मुंह में पिस्टल डालकर बोले– पैसे दे, नहीं तो एनकाउंटर… मेरठ में दो दरोगाओं ने बिजनेसमैन से वसूले 20 लाख
मेरठ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो पुलिस सब-इंस्पेक्टरों पर एक कपड़ा व्यापारी का अपहरण करने और बंदूक की नोक पर 20 लाख रुपये की उगाही करने का आरोप है। एफआईआर दर्ज कर ली गई है, दोनों आरोपी फरार हैं।
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां लोहियानगर थाने में तैनात दो दरोगाओं पर एक धागा व्यापारी के अपहरण, हथियार के बल पर रंगदारी वसूलने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसएसपी अविनाश पांडे के निर्देश पर दोनों आरोपित दरोगाओं के खिलाफ भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना दिसंबर 2025 की बताई जा रही है, जिस पर अब फरवरी 2026 में कार्रवाई हुई है।
व्यापारी ने सुनाई आपबीती, पुलिस की गाड़ी में बनाया बंधक
लिसाड़ी गेट निवासी धागा व्यापारी रासिख ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उपनिरीक्षक लोकेन्द्र साहू और महेश कुमार ने उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। आरोप है कि दोनों दरोगाओं ने व्यापारी को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाया और बंधक बना लिया। व्यापारी को डराया गया कि उसके पैर में गोली मारकर फर्जी एनकाउंटर कर दिया जाएगा। जान के डर से व्यापारी पूरी तरह टूट गया।
मुंह में पिस्टल डालकर मांगे 20 लाख रुपये
पीड़ित व्यापारी का आरोप है कि दरोगाओं ने उसके मुंह में पिस्टल डाल दी और साफ कहा कि अगर 20 लाख रुपये नहीं दिए तो उसे वहीं मार दिया जाएगा। मौत के खौफ में व्यापारी ने किसी तरह रकम का इंतजाम कर दरोगाओं को दे दी। बाद में जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो उसे फिर धमकाया गया। दरोगाओं ने कहा कि यह पैसा हवाला का है और अगर ज्यादा सवाल किए तो जान से हाथ धो बैठोगे।
FIR होते ही फरार हुए दोनों दरोगा
10 फरवरी 2026 को लिसाड़ी गेट थाने में जैसे ही मुकदमा दर्ज हुआ, दोनों दरोगा रातों-रात फरार हो गए। सूत्रों के मुताबिक, फंसते देख आरोपियों ने व्यापारी को 15 लाख रुपये वापस भी कर दिए, लेकिन इसके बावजूद कानूनी कार्रवाई नहीं रुकी।
एसएसपी ने दी सख्त चेतावनी
मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे ने कहा कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि दोनों दरोगाओं के खिलाफ बीएनएस की गंभीर धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं।
पुलिस की साख पर उठे सवाल
फिलहाल दोनों दरोगा फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। यह घटना एक बार फिर खाकी की वर्दी में छिपे अपराध पर बड़ा सवाल खड़ा करती है और आम लोगों के भरोसे को झकझोर देती है।
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