योगी बोले- बेटी को छेड़ने वाला अपने डेथ सेंटेंस पर खुद साइन करता है, 912 पुलिसकर्मियों को बांटे नियुक्ति पत्र

लखनऊ में 912 पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र बांटते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने बेटियों की सुरक्षा, पुलिस भर्ती और कानून-व्यवस्था पर कई बड़ी बातें कहीं। योगी ने 2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था पर सवाल उठाए और अगले 6 महीने में एक लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी देने के लक्ष्य की भी बात कही।

Sep 20, 2026 - 14:11
Sep 20, 2026 - 14:13
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योगी बोले- बेटी को छेड़ने वाला अपने डेथ सेंटेंस पर खुद साइन करता है, 912 पुलिसकर्मियों को बांटे नियुक्ति पत्र

लखनऊ में पुलिस भर्ती के नए नियुक्ति पत्र बांटने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था से लेकर युवाओं की भर्ती तक कई मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा के 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज कोई किसी बेटी को छेड़ने का दुस्साहस नहीं कर सकता और अगर कोई ऐसा करता है तो उसे अपने अंजाम का पता है। मुख्यमंत्री ने इसे और सख्त अंदाज में रखते हुए कहा कि ऐसा करने वाला अपने मृत्युदंड पर खुद हस्ताक्षर कर रहा है। युवाओं की सरकारी भर्ती को लेकर मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की व्यवस्था पर सवाल उठाए और दावा किया कि उस समय भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और भाई-भतीजावाद की शिकायतें थीं। उन्होंने कहा कि पहले परीक्षा कोई देता था और नियुक्ति किसी और की हो जाती थी, इसलिए युवाओं के मन में नौकरी पाने के लिए सिफारिश और लेन-देन को लेकर सवाल उठते थे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में अब तक करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और अगले छह महीने में एक लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नियुक्ति देने का लक्ष्य रखा गया है। हाल के कार्यक्रमों में सरकार ने पुलिस, होमगार्ड और विभिन्न भर्ती आयोगों के जरिए बड़ी संख्या में नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही है।

योगी की 5 बड़ी बातें...

1- बेटी को छेड़ने वाला अपने डेथ सेंटेंस पर खुद साइन करता है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आज किसी बेटी के साथ छेड़खानी करने का दुस्साहस करने वाले को उसके अंजाम का पता है। योगी ने कहा कि अगर कोई यह नहीं समझता कि उसे क्या परिणाम भुगतना पड़ेगा, तो वह अपने डेथ सेंटेंस यानी मृत्युदंड पर खुद साइन कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था की चर्चा करते हुए 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश के कई हिस्सों में दंगे और लंबे समय तक कर्फ्यू की स्थिति बनती थी। बरेली, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर जैसे शहरों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि माफिया का दबदबा प्रशासन और पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। योगी ने सवाल उठाया कि क्या आज कोई माफिया खुलेआम असलहा लहराते हुए घूम सकता है या दंगा करने का दुस्साहस कर सकता है।

2- पहले भर्ती में भाई-भतीजावाद का आरोप, अब पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने पुलिस भर्ती को लेकर कहा कि अगर भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी हो तो पूरी व्यवस्था में बदलाव लाया जा सकता है। उनके मुताबिक 2017 से पहले प्रदेश में बड़ी संख्या में पुलिस पद खाली थे और भर्ती प्रक्रिया को लेकर कानूनी अड़चनें भी थीं। उन्होंने दावा किया कि करीब चार लाख पुलिसकर्मियों की जरूरत के मुकाबले उस समय लगभग दो लाख पुलिसकर्मी ही उपलब्ध थे। भर्ती प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद और गड़बड़ी के आरोपों के कारण युवाओं में निराशा थी। योगी ने कहा कि सरकार ने भर्ती बोर्ड और आयोगों की प्रक्रिया में बदलाव किया। ग्रुप-3 और ग्रुप-4 की भर्तियों में इंटरव्यू की व्यवस्था खत्म की गई और चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। हालिया सरकारी बयानों में भी मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए अगले छह महीने में एक लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियों का लक्ष्य दोहराया है।

3- पुलिसकर्मी खपरैल के नीचे सोते थे, अब बैरक पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने पुलिसकर्मियों की सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पहले पुलिस की बैरक व्यवस्था बेहद खराब थी। लखनऊ में निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को खपरैल के नीचे सोते हुए देखा था। इसके बाद सरकार ने पुलिस लाइनों और बैरकों की स्थिति सुधारने पर काम किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश के 56 जिलों में बड़े पुलिस बैरक बनाए गए हैं। उन्होंने पुलिस लाइन को पुलिस व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि दशकों से लंबित निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाया गया। पीएसी की जिन 34 कंपनियों को पहले खत्म कर दिया गया था, उनके दोबारा गठन का भी मुख्यमंत्री ने जिक्र किया। योगी के मुताबिक चुनावों के दौरान दूसरे राज्यों की ओर से भी उत्तर प्रदेश पुलिस की कंपनियों की मांग की जाती है।

4- पेपर लीक से लेकर भर्ती प्रक्रिया तक, योगी ने गिनाए बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में निराशा और हताशा थी। कभी पारदर्शिता पर सवाल उठते थे तो कभी चयन प्रक्रिया विवादों में रहती थी। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं का भी जिक्र किया। योगी ने कहा कि सरकार ने भर्ती आयोगों और बोर्ड की प्रक्रिया में बदलाव किया। ग्रुप-3 और ग्रुप-4 में इंटरव्यू खत्म करने के पीछे भी पारदर्शिता को एक वजह बताया गया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग कुछ नहीं कर पाए, वे हमेशा बोलते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जिनकी वजह से उत्तर प्रदेश को पिछड़े राज्य के तौर पर देखा जाता था, उनके कामकाज को प्रदेश और देश देख चुका है। हालांकि भर्ती प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री के दावों में 2017 से पहले की सरकारों पर लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं। हाल की रिपोर्टों में भी योगी ने पिछली सरकारों पर भर्ती में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं, जबकि वर्तमान सरकार अपनी भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी बताती है।

5- पुलिस की 110 एकड़ जमीन पर कब्जे का मामला भी सामने आया
योगी आदित्यनाथ ने पुलिस की जमीन से जुड़े एक मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट के लिए जमीन तलाशते समय पता चला कि पुलिस की करीब 110 एकड़ जमीन राजस्व रिकॉर्ड में किसी दूसरे के नाम दर्ज कर दी गई थी। मुख्यमंत्री के मुताबिक इस जमीन पर प्लॉटिंग की तैयारी की जा रही थी। सरकार ने मामले में एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद संबंधित व्यक्ति की ओर से जमीन वापस करने की बात कही गई। योगी ने साइबर अपराध से निपटने के लिए हर जिले में साइबर थाने स्थापित किए जाने और प्रदेश में फॉरेंसिक संस्थान बनाए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में केवल दो फॉरेंसिक लैब थीं। मुख्यमंत्री ने पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक अब प्रदेश के सात शहरों में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू है और पहले इस तरह की व्यवस्था की कल्पना भी मुश्किल थी।

912 अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र
लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा के 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, डीजीपी समेत पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content