'मण्डल कमीशन लागू करने वाले को देनी पड़ी कुर्बानी' वीपी सिंह की जयंती पर बोले सपा सांसद, वक्ताओं ने कहा- मंडल आयोग की सोच आज भी अधूरी

पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह की जयंती पर आयोजित संगोष्ठी में सामाजिक न्याय, मंडल आयोग और पिछड़े वर्गों के अधिकारों को लेकर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि वीपी सिंह की नीतियों का असर आज भी करोड़ों लोगों के जीवन में दिखाई देता है।

Jun 25, 2026 - 18:52
Jun 25, 2026 - 18:52
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'मण्डल कमीशन लागू करने वाले को देनी पड़ी कुर्बानी' वीपी सिंह की जयंती पर बोले सपा सांसद, वक्ताओं ने कहा- मंडल आयोग की सोच आज भी अधूरी

पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में एक बार फिर सामाजिक न्याय और मंडल आयोग की सिफारिशों का मुद्दा केंद्र में रहा। मंडल मसीहा मेमोरियल सोसायटी की ओर से आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि वीपी सिंह ने देश की राजनीति को नई दिशा देने का काम किया और समाज के उन वर्गों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया, जो लंबे समय तक उपेक्षा का शिकार रहे। सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुल नासीर नासिर की अध्यक्षता में आयोजित संगोष्ठी में सपा सांसद बाबू सिंह कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का विषय सामाजिक न्याय में वीपी सिंह की भूमिका रखा गया था, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने अपने विचार रखे।

‘वंचित वर्गों के लिए खड़े हुए थे वीपी सिंह’
बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि वीपी सिंह ने उन वर्गों की आवाज उठाई, जो वर्षों तक व्यवस्था में पीछे छूटे रहे। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के लिए उठाए गए उनके कदमों के कारण उन्हें राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन आज बड़ी संख्या में लोग उनके फैसलों का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज में बराबरी का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में वीपी सिंह का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।  बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा वीपी सिंह ने उन वर्गों के लिए काम किया जो छूट गए थे। इसके लिए उन्हें बड़ी कुर्बानी देनी पड़ी। आज बड़ी संख्या में लोगों को उसका लाभ मिल रहा है।

‘कमजोर वर्गों की मदद समाज की जिम्मेदारी’
मौलाना मोहम्मद मुस्तफा मदनी नदवी ने कहा कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इंसाफ, सुरक्षा और मानवीय मूल्यों की स्थापना किसी भी समाज की मजबूती का आधार होती है। उनके अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में इन्हीं सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।

'मंडल आयोग को घोषणा पत्र में शामिल करने की मांग'
पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ. बीपी अशोक ने कहा कि राजनीतिक दलों को मंडल आयोग की सिफारिशों का गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक दल अपने घोषणा पत्रों में प्रमुखता से शामिल करें, ताकि समाज के पिछड़े वर्गों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके। मऊ नगरपालिका के चेयरमैन अरशद जमाल ने कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि उनके क्षेत्र में पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह की स्मृति में एक यादगार स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को सामाजिक न्याय के लिए उनके योगदान से परिचित कराना जरूरी है।

कई प्रमुख लोगों ने रखे विचार
संगोष्ठी में प्रो. महेंद्र कुमार मौर्य, डॉ. वीरेन्द्र कुमार यादव, रामचंद्र पटेल, राजेश सिंह, हद्य राम, विपत्ति सिंह यादव, पूर्व विधायक कुबैर भंडारी और रामसागर पाल समेत कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान समाज और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले प्रो. शादाब मोहम्मद, अरशद जमाल, इलियास बैराइची, मोहम्मद आजम खान, संगीता पाल, रूशदा और वीपी अशोक को सम्मानित भी किया गया। 

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