हाईकोर्ट में जमानत पर सुनवाई आज, उससे पहले अविमुक्तेश्वरानंद का दावा- हमें न्याय से वंचित करने की होगी कोशिश
बटुकों के कथित यौन शोषण मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अग्रिम जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। मेडिकल रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंपी जाएगी और दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामला सुर्खियों में बना हुआ है।
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में इन दिनों स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती चर्चा में बने हुए हैं। उन पर बटुकों के यौन शोषण का आरोप लगा है, जिसके बाद मामला लगातार सुर्खियों में है। इसी प्रकरण में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार 27 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। सुनवाई से पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अदालत में दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात रखेंगे और फैसला न्यायालय के विवेक पर निर्भर करेगा।
सुनवाई से पहले क्या बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
सुनवाई से पहले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि न्यायालय के सामने अधिवक्ता मौजूद हैं और सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी बात कहेंगे और न्यायालय अपने विवेक से निर्णय करेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दूसरी तरफ से प्रयास किया जाएगा कि उन्हें न्याय न मिले, लेकिन यह स्वाभाविक है और वे अपना काम करेंगे, जबकि दूसरी तरफ वाले अपना काम करेंगे। हाईकोर्ट के सूत्रों के अनुसार, उनकी अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट नंबर 72 में सूचीबद्ध की गई है।
मेडिकल जांच और पुलिस की कार्रवाई
इस बीच सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी-झूंसी) विमल किशोर मिश्रा ने बताया कि कथित पीड़ित बटुकों का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है। मेडिकल रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में जांच अधिकारी को सौंप दी गई है। उन्होंने रिपोर्ट की विषयवस्तु पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह रिपोर्ट अदालत के समक्ष ही पेश की जाएगी।
कैसे दर्ज हुआ मामला और क्या हैं आरोप
21 फरवरी को आशुतोष ब्रह्मचारी ने आवेदन दिया था। इसके बाद एक विशेष पॉक्सो अदालत ने झूंसी थाने के प्रभारी को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। बुधवार को आशुतोष ब्रह्मचारी ने कथित पीड़ित बटुकों को मीडिया के सामने पेश किया। एक बटुक ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी पर यौन शोषण और प्रताड़ना का आरोप लगाया। मामले के बाद प्रदेश और देश की राजनीति भी गरमा गई है। शिकायत दर्ज होने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शिकायतकर्ता पर कई पुराने मामलों का आरोप लगाया। इस पर पलटवार करते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि अगर वह अपराधी हैं तो इसका प्रमाण अदालत या थाने से लाकर दिखाया जाए। फिलहाल सबकी नजर हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी है।
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