राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम पर विवाद, मोदी की मिमिक्री से बढ़ी सियासी तकरार, BJP बोली- कांग्रेस जोकरों की पार्टी बनी
इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में PM मोदी की मिमिक्री के बाद विवाद बढ़ गया। BJP ने कांग्रेस पर PM मोदी और उनकी दिवंगत मां के अपमान का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने छात्रों की शिक्षा, भर्ती, हॉस्टल और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए। जानिए पूरे विवाद की वजह और दोनों पक्षों के तर्क।
इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के बाद कांग्रेस और BJP के बीच नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैली की नकल की। राहुल गांधी भी उनके साथ मंच पर नजर आए और इस दौरान हंसते हुए दिखाई दिए। कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद BJP नेताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पूरे मामले पर कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी कॉमेडियंस और जोकर्स की पार्टी बन गई है। वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां के अपमान का आरोप लगाया। BJP नेताओं का कहना है कि छात्र संवाद के मंच पर प्रधानमंत्री की मिमिक्री और बुजुर्ग महिला से जुड़े प्रसंग को मजाक के तौर पर पेश करना राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है।
मोदी की मिमिक्री से शुरू हुआ विवाद
राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम का मुख्य विषय सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स था। कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा, भर्ती, परीक्षा, आरक्षण, हॉस्टल और रोजगार से जुड़े सवाल उठाए। लेकिन कार्यक्रम के दौरान कॉमेडियन पुलकित मणि की प्रस्तुति अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है। पुलकित मणि ने मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैली और हावभाव की नकल की। राहुल गांधी भी उनके साथ नजर आए। कार्यक्रम का वीडियो कांग्रेस के सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किए जाने के बाद BJP नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाने वाला प्रदर्शन बताया। BJP के मुताबिक, कॉमेडियन की प्रस्तुति में प्रधानमंत्री के साथ एक बुजुर्ग महिला से जुड़ी बातचीत का भी मजाक बनाया गया। इसी आधार पर BJP नेताओं ने राहुल गांधी पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि वह कार्यक्रम में मौजूद होने के बावजूद इस प्रस्तुति पर आपत्ति जताने के बजाय हंसते नजर आए।
रिजिजू बोले- कांग्रेस जोकरों की पार्टी बन गई
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी अब कॉमेडियंस और जोकर्स की पार्टी बन गई है। रिजिजू की टिप्पणी के बाद यह मामला तेजी से राजनीतिक बहस का विषय बन गया। BJP नेताओं ने राहुल गांधी की मौजूदगी में प्रधानमंत्री की मिमिक्री किए जाने को लेकर कांग्रेस से सवाल पूछे।
शिक्षा मंत्री ने PM की दिवंगत मां के अपमान का आरोप लगाया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी राहुल गांधी के कार्यक्रम की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र संवाद के मंच का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां का मजाक उड़ाने और उनका अपमान करने के लिए किया गया। जोशी ने इसे राजनीतिक संस्कृति और मानवीय संवेदना से जुड़ा मुद्दा बताया। BJP नेताओं की आपत्ति का मुख्य आधार कार्यक्रम में हुई मिमिक्री और उसमें राहुल गांधी की मौजूदगी रही। हालांकि, यह BJP की ओर से किया गया राजनीतिक आरोप है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक विवाद का केंद्र कार्यक्रम में कॉमेडियन की प्रस्तुति और प्रधानमंत्री की शैली की मिमिक्री है।
कांग्रेस ने कहा- असली मुद्दा छात्रों की समस्याएं हैं
दूसरी तरफ कांग्रेस ने BJP के आरोपों को खारिज करते हुए छात्रों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के साथ खड़े हैं और इसी वजह से सरकार से सवाल पूछ रहे हैं तथा जवाबदेही मांग रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों की गूंज कार्यक्रम का मकसद शिक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और रोजगार से जुड़े सवालों को सामने लाना है। कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याएं राहुल गांधी के सामने रखीं।
राहुल के सामने छात्रों ने उठाए हॉस्टल से लेकर भर्ती तक के मुद्दे
इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम का यह पांचवां संस्करण था। इससे पहले यह कार्यक्रम कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में आयोजित किया जा चुका है। इंदौर के कार्यक्रम का विषय सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स रखा गया था। कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा, सरकारी भर्ती, परीक्षाओं, आरक्षण, हॉस्टल और रोजगार से जुड़े सवाल उठाए। एक छात्रा ने सरकारी परीक्षा पास करने के बावजूद OBC आरक्षण से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया के कारण नियुक्ति में देरी का मुद्दा रखा। एक छात्र ने MPPSC में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने पर खुद और दूसरे लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही। आदिवासी छात्रों ने हॉस्टल और दूसरी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के आंदोलन की बात भी कार्यक्रम में सामने आई। राहुल गांधी ने कहा कि वह उनके आंदोलन में शामिल होने के लिए तैयार हैं।
छात्रा ने पूछा- दिया जलाने के लिए पैसा है, हॉस्टल के लिए क्यों नहीं
राहुल गांधी ने कार्यक्रम के बाद छात्रों की समस्याओं को लेकर सोशल मीडिया पर भी बात रखी। उन्होंने एक छात्रा के सवाल का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है, लेकिन छात्रों के हॉस्टल के लिए क्यों नहीं। राहुल गांधी ने कहा कि गांव से शहर पढ़ने आने वाली छात्राओं को हॉस्टल नहीं मिलने पर PG में रहना पड़ता है। किराया और सुरक्षित आवास का खर्च कई परिवारों के लिए इतना अधिक हो जाता है कि छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होती है। यह मुद्दा कार्यक्रम में शिक्षा और रोजगार के साथ-साथ छात्राओं की सुरक्षा और आवास की समस्या से भी जुड़ा रहा।
राहुल गांधी ने सिस्टम पर लगाए कई आरोप
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि छात्र जिज्ञासु होते हैं और संस्थानों, भर्ती प्रक्रिया, परीक्षाओं तथा रोजगार के अवसरों को लेकर सवाल पूछते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सिस्टम सवाल पूछने वाले छात्रों से डरता है और ऐसे लोगों को पसंद करता है जो सवाल न करें। अपने भाषण में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, RSS प्रमुख मोहन भागवत और उद्योगपतियों गौतम अडाणी तथा मुकेश अंबानी का नाम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों का देश के राजनीतिक, संस्थागत और आर्थिक क्षेत्रों के अलग-अलग हिस्सों पर प्रभाव है। ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर BJP की ओर से भी जवाब दिया गया है।
छात्रों की गूंज से सियासी विवाद तक पहुंचा कार्यक्रम
राहुल गांधी का इंदौर कार्यक्रम मूल रूप से छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों के लिए आयोजित किया गया था। लेकिन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की मिमिक्री के बाद इसका एक बड़ा हिस्सा राजनीतिक विवाद में बदल गया। एक तरफ BJP नेताओं ने राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई प्रस्तुति को प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के अपमान से जोड़कर कांग्रेस पर हमला किया। दूसरी तरफ कांग्रेस ने शिक्षा, रोजगार, भर्ती और छात्रों की समस्याओं को मुख्य मुद्दा बताते हुए BJP पर असल सवालों से ध्यान हटाने का आरोप लगाया। इंदौर का यह कार्यक्रम अब दो अलग-अलग राजनीतिक नैरेटिव के बीच खड़ा दिखाई दे रहा है। BJP के लिए मुद्दा प्रधानमंत्री की मिमिक्री और कथित अपमान है, जबकि कांग्रेस के लिए केंद्र में छात्रों के सवाल, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार की समस्याएं हैं।
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