4 साल के भांजे का गला काटकर ले ली थी जान, कोर्ट में नहीं दिखा जरा भी पछतावा... सगे मामा को मिली फांसी
Ghazipur News: गाजीपुर में 4 साल के मासूम दानियाल की हत्या के मामले में कोर्ट ने सगे मामा अमजद खान को फांसी की सजा सुनाई है। 2021 में हुई इस वारदात में आरोपी के भाई और बहनों ने भी उसके खिलाफ गवाही दी। कोर्ट ने इसे बेहद क्रूर अपराध माना।
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और हैरान करने वाले मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब पांच साल पहले अपने ही 4 वर्षीय भांजे की बेरहमी से हत्या करने वाले सगे मामा को कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है। इस मामले की सुनवाई के दौरान कुल 9 गवाह पेश किए गए। सबसे खास बात यह रही कि आरोपी के अपने भाई और तीन बहनों ने भी अदालत में उसके खिलाफ गवाही दी। अदालत ने इस अपराध को क्रूरता की सभी सीमाएं पार करने वाला कृत्य मानते हुए आरोपी को फांसी की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। फैसले के बाद यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
नशे की हालत में की थी मासूम भांजे की हत्या
यह घटना 21 अक्टूबर 2021 की है। गहमर थाना क्षेत्र के बारा गांव निवासी अमजद खान कथित तौर पर नशे की हालत में घर पहुंचा था। उसकी बहन और उसका चार वर्षीय बेटा दानियाल पिछले करीब एक साल से उसके घर में रह रहे थे। आरोप है कि अमजद ने आंगन में खेल रहे मासूम दानियाल को कमरे में बुलाया और पलंग पर लिटाने के बाद धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आरोपी को भागने से पहले पकड़ लिया। अगले दिन 22 अक्टूबर 2021 को दानियाल के चाचा अरबाज खान की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
भाई और बहनों की गवाही ने मजबूत किया केस
सहायक शासकीय अधिवक्ता अखिलेश सिंह के अनुसार, मामले की सुनवाई के दौरान कुल 9 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इनमें आरोपी अमजद खान की तीन बहनें और एक भाई भी शामिल थे। परिवार के सदस्यों द्वारा दी गई गवाही इस मामले में महत्वपूर्ण साबित हुई और अदालत ने सभी साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया।
कोर्ट में नहीं दिखा पछतावा, सुनाई गई फांसी
सजा सुनाने से पहले अपर सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह ने आरोपी से पूछा कि क्या उसे अपने किए पर पछतावा है। इस पर अमजद ने साफ कहा कि उसे कोई पछतावा नहीं है। इतना ही नहीं, उसने अदालत में यह भी कहा कि जो भी उससे उलझेगा, वह उसे मार देगा। आरोपी के इस रवैये को देखते हुए अदालत ने कहा कि उसने अपने ही मासूम भांजे की जिस निर्ममता से हत्या की, वह अत्यंत जघन्य अपराध है। अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय के रूप में देखा जा रहा है।
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