीन बड़े फैसले
BSP में परिवार की भूमिका को लेकर पिछले कुछ दिनों में घटनाक्रम तेजी से बदला है। पहले आकाश आनंद को संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटाया गया और फिर उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया। इसके बाद 12 सितंबर को मायावती ने आकाश और ईशान दोनों को पार्टी में पद नहीं देने की बात कही थी, जबकि दीपिका को अपने पिता की मदद के लिए जिम्मेदारी देने की संभावना छोड़ी थी। अब ताजा फैसले में दीपिका को भी जिम्मेदारी से दूर रखने और ईशान को फिर आगे बढ़ाने की बात सामने आई है। यानी कुछ ही दिनों में मायावती के परिवार को लेकर पार्टी की भूमिका का फॉर्मूला एक बार फिर बदल गया है।

मायावती ने कांशीराम और आंबेडकर का दिया उदाहरण
मायावती ने अपने फैसले को सही ठहराने के लिए कांशीराम के साथ-साथ डॉ. भीमराव आंबेडकर का भी उदाहरण दिया। उन्होंने डॉ. आंबेडकर के 23 फरवरी 1956 के एक पत्र का जिक्र किया, जिसे उन्होंने अपने बेटे यशवंत आंबेडकर को लिखा था। मायावती ने इस उदाहरण के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि सार्वजनिक जीवन और आंदोलन से जुड़े मामलों में परिवार के सदस्यों के लिए भी अलग नियम नहीं होने चाहिए। पार्टी और आंदोलन के हित को निजी रिश्तों से ऊपर रखा जाना चाहिए।

बहुजन समाज को बताया अपना असली परिवार
मायावती ने अपने बयान के अंत में कहा कि पूरा बहुजन समाज ही उनका असली परिवार है। उन्होंने बहुजन समाज को सत्ता में हिस्सेदारी दिलाने को अपने राजनीतिक मिशन का हिस्सा बताया। उनका कहना है कि बहुजन समाज को शोषित वर्ग से शासक वर्ग तक पहुंचाने के लिए संगठन को मजबूत करना जरूरी है और इसके लिए जरूरत पड़ने पर अपने भाई-बहनों और रिश्तेदारों के खिलाफ भी फैसला लिया जा सकता है।

23 सितंबर की बैठक पर टिकी नजर
अब सबकी नजर 23 सितंबर को लखनऊ में होने वाली BSP की ऑल इंडिया बैठक पर है। यह एक महीने के भीतर पार्टी की दूसरी राष्ट्रीय स्तर की बैठक होगी। बैठक में संगठन में बदलाव और आने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड और पंजाब में भी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। मायावती पहले ही संगठन में युवा भागीदारी बढ़ाने और नई पीढ़ी को आगे लाने की बात कर चुकी हैं। ऐसे में 23 सितंबर की बैठक में परिवार के सदस्यों की भूमिका और संगठन की नई जिम्मेदारियों को लेकर और स्पष्टता आने की उम्मीद है।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content