13 साल से कोमा में बेटा, 60 हजार महीना खर्च… इच्छामृत्यु की मंजूरी पर रो पड़ा परिवार

गाजियाबाद के हरीश राणा को 13 साल तक बिस्तर पर रहने के बाद इच्छा मृत्यु की अनुमति मिल गई है। यह मामला देश में पैसिव यूथनेशिया पर नई बहस को जन्म दे रहा है।

Mar 11, 2026 - 13:20
 0
13 साल से कोमा में बेटा, 60 हजार महीना खर्च… इच्छामृत्यु की मंजूरी पर रो पड़ा परिवार

दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले से एक बेहद भावुक और दर्द भरी खबर सामने आई है। राजनगर एक्सटेंशन की राज अंपायर सोसाइटी में रहने वाले 30 वर्षीय हरीश राणा को आखिरकार इच्छा मृत्यु की अनुमति मिल गई है। करीब 13 साल पहले एक हादसे ने उनके सपनों और भविष्य को पूरी तरह बदल दिया था। तब से वह बिस्तर पर पड़े हुए थे और गंभीर स्थिति में जीवन गुजार रहे थे। लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया और परिवार की मुश्किलों को देखते हुए अब उन्हें असहनीय दर्द से मुक्ति मिलने का रास्ता मिल गया है। यह मामला देश में पैसिव यूथनेशिया और लाइलाज मरीजों के अधिकारों को लेकर नई चर्चा भी शुरू कर रहा है।

एक हादसे ने बदल दी पूरी जिंदगी
हरीश राणा की कहानी संघर्ष और टूटे हुए सपनों की कहानी है। साल 2013 में हरीश बीटेक सिविल इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर के छात्र थे। वह पढ़ाई के साथ-साथ एक अच्छे वेटलिफ्टर भी थे और खेल में अपना करियर बनाना चाहते थे। रक्षाबंधन की शाम को उन्होंने अपनी बहन से फोन पर बात की थी। लेकिन करीब एक घंटे बाद परिवार को खबर मिली कि वह चंडीगढ़ के एक पेइंग गेस्ट हाउस की चौथी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अगले दिन उन्हें वेटलिफ्टिंग के फाइनल मुकाबले में हिस्सा लेना था, लेकिन वह अस्पताल के बिस्तर पर पहुंच गए।

13 साल तक चला इलाज और आर्थिक संघर्ष
हादसे के बाद से हरीश लगातार बिस्तर पर हैं। उनके पिता अशोक राणा ताज सैट्स एयर कैटरिंग से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन्होंने बेटे के इलाज में अपनी पूरी जमा पूंजी खर्च कर दी। हरीश की देखभाल के लिए हर महीने भारी खर्च उठाना पड़ रहा था। नर्स का खर्च लगभग 27 हजार रुपये प्रति माह था, जबकि फिजियोथेरेपी पर करीब 14 हजार रुपये खर्च होते थे। इसके अलावा दवाइयों पर हर महीने 20 से 25 हजार रुपये तक का खर्च आता था। अशोक राणा को केवल 3,500 रुपये मासिक पेंशन मिलती है। परिवार का खर्च छोटे बेटे आशीष की नौकरी से चल रहा था। सरकारी मदद न मिलने के कारण परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुका था।

लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मिला फैसला
परिवार ने पहले भी इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी थी, लेकिन 8 जुलाई 2024 को हाई कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी थी। बाद में परिवार की हालत और हरीश की स्थिति को देखते हुए मामले पर फिर से विचार किया गया। आखिरकार अब उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति मिल गई है।

पिता और पड़ोसियों की भावुक प्रतिक्रिया
हरीश के पिता का कहना है कि वह 13 साल से अपने बेटे को तिल-तिल कर तकलीफ झेलते हुए देख रहे हैं। इसी दर्द के कारण उन्होंने यह कठिन फैसला लिया। वहीं सोसाइटी के लोगों का कहना है कि हरीश लंबे समय से बिस्तर पर थे और परिवार की हालत बेहद खराब हो चुकी थी। अब सोसाइटी में हरीश की याद में एक शांति सभा भी आयोजित की जाएगी। यह घटना लोगों को गहरे भावनात्मक स्तर पर सोचने के लिए मजबूर कर रही है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।