बसपा के इकलौते विधायक को अंतिम विदाई, उमाशंकर सिंह को याद कर भावुक हुई मायावती, बोलीं- राजनीति में सब बदल गए, लेकिन उन्होंने कभी साथ नहीं छोड़ा

बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद लखनऊ में भावुक माहौल देखने को मिला। अंतिम दर्शन के दौरान मायावती ने उन्हें अपना भाई बताते हुए उनके साथ वर्षों पुराने रिश्ते को याद किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में कई लोगों ने साथ छोड़ा, लेकिन उमाशंकर सिंह अंत तक पार्टी के प्रति पूरी निष्ठा के साथ खड़े रहे। परिवार को ढांढस बंधाते हुए मायावती ने उनके बेटे के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी बड़ा संकेत दिया।

Aug 6, 2026 - 12:20
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बसपा के इकलौते विधायक को अंतिम विदाई, उमाशंकर सिंह को याद कर भावुक हुई मायावती, बोलीं- राजनीति में सब बदल गए, लेकिन उन्होंने कभी साथ नहीं छोड़ा

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी के उत्तर प्रदेश में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह को गुरुवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से लखनऊ लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा गया। बसपा सुप्रीमो मायावती भी श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। इस दौरान वह भावुक नजर आईं। उन्होंने दिवंगत विधायक के परिवार से मुलाकात की और बेटे को भरोसा दिलाया कि बसपा परिवार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा। श्रद्धांजलि देने के दौरान मायावती ने उमाशंकर सिंह के साथ अपने लंबे राजनीतिक और पारिवारिक रिश्ते को याद किया। उन्होंने कहा कि उमाशंकर सिंह उन्हें अपनी सगी बहन की तरह मानते थे और हर वर्ष रक्षाबंधन पर चाहे वह लखनऊ में हों या दिल्ली में, उनसे राखी बंधवाने जरूर आते थे।

मायावती बोलीं, राजनीति में कई लोग साथ छोड़ गए, लेकिन उमाशंकर कभी नहीं बदले
श्रद्धांजलि सभा के दौरान मायावती ने कहा कि राजनीति में कई नेताओं ने समय-समय पर पार्टी का साथ छोड़ा, लेकिन उमाशंकर सिंह अंत तक बसपा के साथ मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने कभी पार्टी या नेतृत्व के साथ विश्वासघात नहीं किया। यही कारण है कि उनका जाना केवल पार्टी के लिए नहीं, बल्कि उनके लिए व्यक्तिगत क्षति भी है। उन्होंने कहा कि उमाशंकर सिंह का अपनापन और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा हमेशा याद रखी जाएगी।

बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाने का दिया संकेत
मायावती ने उमाशंकर सिंह के परिवार को भरोसा दिलाया कि यदि परिवार की इच्छा होगी तो उनके बेटे को राजनीति में आगे बढ़ने का पूरा अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी कोशिश करेगी कि उन्हें वही सम्मान और जिम्मेदारी मिले, जो उमाशंकर सिंह को संगठन में प्राप्त थी। उन्होंने कहा कि बसपा परिवार दिवंगत विधायक के परिवार के साथ हर समय खड़ा रहेगा।

दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में हुआ निधन
55 वर्षीय उमाशंकर सिंह लंबे समय से ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे। उनका इलाज दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में चल रहा था। इलाज के लिए वह अमेरिका भी गए थे, लेकिन बीमारी चौथे चरण तक पहुंच चुकी थी। बुधवार शाम इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। गुरुवार सुबह उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से लखनऊ लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के बाद बलिया के रसड़ा स्थित पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

यूपी में बसपा के इकलौते विधायक थे 
उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक थे। वह बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए। पूर्वांचल में उन्हें बसपा का सबसे मजबूत चेहरा माना जाता था और संगठन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही। पार्टी नेताओं के अनुसार, संगठनात्मक क्षमता और जनता के बीच मजबूत पकड़ के कारण उन्हें चुनावों के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाती थीं।

2011 में बसपा में हुए थे शामिल 
उमाशंकर सिंह ने वर्ष 2011 में बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद 2012 में पहली बार रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक बने। इससे पहले उनका राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था। वर्ष 1990 में वह बलिया के सतीश चंद्र डिग्री कॉलेज छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए। इसके बाद वर्ष 2000 में जिला पंचायत अध्यक्ष बने और धीरे-धीरे पूर्वांचल की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।

परिवार की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं बेटे
उमाशंकर सिंह अपने पीछे पत्नी पुष्पा सिंह, बेटी यामिनी और बेटे प्रिंस युकेश को छोड़ गए हैं। पुष्पा सिंह उनकी कंपनी सी.एस. इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जबकि प्रिंस युकेश कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। युकेश की शादी वर्ष 2024 में कनिका सिंह से हुई थी, जो राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह की भतीजी हैं। इस विवाह समारोह में मायावती भी शामिल हुई थीं।

पूर्वांचल में बसपा के मजबूत स्तंभ माने जाते थे
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, उमाशंकर सिंह ने पूर्वांचल में बसपा के संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाने के कारण उनकी अलग पहचान बनी। कार्यकर्ताओं के बीच उनकी छवि ऐसे नेता की थी, जो हर समय जनता के बीच मौजूद रहते थे। उनके निधन से न केवल बलिया बल्कि पूरे पूर्वांचल में बसपा को बड़ा राजनीतिक और संगठनात्मक झटका माना जा रहा है।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content