कासगंज में 25 से ज्यादा घरों में घुसा पानी, सुविधा के लिए बन रहा नाला अब बना मुसीबत, आधा दर्जन मकानों पर मंडराया खतरा
कासगंज के गंजडुंडवारा में अधूरे नाला निर्माण ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी। छह घंटे से अधिक बारिश के बाद 25 से ज्यादा घरों में पानी घुस गया, जबकि आधा दर्जन मकानों की नींव पर खतरा मंडरा रहा है। आखिर नाला निर्माण के दौरान पानी की निकासी क्यों रुकी ?
कासगंज। बारिश से जलभराव की समस्या तो अक्सर सामने आती है, लेकिन कासगंज के गंजडुंडवारा में नाला निर्माण ही लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया। करीब एक महीने पहले शुरू हुआ नाला निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। इसी बीच छह घंटे से अधिक हुई बारिश ने अधूरे निर्माण की पूरी पोल खोल दी। पानी की निकासी रुकने से वार्ड नंबर 19 के पूरबथोक मोहल्ले की गलियां जलमग्न हो गईं और 25 से अधिक घरों में पानी घुस गया। स्थिति इतनी बिगड़ी कि करीब आधा दर्जन मकानों की नींव पर भी खतरा मंडराने लगा। रात के समय अचानक घरों में पानी घुसने से लोग परेशान हो गए। किसी ने घर का सामान ऊंचाई पर रखना शुरू किया तो कोई पानी निकालने में जुट गया। जलभराव के चलते लोगों के चारपाई, कपड़े, बिस्तर और घरेलू सामान भीगकर खराब हो गए।
नाले का पानी रोकना पड़ा भारी
मामला नगर पालिका परिषद गंजडुंडवारा के वार्ड संख्या 19 के मोहल्ला पूरबथोक का है। यहां करीब एक महीने से नाला निर्माण का काम चल रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, निर्माण कार्य के दौरान संबंधित ठेकेदार ने नाले में पानी का प्रवाह रोक दिया था। इसी बीच करीब छह घंटे से अधिक हुई बारिश के बाद नाले में अचानक पानी का दबाव बढ़ गया। पानी की निकासी बाधित होने के कारण वह बंधे के ऊपर से बहने लगा। इसके बाद आसपास की गलियों में तेजी से पानी भर गया और देखते ही देखते हालात लोगों के लिए मुश्किल हो गए।
किसी गली में दो फीट तो कहीं तीन फीट तक पानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव की स्थिति काफी गंभीर थी। एक गली में करीब एक से दो फीट तक पानी भर गया, जबकि पिछली गली में पानी का स्तर दो से तीन फीट से भी अधिक पहुंच गया। पानी सिर्फ गलियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई घरों के कमरों तक पहुंच गया। रात में अचानक पानी बढ़ने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घरों में रखा सामान बचाने के लिए लोग देर रात तक जद्दोजहद करते रहे। 25 से अधिक घरों में पानी घुसने से लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। चारपाई, कपड़े, बिस्तर और दूसरे घरेलू सामान पानी में भीग गए।
नाला सुविधा के लिए बन रहा था, लेकिन मुसीबत बन गया
स्थानीय लोगों में नगर पालिका और ठेकेदार की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है। लोगों का कहना है कि नाला निर्माण का उद्देश्य जल निकासी को बेहतर करना और मोहल्ले के लोगों को राहत देना है, लेकिन निर्माण के दौरान ही जल निकासी बाधित हो गई। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पानी की निकासी की पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। यही वजह रही कि बारिश होते ही पानी लोगों के घरों में पहुंच गया। मकानों की नींव के आसपास पानी भरने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों को डर है कि यदि लगातार बारिश हुई और पानी इसी तरह जमा रहा तो मकानों को नुकसान पहुंच सकता है।
जांच और तत्काल सुरक्षा की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नाला निर्माण की गुणवत्ता और निर्माण के तरीके की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जहां कटान हुआ है, वहां तत्काल सुरक्षा के इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि मकानों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। इसके साथ ही लोगों ने मांग की है कि जब तक नाला निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक पानी की निकासी के लिए स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान जल निकासी बाधित नहीं होनी चाहिए। लोगों को अब डर है कि अगर समय रहते नगर पालिका ने ठोस कदम नहीं उठाए तो अगली तेज बारिश में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में नाला निर्माण, जो लोगों के लिए राहत का जरिया बनना था, फिलहाल उन्हीं के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गया है।
रिपोर्ट-: जुम्मन कुरैशी
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
