कमिश्नर की पत्नी के इलाज के लिए पहुंचा डॉक्टर, नशे में होने का आरोप… DM के आदेश पर शुरू हुई जांच
रोहतास में कमिश्नर की पत्नी का इलाज करने पहुंचे डॉक्टर पर शराब पीने का आरोप लगा है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा है।
Bihar News: बिहार के रोहतास जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां पटना प्रमंडल के कमिश्नर की पत्नी का इलाज करने पहुंचे एक डॉक्टर पर शराब के नशे में होने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि कमिश्नर की पत्नी अपनी मां के साथ प्रसिद्ध मां मुंडेश्वरी धाम के दर्शन करने गई थीं। लौटते समय पहाड़ी इलाके में उनके पैर में कांटा चुभ गया, जिसके बाद इलाज के लिए मेडिकल टीम को बुलाया गया। मौके पर पहुंचे डॉक्टर के व्यवहार को देखकर संदेह हुआ कि उन्होंने शराब पी रखी है। इस बात की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच के आदेश दे दिए।
कांटा निकालने पहुंचे डॉक्टर पर लगा आरोप
मिली जानकारी के अनुसार घटना बुधवार की बताई जा रही है। कमिश्नर की पत्नी दर्शन कर लौट रही थीं, तभी पहाड़ी रास्ते में उनके पैर में कांटा चुभ गया। प्राथमिक उपचार के लिए मेडिकल टीम को बुलाया गया। इस दौरान सदर अस्पताल के कार्यकारी उपाधीक्षक डॉ. असित रंजन मौके पर पहुंचे और उन्होंने कांटा निकालने की कोशिश की। लेकिन इलाज के दौरान उनके व्यवहार और बातचीत को देखकर वहां मौजूद लोगों को संदेह हुआ कि डॉक्टर शराब के प्रभाव में हो सकते हैं।
प्रशासन को दी गई जानकारी, जांच शुरू
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कमिश्नर की पत्नी को डॉक्टर की स्थिति पर शक हुआ। इसके बाद इस बात की सूचना तुरंत जिला प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। डीएम के निर्देश पर सिविल सर्जन कार्यालय में डॉक्टर को बुलाकर शराब सेवन की जांच कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। बताया जा रहा है कि डॉक्टर कुछ समय तक कार्यालय में मौजूद रहे, लेकिन बाद में किसी बहाने से बाहर निकलकर अपनी कार से वहां से चले गए। सूत्रों के मुताबिक आरोपी डॉक्टर का सैंपल लेकर जांच कराई जा सकती है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उन्होंने शराब का सेवन किया था या नहीं।
पहले भी विवादों में आ चुका है नाम
जानकारी के अनुसार संबंधित डॉक्टर का नाम पहले भी विवादों में सामने आ चुका है। बताया जाता है कि इससे पहले भी ड्यूटी के दौरान शराब पीने के आरोप में उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई हुई थी और जुर्माना भी भरना पड़ा था। सिविल सर्जन ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉक्टर से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार आगे विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर ने आरोपों को बताया गलत
वहीं इस पूरे मामले में डॉक्टर असित रंजन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि इलाज के समय उनकी ड्यूटी ट्रॉमा सेंटर में थी। उन्होंने यह भी कहा कि वह काफी देर तक जांच के लिए सैंपल टीम का इंतजार करते रहे, लेकिन जब टीम नहीं पहुंची तो वह वहां से चले गए।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
