महाभारत के अश्वत्थामा की आखिरी विदाई आज, कैंसर से जिंदगी की जंग हार गए प्रदीप रावत, आमिर खान के एक फोन ने बदल दी थी पूरी जिंदगी
महाभारत में अश्वत्थामा बनकर घर-घर पहचान बनाने वाले प्रदीप रावत अब हमेशा के लिए अलविदा कह गए। कैंसर से लंबी जंग के बाद आज उनका अंतिम संस्कार होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक आधी रात आए आमिर खान के फोन ने उनकी किस्मत बदल दी थी, और क्यों सलमान खान ने भी उनके नाम का जिक्र मंच से किया था? पढ़िए एक ऐसे कलाकार की पूरी कहानी, जिसने हर किरदार को यादगार बना दिया।
फिल्मों और टेलीविजन की दुनिया में अपनी दमदार आवाज, प्रभावशाली व्यक्तित्व और खलनायक के यादगार किरदारों से अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का मंगलवार शाम 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। बताया गया कि बीमारी दोबारा लौट आने के बाद पिछले करीब एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन आखिरकार उन्होंने जिंदगी की जंग हार दी। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 2 बजे मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) स्थित बेस्ट कॉलोनी के पास किया जाएगा। इस बात की जानकारी अभिनेता और उनके करीबी दोस्त यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए साझा की।
कैंसर से हार गए, लेकिन किरदार हमेशा जिंदा रहेंगे
प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी के मुताबिक, अभिनेता को कैंसर दोबारा हो गया था। इलाज लगातार चल रहा था, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो सका। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म और टीवी जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
महाभारत में अश्वत्थामा से मिली पहचान
प्रदीप रावत ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बीआर चोपड़ा के चर्चित टीवी धारावाहिक 'महाभारत' से की थी। इस धारावाहिक में उन्होंने अश्वत्थामा का किरदार निभाया, जिसने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने सिर्फ हिंदी फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी सिनेमा में भी अपनी अलग पहचान बनाई।
लगान, सरफरोश और गजनी ने बनाया बड़ा सितारा
हिंदी फिल्मों में प्रदीप रावत ने लगान, सरफरोश, गजनी और ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। दक्षिण भारतीय सिनेमा में उन्होंने फिल्म सई (Sye) से कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में दमदार विलेन के किरदार निभाए। खास बात यह रही कि तमिल फिल्म गजनी (2005) में निभाया गया उनका डबल रोल इतना पसंद किया गया कि हिंदी रीमेक गजनी में भी उन्हें वही भूमिका मिली। इसके अलावा उन्होंने पैरोडी (कन्नड़), चाइना टाउन (मलयालम), हीरो 420 (बंगाली) और क्रैक फाइटर (भोजपुरी) जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया।
आधी रात आया आमिर खान का फोन
प्रदीप रावत के करियर का सबसे दिलचस्प किस्सा फिल्म लगान से जुड़ा है। दरअसल, फिल्म में देवा का किरदार पहले अभिनेता मुकेश ऋषि को ऑफर किया गया था। व्यस्तता के कारण उन्होंने फिल्म नहीं की। इसके बाद आमिर खान की नजर फिल्म सरफरोश में प्रदीप रावत के अभिनय पर पड़ी। आमिर खान ने एक रात करीब 12 बजे प्रदीप रावत के घर के लैंडलाइन पर फोन किया। उस समय घर पर उनकी बहन थीं। जब फोन पर आवाज आई "मैं आमिर खान बोल रहा हूं", तो उन्होंने इसे मजाक समझ लिया और फोन करने वाले को डांट दिया। बाद में लेखक उमाशंकर पाठक से बात होने के बाद परिवार को यकीन हुआ कि फोन सचमुच आमिर खान का था। अगले दिन प्रदीप रावत को ऑफिस बुलाया गया, फिल्म का कॉन्ट्रैक्ट साइन कराया गया और साइनिंग अमाउंट का चेक दिया गया। यहीं से उन्हें लगान में देवा का किरदार मिला।
सलमान खान ने भी सुनाया था गजनी वाला किस्सा
27 मार्च 2025 को फिल्म सिकंदर की प्रेस मीट में सलमान खान से पूछा गया था कि क्या उन्हें आमिर खान से पहले गजनी ऑफर हुई थी। इस पर सलमान ने कहा था कि उन्होंने यह बात खुद प्रदीप रावत से सुनी थी। सलमान ने बताया था कि प्रदीप ने उनसे कहा था कि फिल्म के निर्देशक ए.आर. मुरुगदास बेहद अनुशासित और गंभीर स्वभाव के हैं और उन्हें लगा था कि सलमान उनके साथ काम नहीं कर पाएंगे, क्योंकि उन्हें गुस्सा ज्यादा आता है। इस पर सलमान ने मजाकिया अंदाज में कहा था कि प्रदीप उनके साथ कई फिल्में कर चुके थे, फिर भी उन्होंने ऐसा क्यों कहा। उन्होंने यह भी कहा कि अगली मुलाकात में वह उनसे इस बारे में जरूर पूछते।
सोनू सूद ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
अभिनेता सोनू सूद ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर प्रदीप रावत की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि प्रदीप रावत भाई, आपकी कमी हमेशा महसूस होगी। आप हमेशा याद आएंगे।
एक्टिंग के लिए मिले कई बड़े सम्मान
दक्षिण भारतीय सिनेमा में प्रदीप रावत को उनके अभिनय के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले।
- 2004 – फिल्मफेयर अवॉर्ड (बेस्ट विलेन) – सई
- 2004 – संतोषम अवॉर्ड (बेस्ट विलेन) – सई
- 2004 – नंदी अवॉर्ड (बेस्ट विलेन) – सई
निजी जिंदगी में भी उतार-चढ़ाव देखे
प्रदीप रावत की निजी जिंदगी भी आसान नहीं रही। उनकी पहली शादी ज्यादा समय तक नहीं चली और करीब साढ़े पांच महीने बाद दोनों का तलाक हो गया। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि पहली पत्नी ने उन पर और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाए थे, हालांकि बाद में मामला समाप्त हो गया। इसके बाद उनकी मुलाकात दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी कल्याणी रावत से हुई। दोनों ने कुछ समय तक एक-दूसरे को डेट किया और वर्ष 2006 में शादी कर ली। इस शादी से उनके एक बेटे विक्रमादित्य रावत हैं।
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