समाजवादी पार्टी में जल्द होगी बड़ी टूट, मंत्री राजभर ने किया दावा, बोले -अखिलेश के चाचा ने अमित शाह को दी नेताओं के नाम की चिट्ठी
यूपी की राजनीति में एक नए दावे ने हलचल मचा दी है। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी में महाराष्ट्र और बंगाल से भी बड़ी टूट होने वाली है। उन्होंने रामगोपाल यादव की कथित चिट्ठी का जिक्र करते हुए बड़ा संकेत दिया, वहीं अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए ऐसा जवाब दिया, जिसने सियासी बहस को और तेज कर दिया।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुधवार को उस समय नया सियासी विवाद खड़ा हो गया, जब पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी को लेकर बड़ा दावा कर दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की तरह नहीं, बल्कि उससे भी बड़ी राजनीतिक टूट उत्तर प्रदेश में होने वाली है और समाजवादी पार्टी इसका अगला केंद्र बनेगी। राजभर ने दावा किया कि सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक चिट्ठी भेजी है, जिसमें कुछ नेताओं और सांसदों के भाजपा में आने की बात कही गई है। हालांकि उन्होंने किसी नेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया और कहा कि अभी नाम बता दूंगा तो पूरा खेल बिगड़ जाएगा।
'रामगोपाल की चिट्ठी में सब लिखा है'
राजभर ने कहा कि उन्होंने अमित शाह और रामगोपाल यादव के बीच हुई मुलाकात के दौरान दोनों के चेहरे की मुस्कान देखी है। उनके मुताबिक, चिट्ठी में उन नेताओं की सूची दी गई है जो भाजपा में शामिल होना चाहते हैं। राजभर ने कहा कि अगर ऐसा नहीं है तो रामगोपाल यादव खुद सामने आकर बताएं कि उस चिट्ठी में क्या लिखा था। अपने दावे को आगे बढ़ाते हुए राजभर ने कहा कि खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट परियोजना से जुड़े मामलों की जांच चल रही है। राजभर का आरोप है कि इन मामलों की वजह से समाजवादी पार्टी के कई नेता राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
महाराष्ट्र और बंगाल का उदाहरण देकर साधा निशाना
राजभर ने अपने बयान में महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह वहां दलों में टूट की चर्चा है, उसी तरह उत्तर प्रदेश में भी समाजवादी पार्टी के भीतर बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है।
'जिसका दाना, उसका गाना'- सपा मुखिया का पलटवार
राजभर के बयान पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीधे नाम लिए बिना जवाब दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि जिसका दाना, उसका गाना... कब तक चलेगा अफसाना। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि जो जिस सरकार में रहता है, उसी की भाषा बोलने लगता है। उन्होंने भाजपा पर विपक्षी दलों को तोड़ने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
भाजपा पर लगाया विधायकों को तोड़ने का आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा पहले भी कई राजनीतिक दलों को तोड़ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में भी राज्यसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक और एमएलसी तोड़े गए थे। सपा प्रमुख ने कहा कि जो लोग दबाव में आ जाते हैं, वे पार्टी छोड़ देते हैं, लेकिन भाजपा का मुकाबला वही कर सकता है जो राजनीतिक रूप से मजबूत और प्रतिबद्ध हो।
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