हेडफोन लगाकर PUBG खेल रहा था युवक, अचानक 300 पार पहुंचा BP, ब्रेन हैमरेज से मौत
मेरठ के 22 वर्षीय युवक की PUBG खेलने के अत्यधिक सेवन के कारण अत्यधिक उच्च रक्तचाप और मस्तिष्क रक्तस्राव से मृत्यु हो गई। परिवार इस दुखद घटना से सदमे में है।
Uttar Pradesh News: मोबाइल गेमिंग की लत किस हद तक खतरनाक हो सकती है, इसका एक डरावना उदाहरण उत्तर प्रदेश के मेरठ से सामने आया है। गाजियाबाद में तीन बहनों की आत्महत्या की घटना के बाद अब मेरठ के खैरनगर इलाके में PUBG गेम की लत ने एक 22 वर्षीय युवक की जान ले ली। देर रात तक लगातार गेम खेलने के दौरान युवक का ब्लड प्रेशर अचानक इतना बढ़ गया कि दिमाग की नस फट गई। इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। इस घटना ने परिवार को तोड़कर रख दिया है और समाज के सामने मोबाइल गेमिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रात भर PUBG खेलता रहा युवक
मेरठ के खैरनगर गूलर वाली गली निवासी प्रॉपर्टी डीलर फारुक का इकलौता बेटा मोहम्मद कैफ 22 वर्ष शुक्रवार रात अपने कमरे में हेडफोन लगाकर मोबाइल पर PUBG गेम खेल रहा था। परिजनों के अनुसार कैफ को पिछले चार महीनों से ऑनलाइन गेमिंग की जबरदस्त लत लग गई थी। वह अक्सर पूरी-पूरी रात जागकर गेम खेलता रहता था। शुक्रवार देर रात करीब 3 बजे अचानक वह गेम खेलते-खेलते बेड से नीचे गिर पड़ा।
ब्लड प्रेशर 300 के पार पहुंचा
जब परिजन कमरे में पहुंचे तो कैफ की हालत बेहद गंभीर थी। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टर यह देखकर हैरान रह गए कि उसका ब्लड प्रेशर 300 से भी अधिक था। हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत दिल्ली रेफर कर दिया।
इलाज के दौरान मौत
दिल्ली के अस्पताल में कैफ ने दो दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष किया। लेकिन रविवार सुबह इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के मुताबिक अत्यधिक तनाव और लगातार उत्तेजना के कारण उसका ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ गया, जिससे ब्रेन हैमरेज हुआ। यही उसकी मौत का मुख्य कारण बना।
रील से गेमिंग तक का सफर
कैफ के पिता फारुक ने बताया कि उनका बेटा पहले सोशल मीडिया पर रील बनाने का शौकीन था। लेकिन कुछ महीनों पहले उसे PUBG गेम की ऐसी लत लगी कि उसने दिन और रात का फर्क ही भुला दिया। परिजनों ने कई बार उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
कैफ परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन गेम्स दिमाग में डोपामाइन का स्तर बढ़ा देते हैं, जिससे युवाओं को इसकी लत लग जाती है और इसका असर उनकी सेहत पर जानलेवा साबित हो सकता है।
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