लखनऊ का अनोखा गणेश मंदिर, जहां मेहंदी से पूरी होती है शादी की मनोकामना, गणेश चतुर्थी पर 10 दिन तक उमड़ती है भीड़
लखनऊ के चौपटिया स्थित क्षमापति श्री गणेश जी मंदिर से जुड़ी विवाह की एक अनोखी मान्यता है। कहा जाता है कि शादी की मनोकामना रखने वाले श्रद्धालु भगवान गणेश को नारियल चढ़ाने के बाद मंदिर से मिली मेहंदी लगाते हैं। मान्यता है कि इससे विवाह की इच्छा पूरी होती है और जीवनसाथी मिलता है। मंदिर संतान प्राप्ति और उसकी रक्षा से जुड़ी मान्यताओं के लिए भी प्रसिद्ध है। गणेश चतुर्थी पर यहां 10 दिनों तक हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
लखनऊ। गणेश चतुर्थी के मौके पर देशभर में भगवान गणेश के मंदिरों और पंडालों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। इसी बीच लखनऊ का एक ऐसा गणेश मंदिर भी चर्चा में है, जहां शादी की मनोकामना से जुड़ी एक अनोखी मान्यता है। चौपटिया स्थित क्षमापति श्री गणेश जी मंदिर में अविवाहित लोग नारियल चढ़ाते हैं और इसके बाद मंदिर से मिली मेहंदी लगाते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से विवाह की मनोकामना पूरी होती है और जीवनसाथी मिलने का रास्ता बनता है। मंदिर से जुड़ी मान्यताएं सिर्फ विवाह तक सीमित नहीं हैं। संतान प्राप्ति और उसकी रक्षा को लेकर भी यहां श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। गणेश चतुर्थी के दौरान मंदिर में 10 दिनों तक विशेष आयोजन होते हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
शादी की मनोकामना लेकर पहुंचते हैं श्रद्धालु
मंदिर के अध्यक्ष के मुताबिक, चौपटिया का यह शहर का इकलौता प्रमुख गणेश मंदिर माना जाता है। मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन के लिए पूरे साल श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन गणेश चतुर्थी के दौरान यहां भक्तों की संख्या काफी बढ़ जाती है। जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही होती है, वे शादी की मनोकामना लेकर मंदिर पहुंचते हैं। यहां भगवान गणेश को नारियल चढ़ाने के बाद मंदिर से मेहंदी प्राप्त करने की परंपरा बताई जाती है। मान्यता है कि मंदिर से मिली इस मेहंदी को लगाने से विवाह की मनोकामना पूरी होती है और भक्त को जीवनसाथी मिलता है। इसी विश्वास के चलते विवाह की इच्छा रखने वाले कई लोग मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं।
बेटे के लापता होने पर मंदिर पहुंचे थे राजकुमार
मंदिर से जुड़ी एक और घटना का जिक्र अध्यक्ष राजेंद्र नारायण बाजपेई करते हैं। उनके मुताबिक, राजकुमार मल्होत्रा का 10 साल का बेटा लापता हो गया था। करीब 15 दिन तक उसकी कोई जानकारी नहीं मिली। बेटे की तलाश के बीच राजकुमार मंदिर पहुंचे और भगवान गणेश के सामने माथा टेका। मंदिर में प्रार्थना करने के कुछ ही देर बाद उन्हें बेटे के मिलने की खबर मिली। इस घटना के बाद परिवार की भगवान गणेश के प्रति आस्था और मजबूत हो गई। मंदिर से जुड़े लोग इसे भगवान गणेश की कृपा से जोड़कर देखते हैं।
संतान प्राप्ति और उसकी रक्षा की भी मान्यता
चौपटिया स्थित इस मंदिर में संतान प्राप्ति और संतान की रक्षा से जुड़ी मान्यताएं भी हैं। भक्त अपनी मनोकामनाओं के साथ भगवान गणेश की पूजा करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गणेश चतुर्थी का पर्व खास महत्व रखता है। इस दौरान 10 दिनों तक विशेष पूजा और दर्शन का सिलसिला चलता है।
गणेश चतुर्थी पर 10 दिन तक उमड़ती है भीड़
गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। शहर के अलग-अलग इलाकों से लोग भगवान गणेश के दर्शन के लिए चौपटिया पहुंचते हैं। मंदिर के आसपास के बाजारों में भी गणेश चतुर्थी को लेकर रौनक बढ़ गई है। जगह-जगह गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है। बाजारों और पंडालों में गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। गणेश चतुर्थी के 10 दिनों तक चौपटिया का यह मंदिर भी भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहता है। कोई विवाह की मनोकामना लेकर पहुंचता है, कोई संतान के लिए प्रार्थना करता है तो कोई परिवार की सुख-शांति के लिए भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने आता है। यही मान्यताएं चौपटिया के क्षमापति श्री गणेश जी मंदिर को लखनऊ के प्रमुख गणेश मंदिरों में खास पहचान देती हैं।
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