जासूसी कांड के बाद पाकिस्तान धार्मिक यात्रा के नियम बदले, प्राइवेट टूर पर लगी रोक, अब सख्त पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही मिलेगा वीजा
पाकिस्तान से जुड़े जासूसी मामलों के बाद भारत ने धार्मिक यात्राओं के नियमों में बदलाव किया है। अब प्राइवेट स्पॉन्सर्ड टूर पर रोक रहेगी और पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं के आवेदन की पुलिस, CID और केंद्रीय एजेंसियों से जांच होगी। ज्योति मल्होत्रा केस के बाद बदली व्यवस्था और पाकिस्तान जाने वाले सिख जत्थों के कोटे की पूरी जानकारी पढ़ें।
नई दिल्ली। पाकिस्तान जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक यात्राओं के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सामने आए पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क और हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा से जुड़े मामले के बाद सरकार ने पाकिस्तान से संचालित प्राइवेट स्पॉन्सर्ड धार्मिक टूर पर रोक लगा दी है। अब पाकिस्तान जाने के लिए निजी टूर ऑपरेटरों के जरिए स्पॉन्सरशिप लेने का रास्ता बंद कर दिया गया है। नए नियमों के तहत धार्मिक यात्राओं के लिए मान्यता प्राप्त धार्मिक संस्थाओं के माध्यम से ही जत्थे भेजे जाएंगे। आवेदकों की पुलिस, CID और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से जांच कराई जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों की मंजूरी के बाद ही वीजा की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के टूरिज्म इंचार्ज हरकीरत सिंह ने भी इस बदलाव की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ज्योति मल्होत्रा जैसे जासूसी मामलों के सामने आने के बाद प्राइवेट स्पॉन्सर टूर बंद कर दिए गए हैं।
पहले कैसे मिलता था पाकिस्तान जाने का वीजा ?
भारत और पाकिस्तान के बीच धार्मिक यात्राएं मुख्य रूप से 1974 के रिलीजियस श्राइन्स प्रोटोकॉल के तहत होती हैं। श्रद्धालु जत्थों के रूप में पाकिस्तान स्थित धार्मिक स्थलों की यात्रा करते हैं। वीजा और सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रिया में विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की भूमिका रहती है। पहले कुछ भारतीय नागरिक पाकिस्तान के निजी टूर ऑपरेटरों के संपर्क में आकर यात्रा का कार्यक्रम तैयार कर लेते थे। पाकिस्तानी टूर ऑपरेटर स्पॉन्सरशिप लेटर उपलब्ध कराते थे, जिसके आधार पर वीजा प्रक्रिया आगे बढ़ती थी। जांच एजेंसियों को आशंका थी कि इसी व्यवस्था का इस्तेमाल कुछ पाकिस्तानी एजेंसियां भारतीय नागरिकों और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों तक पहुंच बनाने के लिए कर रही थीं। अब सरकार ने इसी निजी नेटवर्क पर रोक लगा दी है।
अब सिर्फ मान्यता प्राप्त धार्मिक संस्थाओं के जरिए यात्रा
नए नियमों के तहत पाकिस्तान जाने वाले धार्मिक जत्थों की प्रक्रिया अब अधिक नियंत्रित होगी। SGPC और हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी जैसे मान्यता प्राप्त धार्मिक निकायों के माध्यम से ही तय संख्या में श्रद्धालुओं को पाकिस्तान भेजने की अनुमति होगी। निजी टूर ऑपरेटरों के जरिए स्पॉन्सरशिप लेकर धार्मिक यात्रा करने की व्यवस्था पर रोक लगा दी गई है। आवेदकों के आवेदन पहले संबंधित धार्मिक संस्था के पास जमा होंगे। इसके बाद स्थानीय पुलिस, CID और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां आवेदकों की पृष्ठभूमि की जांच करेंगी। सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद ही वीजा के लिए मामला गृह मंत्रालय तक भेजा जाएगा। इस बदलाव का मकसद धार्मिक यात्रा की आड़ में किसी भी तरह के संदिग्ध संपर्क और संवेदनशील जानकारी के आदान-प्रदान की संभावना को कम करना बताया जा रहा है।
साल में 4 प्रमुख मौकों पर पाकिस्तान जाते हैं सिख जत्थे
1974 के भारत-पाकिस्तान समझौते के तहत सिख श्रद्धालुओं के जत्थे साल में चार प्रमुख अवसरों पर पाकिस्तान जाते हैं। इन चारों अवसरों को मिलाकर हर साल कुल 8 हजार श्रद्धालुओं के लिए वीजा कोटा निर्धारित है।
- बैसाखी और खालसा साजना दिवस: अधिकतम 3 हजार श्रद्धालु
- श्री गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी दिवस: अधिकतम 1 हजार श्रद्धालु
- महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि: अधिकतम 1 हजार श्रद्धालु
- श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व: अधिकतम 3 हजार श्रद्धालु
इसके अलावा करतारपुर साहिब कॉरिडोर के जरिए भारतीय नागरिक और OCI कार्डधारक बिना वीजा के भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्शन कर सकते हैं। कटासराज मंदिर की यात्रा के लिए भी विशेष ग्रुप और व्यक्तिगत वीजा की व्यवस्था रहती है।
हरियाणा से गुरुपर्व पर 2 हजार श्रद्धालुओं का जत्था जाएगा
नियमों में बदलाव के बीच हरियाणा सरकार ने इस साल श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के लिए पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। 22 नवंबर से 1 दिसंबर तक पाकिस्तान के ननकाना साहिब और अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं से आवेदन मांगे गए हैं। हरियाणा से करीब 2 हजार श्रद्धालुओं का जत्था भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है। श्रद्धालु 12 सितंबर तक आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके बाद आवेदनों की जांच और सुरक्षा प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
ज्योति मल्होत्रा केस के बाद सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता
नियमों में बदलाव का सबसे बड़ा संदर्भ हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा से जुड़ा जासूसी मामला है। उसे 16 मई 2025 को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस जांच में आरोप लगाया गया कि ज्योति ने कश्मीर डैम और राजस्थान बॉर्डर से जुड़े सैन्य शिविरों के वीडियो पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाए थे। पुलिस के मुताबिक, वह पाकिस्तान से जुड़े लोगों के लगातार संपर्क में थी। करीब 90 दिन की जांच के बाद पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। हिसार पुलिस के अनुसार, ज्योति ने यात्रा संबंधी एडवाइजरी के बावजूद पाकिस्तान की यात्रा की थी। जांच में उसके मोबाइल से पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी एहसान-उर-रहीम दानिश अली और ISI से जुड़े बताए गए शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों से संपर्क की जानकारी मिलने का दावा किया गया। ज्योति वर्ष 2024 में पाकिस्तान गई थी और करीब 25 दिन बाद चीन की यात्रा पर भी गई। पाकिस्तान में उसने पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज का इंटरव्यू भी किया था।
पाकिस्तान वीजा को लेकर हरकीरत सिंह से भी हुई थी पूछताछ
ज्योति मल्होत्रा के मामले की जांच के दौरान पाकिस्तान वीजा को लेकर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के टूरिज्म इंचार्ज हरकीरत सिंह से भी पूछताछ की गई थी। बताया गया कि ज्योति ने पाकिस्तान वीजा के सिलसिले में हरकीरत सिंह से संपर्क किया था। इसके बाद केंद्रीय एजेंसियों ने उनसे पूछताछ की। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। हरकीरत सिंह ने अब प्राइवेट स्पॉन्सर्ड टूर बंद किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि ऐसे मामलों के सामने आने के बाद धार्मिक यात्राओं की प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाया गया है।
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