मायावती ने आकाश आनंद की वापसी का रास्ता बताया, लेकिन सामने रखी ये बड़ी शर्त, अशोक सिद्धार्थ बोले- बहनजी कहें तो जान दे दूंगा

मायावती ने आकाश आनंद की बसपा में वापसी को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ अगर राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लेते हैं, तभी आकाश को स्वतंत्र रूप से काम करने का मौका मिल सकता है और उनकी पुरानी जिम्मेदारियां वापस देने पर विचार होगा। मायावती के बयान पर अशोक सिद्धार्थ ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि बहनजी का आदेश हो तो वह अपनी जान तक दे सकते हैं।

Sep 9, 2026 - 17:39
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मायावती ने आकाश आनंद की वापसी का रास्ता बताया, लेकिन सामने रखी ये बड़ी शर्त, अशोक सिद्धार्थ बोले- बहनजी कहें तो जान दे दूंगा

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने पहली बार साफ तौर पर बताया है कि उनके भतीजे आकाश आनंद की पार्टी में वापसी किन परिस्थितियों में हो सकती है। इसके लिए उन्होंने आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ के सामने राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेने की शर्त रखी है। मायावती ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में अशोक सिद्धार्थ पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ अगर अपने दामाद आकाश आनंद का भला चाहते हैं तो उन्हें राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए। मायावती के मुताबिक, ऐसा होने पर ही आकाश आनंद को स्वतंत्र रूप से काम करने का मौका मिल सकेगा। इस बयान के बाद बसपा की अंदरूनी राजनीति में आकाश आनंद की वापसी को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। वहीं, मायावती के बयान पर अशोक सिद्धार्थ ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राजनीति से संन्यास तो बहुत छोटी चीज है। बहनजी का आदेश हो तो मैं अपनी जान दे दूंगा।

मायावती ने आकाश आनंद को 3 सितंबर को पद से हटाया था
मायावती ने 3 सितंबर 2026 को आकाश आनंद को पार्टी के पदों से हटा दिया था। हालांकि उन्हें पार्टी से बाहर नहीं किया गया। वह अभी बसपा में एक सामान्य समर्थक के तौर पर जुड़े हुए हैं। उस समय मायावती ने कहा था कि आकाश आनंद को अभी राजनीतिक रूप से और अधिक परिपक्व होने की जरूरत है। अब छह दिन बाद मायावती के नए बयान ने आकाश आनंद की राजनीतिक भविष्य को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। मायावती ने अपने बयान में आकाश आनंद की मौजूदा स्थिति के लिए उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को जिम्मेदार ठहराया है।

मायावती ने अशोक सिद्धार्थ पर लगाए निजी महत्वाकांक्षा के आरोप
9 सितंबर को बसपा कार्यालय की ओर से जारी पत्र में मायावती ने पार्टी के मिशन और आगामी चुनावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के चुनाव बसपा के लिए महत्वपूर्ण हैं। पार्टी डॉ. आंबेडकर के शोषित से शासक वर्ग बनने के सपने को पूरा करने के लिए पूरी ताकत से जुटी हुई है। मायावती ने बहुजन मूवमेंट और आरक्षण को लेकर खड़ी की जा रही चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने दलित समाज से अपील की कि निजी स्वार्थ में ऐसा कोई काम न किया जाए, जिससे पार्टी के मिशन को नुकसान पहुंचे। इसी क्रम में उन्होंने पार्टी से निष्कासित पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ का उदाहरण दिया। मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ ने पार्टी के मिशन से ज्यादा अपनी निजी और पारिवारिक महत्वाकांक्षाओं को महत्व दिया। उनके मुताबिक, इसका सीधा खामियाजा आकाश आनंद को भुगतना पड़ा है।

राजनीति छोड़ेंगे अशोक सिद्धार्थ तो आकाश को मिल सकता है फ्री हैंड
मायावती ने साफ किया कि अशोक सिद्धार्थ के पास अभी भी मौका है कि वह राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लें। अगर ऐसा होता है तो आकाश आनंद को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिल सकता है। इसके बाद बसपा उनकी पुरानी जिम्मेदारियां वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकती है। यानी मायावती के बयान में आकाश आनंद की वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। बल्कि वापसी के लिए एक रास्ता सामने रखा गया है और वह रास्ता अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से अलग होने से होकर गुजरता है।

3 सितंबर को ही सामने आ गया था संकेत
दिलचस्प बात यह है कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास की बात मायावती के ताजा बयान से पहले भी पार्टी के भीतर सामने आ चुकी थी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 3 सितंबर को राष्ट्रीय बैठक के बाद राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने भी इसी तरह का संकेत दिया था। वीवीआईपी गेस्ट हाउस में उनसे मिलने पहुंचे भीमराव अंबेडकर, विजय प्रताप और मुनकाद अली के सामने उन्होंने कहा था कि अगर आकाश आनंद को राजनीति में सक्रिय देखना है तो अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से अलग होना होगा। इसके बाद अब मायावती की ओर से भी इसी शर्त का सामने आना पार्टी के भीतर चल रही रणनीति की ओर इशारा कर रहा है।

जेवर में आकाश आनंद ने पार्टी के सिस्टम पर उठाए थे सवाल
आकाश आनंद और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेदों की चर्चा के पीछे उनके 25 अगस्त के जेवर कार्यक्रम में दिए गए बयान को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नोएडा के जेवर में आकाश आनंद ने पार्टी के अंदरूनी ढांचे को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपने राजनीतिक करियर को उसी दिन दांव पर लगा दिया था, जिस दिन उन्होंने सुधार करने और सबकी सुनने की बात कही थी। आकाश आनंद ने पार्टी के कुछ पदाधिकारियों पर काम नहीं करने देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि गलत लोग गलत जगह बैठे हुए हैं और कई ऐसी रणनीतियां और तकनीकें हैं, जिन्हें पार्टी अपनाना चाहती है, लेकिन मौजूदा स्ट्रक्चर के कारण ऐसा नहीं कर पा रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि कुछ लोगों को वह बड़ा मानते हैं और उनका सम्मान करते हैं, इसलिए उन्हें बिना छेड़े कुछ सुधार करने की कोशिश कर रहे थे।

आकाश के बयान में 2024 के प्रदर्शन का भी जिक्र था
जेवर में आकाश आनंद ने बसपा के चुनावी प्रदर्शन को लेकर भी चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि 31 प्रतिशत वोट वाली पार्टी इसी स्ट्रक्चर के कारण 2024 में 9.4 प्रतिशत वोट पर पहुंच गई। उनके मुताबिक, यह 2022 में मिले 13 प्रतिशत वोट के झटके से भी बड़ा नुकसान था। आकाश आनंद के इस बयान को पार्टी के अंदरूनी ढांचे में बदलाव की उनकी कोशिश के तौर पर देखा गया था। इसके कुछ ही दिन बाद उन्हें पार्टी के पदों से हटा दिया गया।अब मायावती के ताजा बयान के बाद आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य को लेकर फिर से चर्चा तेज हो गई है।

अशोक सिद्धार्थ का जवाब भी आया सामने
मायावती के बयान पर अशोक सिद्धार्थ ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीति से संन्यास लेना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि बहनजी का आदेश हो तो वह अपनी जान भी दे सकते हैं। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि क्या अशोक सिद्धार्थ वास्तव में राजनीति से संन्यास की घोषणा करते हैं और इसके बाद मायावती आकाश आनंद को उनकी पुरानी जिम्मेदारियां वापस देती हैं या नहीं। फिलहाल मायावती के बयान ने बसपा की अंदरूनी राजनीति में एक बात स्पष्ट कर दी है कि आकाश आनंद की वापसी का दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। 

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content