जालौन में तैनात IAS अफसर को जान का खतरा, पहले भी लग चुकी है 7 गोली, सुरक्षा को लेकर बोले रिंकू राही- नहीं बढ़ानी तो लिखकर दें, कोर्ट जाऊंगा
जालौन में IAS रिंकू सिंह राही ने अपनी सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार अनुरोध के बावजूद सुरक्षा नहीं बढ़ाई जा रही। बोले- सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत नहीं है तो लिखकर दें, कोर्ट जाऊंगा। राही हाल के दिनों में कई विवादों को लेकर चर्चा में रहे हैं।
जालौन। 7 गोलियां लगने के बाद भी बच चुके IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अब अपनी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। जालौन में तैनात राही ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर कहा कि उनकी सुरक्षा को खतरा गंभीर बना हुआ है। लगातार अनुरोध के बावजूद सुरक्षा बढ़ाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। राही ने कहा कि अगर सुरक्षा बढ़ाए जाने की जरूरत नहीं है तो लिखकर दे दिया जाए। इसके बाद वह कोर्ट की शरण लेंगे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या प्रशासन किसी दुर्घटना के होने का इंतजार कर रहा है। राही ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि सुरक्षा और वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के लिए जब पत्र सार्वजनिक किए जाते हैं तो हर बार उन पर मीडिया में आने के लिए पत्र सार्वजनिक करने का आरोप लगाया जाता है।
राही ने लिखा- लगातार अनुरोध, फिर भी कार्रवाई नहीं
IAS अधिकारी ने अपनी पोस्ट में कहा कि सुरक्षा को लेकर उपलब्ध सभी प्लेटफॉर्म पर लगातार अनुरोध किया जा रहा है। इसके बावजूद उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने लिखा कि सुरक्षा को खतरा गंभीर बना हुआ है और लगातार अनुरोध करने पर भी शायद जानबूझकर सुरक्षा व्यवस्था नहीं बढ़ाई जा रही है। राही ने कहा कि अगर सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत नहीं है तो संबंधित स्तर से लिखकर दे दिया जाए, ताकि वह कोर्ट की शरण ले सकें।
जस्टिस फॉर रिंकू सिंह राही पेज का भी किया जिक्र
राही ने अपनी पोस्ट में जस्टिस फॉर रिंकू सिंह राही नाम के फेसबुक पेज का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि यह पेज उनके समर्थकों की ओर से चलाया जाता था। उनके मुताबिक इस पेज पर उनकी विभिन्न पोस्ट को संकलित कर प्रकाशित किया जाता था। राही ने दावा किया कि प्रशासन ने इस फेसबुक पेज को हटवा दिया है।
पिछले कुछ दिनों से विवादों में हैं रिंकू राही
रिंकू सिंह राही की सुरक्षा को लेकर यह बयान ऐसे समय आया है, जब पिछले कुछ दिनों में उनकी कार्यप्रणाली को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। 4 अगस्त को जालौन बार एसोसिएशन ने राही की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए 5 अगस्त से राजस्व अदालतों के बहिष्कार का ऐलान किया था। बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ओमनारायण सिंह की ओर से जारी पत्र में कहा गया था कि अधिवक्ता तीन बार जिलाधिकारी राकेश कुमार पांडेय से एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही की शिकायत कर चुके हैं। बार एसोसिएशन का आरोप था कि राही अदालत में अधिवक्ताओं और वादकारियों की अनुपस्थिति में एकपक्षीय आदेश पारित करने की बात कहते हैं। अधिवक्ताओं ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया था। बार एसोसिएशन ने कहा था कि जब तक उनकी कार्यशैली में बदलाव नहीं होता, तब तक राजस्व अदालतों का बहिष्कार जारी रहेगा।
नगर पालिका में फाइलों की जांच को लेकर भी हुआ विवाद
करीब 10 दिन पहले उरई नगर पालिका परिषद में भी रिंकू सिंह राही और अधिशासी अधिकारी के बीच विवाद हो गया था। राही दोपहर करीब 2 बजे नगर पालिका कार्यालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने अनियमितताओं से जुड़ी फाइलें देखनी शुरू कीं। इस पर अधिशासी अधिकारी ने आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों के बीच बहस हो गई। राही ने अधिशासी अधिकारी से आदेश दिखाने के लिए कहा था। उन्होंने कहा था कि आखिर किस आदेश में लिखा है कि उन्हें अभिलेख नहीं दिखाए जाएंगे। आदेश दिखा दिया जाए तो वह तुरंत चले जाएंगे। वहीं अधिशासी अधिकारी ने आरोप लगाया था कि राही कुछ निजी लोगों के साथ नगर पालिका पहुंचे थे और फाइलों की जांच के दौरान वीडियो बनाया जा रहा था। नगर पालिका में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच चल रही थी। रिंकू सिंह राही उस जांच टीम का हिस्सा थे। हालांकि उरई ट्रांसफर होने के बाद उनकी भूमिका खत्म हो गई थी।
29 जून को ब्लॉक प्रमुख से धक्का-मुक्की का वीडियो आया था सामने
29 जून को ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन ने जॉइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही पर पिटाई करने का आरोप लगाया था। ब्लॉक प्रमुख ने घटना से जुड़ा वीडियो भी सामने रखा था। वीडियो में रिंकू सिंह राही ब्लॉक प्रमुख के साथ धक्का-मुक्की करते दिखाई दे रहे थे। आरोप था कि उन्होंने ब्लॉक प्रमुख के मोबाइल पर हाथ मारा, जिससे मोबाइल जमीन पर गिर गया। इसके बाद दोनों हाथों से उन्हें पीछे की ओर धक्का दिया गया। ब्लॉक प्रमुख ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय से की थी।
2009 में हमले के दौरान लगी थीं 7 गोलियां
रिंकू सिंह राही पहले भी जानलेवा हमले का सामना कर चुके हैं। वर्ष 2009 में उन पर हमला हुआ था। इस दौरान उन्हें सात गोलियां लगी थीं। हमले में वह बच गए थे। अब अपनी सुरक्षा को लेकर उनके ताजा बयान ने एक बार फिर इस पुराने मामले को चर्चा में ला दिया है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
