अखिलेश ने फिर पहना नीला गमछा, एक्सप्रेसवे पर सरकार को घेरा, 13 साल बाद सपा में लौटे पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा

लखनऊ में अखिलेश यादव ने नीला गमछा पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और एक्सप्रेसवे, रोजगार, कानून-व्यवस्था व भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। इसी दौरान पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा 13 साल बाद भाजपा छोड़कर सपा में लौटे। 

Sep 17, 2026 - 17:29
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अखिलेश ने फिर पहना नीला गमछा, एक्सप्रेसवे पर सरकार को घेरा, 13 साल बाद सपा में लौटे पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा

लखनऊ में समाजवादी पार्टी के मुख्यालय पर गुरुवार को अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस सिर्फ एक्सप्रेसवे की बदहाली के आरोपों तक सीमित नहीं रही। प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले अलग-अलग एक्सप्रेसवे की स्थिति पर आधारित एक फिल्म दिखाई गई, फिर अखिलेश यादव ने सरकार पर सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए। इसी दौरान भाजपा छोड़कर पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा करीब 13 साल बाद समाजवादी पार्टी में लौटे। पूरे कार्यक्रम में अखिलेश यादव के गले में नजर आया नीला गमछा भी चर्चा में रहा। पिछले दिनों सपा के नीले रंग को लेकर बसपा प्रमुख मायावती की ओर से सवाल उठाए गए थे। ऐसे माहौल में अखिलेश का फिर नीला गमछा पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करना राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन गया। मायावती ने हाल में कहा था कि सिर्फ नीला रंग अपनाने से किसी पार्टी की सोच नहीं बदलती और इसे आंबेडकरवादी होने का आधार नहीं माना जा सकता। लेकिन गुरुवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम राम आसरे कुशवाहा की वापसी रही। पूर्व मंत्री और पुराने समाजवादी नेता कुशवाहा ने भाजपा छोड़कर सपा की सदस्यता ग्रहण की। उनकी करीब 13 साल बाद सपा में वापसी हुई है।

एक्सप्रेसवे की फिल्म से शुरू हुआ हमला
अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले पार्टी मुख्यालय में यूपी के अलग-अलग एक्सप्रेसवे की स्थिति पर एक फिल्म दिखाई गई। इसमें गंगा एक्सप्रेसवे, कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे और दूसरे एक्सप्रेसवे से जुड़े वीडियो और तस्वीरों के जरिए निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जिन एक्सप्रेसवे को विकास की बड़ी परियोजनाओं के तौर पर पेश किया गया, उनमें निर्माण और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे की स्थिति का जिक्र करते हुए इसे लेकर सरकार पर तंज भी किया। गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर अखिलेश पहले भी निर्माण की गुणवत्ता और बारिश के बाद सामने आई समस्याओं पर सवाल उठा चुके हैं। सितंबर की शुरुआत में भी उन्होंने एक्सप्रेसवे पर गड्ढों और कथित निर्माण खामियों को लेकर सरकार पर निशाना साधा था।

गंगा से लेकर कानपुर-लखनऊ तक, अखिलेश ने गिनाईं कमियां
अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उनका आरोप था कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे उद्घाटन के बाद ही धंसने लगा था और वहां अभी भी मरम्मत का काम चल रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को लेकर उन्होंने कहा कि वहां लड़ाकू विमान उतारने जैसी उपलब्धियां तो दिखाई गईं, लेकिन सड़क की गुणवत्ता पर सवाल हैं। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को लेकर अखिलेश ने हाल में भी निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। उन्होंने ठेकेदारों और परियोजनाओं की निगरानी को लेकर सरकार से जवाब मांगा। इन दावों पर सरकार और संबंधित एजेंसियों का पक्ष अलग हो सकता है, इसलिए इन्हें अखिलेश यादव के आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

हमारी बनाई सड़कें आज भी नंबर-1: अखिलेश
अखिलेश यादव ने अपनी सरकार के दौरान बने एक्सप्रेसवे और दूसरी परियोजनाओं का बचाव करते हुए कहा कि समाजवादी सरकार के समय कराए गए निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को देश के बेहतरीन एक्सप्रेसवे में बताया। साथ ही गोमती रिवर फ्रंट, साइकिल हाईवे और सपा सरकार में बांटे गए लैपटॉप का भी जिक्र किया। अखिलेश ने भाजपा सरकार पर एक्सप्रेसवे के रखरखाव के पैसे के इस्तेमाल को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार एक्सप्रेसवे के किनारे मंडियां तक विकसित नहीं कर पाई।

रोजगार और पेपर लीक पर भी सरकार को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लेकिन बड़े आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर युवाओं को रोजगार देने और सामाजिक न्याय के एजेंडे को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। अर्थव्यवस्था और डिजिटल लेनदेन पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। नोटबंदी का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि इसका असर आम लोगों पर पड़ा। उन्होंने यूपीआई व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। 

200 करोड़ पेड़ लगाने के दावे पर मांगा जवाब 
अखिलेश यादव ने पर्यावरण और पौधरोपण के आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार के कागजों पर 200 करोड़ पेड़ लगाए जाने की बात सामने आ रही है। उन्होंने अपनी सरकार के समय हुए पौधरोपण का उदाहरण देते हुए पूछा कि अगर इतने बड़े पैमाने पर पेड़ लगाए गए हैं, तो सरकार यह बताए कि उनके लिए जमीन कहां है। यह दावा भी अखिलेश यादव के बयान पर आधारित है और इसके वास्तविक आंकड़ों की पुष्टि के लिए सरकारी रिकॉर्ड देखना जरूरी होगा।

कानून-व्यवस्था और एलडीए पर भी हमला
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्रदेश में हो रही आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए। उन्होंने साइबर क्राइम और पत्रकारों से जुड़े मामलों को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए। इसके साथ ही लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी एलडीए को लेकर उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अखिलेश यादव इससे पहले भी उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था को लेकर सरकार पर आरोप लगाते रहे हैं। हालिया बयानों में उन्होंने प्रशासन पर मनमाने तरीके से काम करने और पुलिस को खुली छूट मिलने का आरोप लगाया था।

विश्वकर्मा जयंती पर छुट्टी और मंदिर का ऐलान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने विश्वकर्मा जयंती को लेकर भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर सार्वजनिक अवकाश फिर से बहाल किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट पर भगवान विश्वकर्मा का भव्य मंदिर बनाने की बात कही। यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब सपा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने हाल के दिनों में छात्र संगठन और प्रस्तावित PDA यात्रा के जरिए भी सामाजिक और युवा समूहों तक पहुंच बनाने की गतिविधियां तेज की हैं।

13 साल बाद सपा में लौटे राम आसरे कुशवाहा
प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम पूर्व मंत्री राम आसरे कुशवाहा की सपा में वापसी रहा। उन्होंने भाजपा छोड़कर सपा की सदस्यता ली। कुशवाहा पहले समाजवादी पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं और मुलायम सिंह यादव के करीबी नेताओं में गिने जाते रहे हैं। कुशवाहा ने अपने समर्थकों के साथ सपा में वापसी की। उन्होंने अखिलेश यादव को मुलायम सिंह यादव की तस्वीर भेंट की और पार्टी के लिए आर्थिक सहयोग भी दिया। कुशवाहा ने कहा कि राजनीति में सम्मान सबसे जरूरी है और जहां सम्मान मिलता है, वहीं रिश्ता कायम रहता है। उन्होंने अखिलेश यादव को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ काम करने की बात कही। अखिलेश यादव ने भी उनके सपा में आने को पार्टी और PDA के लिए मजबूती से जोड़कर पेश किया।

कुशवाहा की वापसी क्यों चर्चा में है?
राम आसरे कुशवाहा की सपा में वापसी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह लंबे समय तक उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने बसपा से राजनीतिक सफर शुरू किया था, बाद में सपा में आए और संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। इसके बाद सपा से दूरी बनी और वह भाजपा में चले गए। अब करीब 13 साल बाद वह फिर अखिलेश यादव के साथ खड़े हैं। उनकी वापसी ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हैं। सपा पहले ही PDA को लेकर अपना अभियान आगे बढ़ा रही है और अक्टूबर के अंत में प्रस्तावित PDA यात्रा की तैयारी भी चल रही है।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content