2017 में हर 10 में 6 शिकायतें राशन की, अब हुई जीरो, लोकायुक्त के 50 साल पूरे होने पर बोले सीएम योगी- तकनीक से बदली व्यवस्था

लोक आयुक्त संगठन के 50वें स्थापना दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सरकार में जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर दिया। योगी ने कहा कि 2017 में जनता दर्शन की करीब 60% शिकायतें राशन से जुड़ी थीं, लेकिन अब पीडीएस की शिकायतें शून्य हो गई हैं।

Sep 14, 2026 - 13:02
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2017 में हर 10 में 6 शिकायतें राशन की, अब हुई जीरो, लोकायुक्त के 50 साल पूरे होने पर बोले सीएम योगी- तकनीक से बदली व्यवस्था

लखनऊ के जनता दर्शन में कभी राशन सबसे बड़ी शिकायत हुआ करता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक 2017 में जनता दर्शन में आने वाले हर 100 लोगों में करीब 60 लोग राशन और खाद्यान्न वितरण से जुड़ी शिकायत लेकर पहुंचते थे। अब तस्वीर बदल गई है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज करीब 500 लोग जनता दर्शन में पहुंचते हैं, लेकिन सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस को लेकर शिकायतें शून्य हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बात लखनऊ के गोमतीनगर स्थित लोक आयुक्त कार्यालय में लोक आयुक्त संगठन के 50वें स्थापना दिवस समारोह में कही। इस दौरान उन्होंने लोक आयुक्त प्रशासन की स्मारिका और सूचना पुस्तिका का विमोचन किया। समारोह में लोक आयुक्त संगठन की पांच दशक की यात्रा को प्रदर्शनी के जरिए भी सामने रखा गया। इसमें संगठन के गठन से लेकर अब तक शिकायतों की जांच और प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।

राशन की शिकायतें कैसे पहुंचीं शून्य तक
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में जब उनकी सरकार बनी, तब जनता दर्शन में आने वाली शिकायतों में राशन और खाद्यान्न वितरण से जुड़े मामले बड़ी संख्या में होते थे। 100 लोग जनता दर्शन में आते थे तो करीब 60 लोग राशन की समस्या लेकर पहुंचते थे। सरकार ने इस व्यवस्था में गड़बड़ी रोकने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया। प्रदेश की करीब 80 हजार राशन दुकानों पर ई-पॉस मशीनें लगाई गईं। इन मशीनों को मुख्यालय की स्क्रीन से जोड़ा गया, जिससे राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ी पर तत्काल नजर रखी जा सके। मुख्यमंत्री के मुताबिक किसी राशन दुकान की ई-पॉस मशीन में गड़बड़ी होने पर मुख्यालय को तत्काल अलर्ट मिलने लगा। इससे व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ी और इसका असर जनता की शिकायतों पर भी दिखाई दिया। योगी ने दावा किया कि आज करीब 500 लोग जनता दर्शन में आते हैं, लेकिन पीडीएस से जुड़ी शिकायतें नहीं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 16 करोड़ लोगों को बिना किसी भेदभाव के राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।

लोक सेवक के पास ताकत हो, लेकिन अहंकार नहीं
लोक आयुक्त संगठन के 50 साल पूरे होने के मौके पर मुख्यमंत्री ने सरकारी व्यवस्था में जवाबदेही के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोक सेवक जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं। कई बार किसी व्यक्ति को अधिकार और ताकत मिलने के बाद उसके व्यवहार में अहंकार आ सकता है। योगी ने इसी संदर्भ में प्रभुता पाई काहि मद नाहीं का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्ता या अधिकार मिलने के बाद व्यक्ति के व्यवहार में अहंकार नहीं आना चाहिए। लोकायुक्त जैसी संस्थाएं लोक सेवकों को उनकी जिम्मेदारी, जवाबदेही और नैतिक दायित्व का एहसास कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ताकत मिलने के बाद कोई लोक सेवक उच्छृंखल या उद्दंड न हो, इसके लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है जो उसे उसकी जिम्मेदारी और मर्यादा का एहसास कराती रहे।

शिकायत लोकायुक्त तक पहुंची तो मेरिट पर होगा निस्तारण
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में लोकपाल और लोकायुक्त जैसी संस्थाओं को मजबूत करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। जिस समय इन संस्थाओं की जरूरत महसूस की गई थी, वह जरूरत आज भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अगर कोई लोक सेवक गलत काम करता है तो संभव है कि किसी स्तर पर उसे बचाने का प्रयास किया जाए। लेकिन जब शिकायत लोकायुक्त संगठन तक पहुंचती है तो मामले का मेरिट के आधार पर निस्तारण किया जा सकता है। योगी ने कहा कि लोकायुक्त जैसी संस्थाएं सिर्फ शिकायतों के निस्तारण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि लोक सेवकों में जवाबदेही और जिम्मेदारी का भाव बनाए रखने में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

जमीन के लैंड यूज मामलों में 30 दिन की समय सीमा
मुख्यमंत्री ने लैंड यूज से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों के निस्तारण के लिए समय सीमा तय की गई है। अगर 30 दिन के भीतर मामले का समाधान नहीं होता है तो उसे डीम्ड माना जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी मामले का गलत तरीके से निस्तारण किया गया है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी। हालांकि, जिस व्यक्ति को जमीन का लाभ मिला है, उसकी जवाबदेही तय नहीं होगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक पिछले साढ़े 9 साल में लैंड यूज से जुड़े 34 लाख मामलों का समाधान किया गया है। इसी अवधि में 9 लाख नए मामले भी सामने आए हैं। इन मामलों की भी मेरिट के आधार पर जांच कर समाधान किया जा रहा है।

50 साल की यात्रा में शिकायतों की जांच से लेकर जवाबदेही तक
लोक आयुक्त संगठन के 50वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में संगठन की पांच दशक की यात्रा को भी प्रदर्शनी के जरिए दिखाया गया। इसमें संगठन के गठन से लेकर अब तक किए गए काम, शिकायतों की जांच और प्रमुख उपलब्धियों को सामने रखा गया। समारोह में मुख्यमंत्री का संदेश साफ था कि शासन में अधिकार के साथ जवाबदेही भी जरूरी है। एक तरफ लोकायुक्त जैसी संस्थाओं को लोक सेवकों की जवाबदेही तय करने का माध्यम बताया गया, तो दूसरी तरफ राशन वितरण और लैंड यूज जैसे मामलों में तकनीक और समय सीमा के जरिए शिकायतों को कम करने की तस्वीर पेश की गई। राशन से जुड़ी शिकायतों का 60 फीसदी से शून्य तक पहुंचना इसी बदलाव का उदाहरण बताया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, जनता दर्शन में लोगों की संख्या बढ़ने के बावजूद पीडीएस से जुड़ी शिकायतें अब नहीं आ रही हैं। यानी सरकार के मुताबिक शिकायतों की संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि शिकायत किस व्यवस्था को लेकर आ रही है और उस व्यवस्था में सुधार कितना हुआ है।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content