24 फरवरी से शुरू हो रहा है होलाष्टक… भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना पड़ सकता है भारी

होलाष्टक 2026 कब से शुरू हो रहा है, कितने दिन रहेगा और इस दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं, आसान भाषा में पूरी जानकारी पढ़ें।

Feb 23, 2026 - 09:38
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24 फरवरी से शुरू हो रहा है होलाष्टक… भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना पड़ सकता है भारी

Holashtak 2026: होली से ठीक आठ दिन पहले शुरू होने वाला होलाष्टक इस साल 24 फरवरी से आरंभ हो रहा है। सनातन धर्म में इसे एक विशेष लेकिन अशुभ अवधि माना जाता है, जो होलिका दहन यानी 3 मार्च तक रहेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन आठ दिनों में मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता यह भी है कि इसी अवधि में असुर राजा हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र और भगवान विष्णु के परम भक्त प्रहलाद को कष्ट दिए थे। इसलिए इन दिनों को कठिन और उग्र ग्रहों का समय माना जाता है। हालांकि अशुभ होने के बावजूद इसका धार्मिक महत्व भी बताया गया है।

कब से कब तक रहेगा होलाष्टक
धार्मिक पंचांग के अनुसार होलाष्टक हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शुरू होता है। इस वर्ष यह 24 फरवरी से शुरू होकर 3 मार्च को होलिका दहन के साथ समाप्त होगा। इन आठ दिनों को अशुभ काल माना जाता है, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते। मान्यता है कि इस दौरान ग्रहों की स्थिति उग्र रहती है और किए गए शुभ कार्यों का पूरा फल नहीं मिलता।

होलाष्टक में क्या करना चाहिए
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलाष्टक के दिनों में पूजा-पाठ, जप-तप और दान-दक्षिणा करना शुभ माना गया है। भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए और कुल देवी-देवताओं का भी ध्यान करना चाहिए। रोजाना ऋण मोचन स्तोत्र, विष्णु सहस्त्रनाम, हनुमान चालीसा और श्रीसूक्त का पाठ करने की सलाह दी जाती है। इन दिनों पितरों का तर्पण करना भी अच्छा माना गया है। ग्रहों की शांति के लिए पूजा या यज्ञ कराना लाभकारी बताया गया है। यदि संभव हो तो मथुरा-वृंदावन की परिक्रमा करना भी शुभ माना जाता है।

होलाष्टक में क्या नहीं करना चाहिए
मान्यताओं के अनुसार होलाष्टक में शादी-विवाह, भूमि या भवन खरीदना, वाहन लेना और किसी भी प्रकार का मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए। सनातन धर्म के 16 संस्कारों में से कोई भी संस्कार इस अवधि में नहीं किया जाता। साथ ही नवविवाहित महिलाओं को इस समय ससुराल में रहने से भी बचने की सलाह दी जाती है।

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। यूपी न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। वे राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में उन्हें 2 वर्ष का अनुभव है। उन्होंने रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव रखते हैं। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से वे यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़े हैं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। उनकी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान वे कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुके हैं।