क्या राम मंदिर ट्रस्ट में होगी चंपत राय की वापसी ? रोज संतों से कर रहे मुलाकात, विहिप की बैठक में मिला क्लीन चिट, अयोध्या में संतों ने बताया निर्दोष
राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद चंपत राय के फिर से ट्रस्ट के महासचिव बनने की चर्चा तेज है। विहिप की बैठक में क्लीनचिट मिलने का दावा है, वहीं अयोध्या के संत उनके समर्थन में सामने आए हैं। जानिए महासचिव पद की रेस में कौन-कौन हैं और फैसला कब हो सकता है।
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद को लेकर फिर चंपत राय का नाम चर्चा में है। चढ़ावा विवाद के बाद इस्तीफा देने वाले चंपत राय की दोबारा वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, 22 जुलाई को दिल्ली में हुई विश्व हिंदू परिषद की राष्ट्रीय बैठक में उनके खिलाफ उठ रहे सवालों को लेकर उन्हें क्लीनचिट दी गई। इसके अगले ही दिन अयोध्या में संतों की बैठक हुई, जिसमें चंपत राय को दोबारा महासचिव बनाए जाने की मांग उठाई गई। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि राम मंदिर ट्रस्ट महासचिव पद पर अंतिम फैसला कब और किसके नाम पर करेगा। ट्रस्ट की अगली बैठक 2 सितंबर को प्रस्तावित है, लेकिन इस बैठक में भी महासचिव के नाम पर फैसला होने की संभावना कम बताई जा रही है।
चंपत राय के समर्थन में अयोध्या के संत
23 जुलाई को अयोध्या स्थित मणिराम दास छावनी ट्रस्ट के तुलसीदास प्राकृतिक चिकित्सालय परिसर में प्रमुख संतों की बैठक हुई थी। बैठक में चंपत राय के राम मंदिर आंदोलन और मंदिर निर्माण में योगदान का उल्लेख किया गया। बैठक में महंत कमलनयन दास, स्वामी राजकुमार दास, महंत मिथिलेश नंदिनी शरण, महंत संजय दास, महंत गौरीशंकर दास, महंत जनार्दन दास और महंत शशिकांत दास समेत कई संत शामिल हुए थे। संतों ने चंपत राय पर लगे आरोपों को साजिश बताया और उन्हें दोबारा राम मंदिर ट्रस्ट का महासचिव बनाए जाने की मांग की। रामवल्लभाकुंज के प्रमुख और राम मंदिर धार्मिक समिति के सदस्य स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि संत समाज की नजर में चंपत राय निर्दोष हैं। अगर सभी जांचों में वे बेदाग साबित होते हैं, तो उन्हें दोबारा महासचिव बनाया जाना स्वागत योग्य होगा। उन्होंने कहा कि इससे राम मंदिर की व्यवस्था और सनातन समाज के हित में काम होगा। स्वामी राजकुमार दास ने यह भी कहा कि स्वर्गीय अशोक सिंहल के साथ और उनके बाद चंपत राय ने राम मंदिर आंदोलन और निर्माण में काफी योगदान दिया है। इसलिए उन्हें सम्मान मिलना चाहिए।
बैठक के बाद संतों से लगातार मुलाकात कर रहे चंपत राय
चंपत राय इन दिनों अयोध्या में ही हैं और लगातार संतों-महंतों से मुलाकात कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह अलग-अलग मंदिरों में जाकर संतों से राम मंदिर की व्यवस्था और उससे जुड़े विषयों पर चर्चा कर रहे हैं। इसे उनके पक्ष में समर्थन मजबूत करने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, चंपत राय की ओर से महासचिव पद पर वापसी को लेकर कोई सार्वजनिक दावा सामने नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार, चंपत राय से जुड़े लोगों ने भी संतों से मुलाकात कर उनका समर्थन मांगा था। इसके बाद अयोध्या में उनके समर्थन में बैठकों और बयानों का सिलसिला तेज हुआ।
महासचिव पद के लिए चर्चा में दूसरा नाम
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद के लिए चंपत राय के अलावा विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा का नाम भी चर्चा में है। बजरंग लाल बागड़ा को फरवरी 2024 में विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। ऐसे में ट्रस्ट के महासचिव पद को लेकर चंपत राय और बजरंग लाल बागड़ा के नामों की चर्चा चल रही है। हालांकि, अंतिम निर्णय राम मंदिर ट्रस्ट को ही लेना है।
कार्यवाहक महासचिव कृष्णमोहन भी सक्रिय
इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव डॉ. कृष्णमोहन भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। वह राम मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं और धार्मिक समिति से जुड़े संतों से भी लगातार बातचीत कर रहे हैं। कुछ दिन पहले वह भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या शाखा पहुंचे थे। वहां उन्होंने ट्रस्ट के खाते और लॉकर से संबंधित स्थिति की जानकारी ली थी। ऐसे में महासचिव पद पर अंतिम फैसला होने तक कृष्णमोहन की सक्रियता भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
चंपत राय चातुर्मास के दौरान मौन व्रत पर
चढ़ावा विवाद के बीच चंपत राय अयोध्या के तीर्थ क्षेत्र भवन में रहकर चातुर्मास के दौरान मौन व्रत कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, व्रत पूरा होने के बाद उनकी सार्वजनिक भूमिका और प्रतिष्ठा को दोबारा मजबूत करने की कोशिश हो सकती है। फिलहाल चढ़ावा मामले की जांच कर रही एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। इसी रिपोर्ट को आगे की स्थिति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
25 जून की रात हुई गिरफ्तारियां, अगले दिन दिया था इस्तीफा
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में 25 जून की देर शाम पहली एफआईआर दर्ज हुई थी। यह एफआईआर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज कराई गई थी। एफआईआर में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा समेत ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं थे। इसके बाद उसी रात रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन 26 जून को राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अब करीब एक महीने से अधिक समय बाद चंपत राय का नाम फिर से महासचिव पद के लिए चर्चा में है। विहिप की बैठक में क्लीनचिट मिलने के दावे, अयोध्या के संतों के समर्थन और उनके लगातार संतों से संपर्क के बीच सवाल यही है कि क्या राम मंदिर ट्रस्ट में चंपत राय की फिर वापसी होगी, या महासचिव की जिम्मेदारी किसी नए चेहरे को दी जाएगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
