मां-मौसी के झगड़े में बुझ गया घर का चिराग, दूध पिलाने को लेकर शुरू हुआ था विवाद, फिरोजाबाद में 3 साल के मासूम की मौत ने खड़े किए कई सवाल
फिरोजाबाद में दूध पिलाने को लेकर शुरू हुआ बहनों का विवाद ऐसा बढ़ा कि उसकी कीमत एक 3 साल के बच्चे को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। आखिर उस रात कमरे में क्या हुआ? मां ने पहले मौसी पर हत्या का आरोप क्यों लगाया? और जांच में कौन-कौन से चौंकाने वाले तथ्य सामने आए?
फिरोजाबाद के कृष्णा नगर इलाके में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। एक मामूली घरेलू विवाद ने देखते ही देखते ऐसा भयावह रूप ले लिया कि एक मासूम बच्चे की जिंदगी हमेशा के लिए खत्म हो गई। जिस बच्चे की हंसी कुछ घंटे पहले तक घर में गूंज रही थी, वही बच्चा कुछ देर बाद परिवार की आंखों के सामने बेजान पड़ा था। घटना के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर एक छोटी-सी बहस इतनी बड़ी त्रासदी में कैसे बदल गई?
आधी रात मेला देखकर लौटे, फिर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से कासगंज के रहने वाले कन्हैया अपनी पत्नी संजना और बेटे तनवीर के साथ फिरोजाबाद में रहते हैं। संजना की बहन वंदना भी उनके साथ ही रहती थी। बुधवार रात कन्हैया और संजना मेला देखने गए थे। देर रात करीब 12 बजे जब दोनों घर लौटे तो उनका बेटा तनवीर रोता हुआ मिला। बच्चे को रोता देखकर मां संजना नाराज हो गई। उसने अपनी बहन वंदना से पूछा कि बच्चे को दूध क्यों नहीं पिलाया गया। यहीं से शुरू हुई बहस कुछ ही मिनटों में झगड़े में बदल गई।
एक थप्पड़ और फिर बेकाबू हो गया मामला
परिजनों के मुताबिक, बहस के दौरान गुस्से में संजना ने अपनी बहन वंदना को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद दोनों बहनें आपस में भिड़ गईं। बात हाथापाई तक पहुंच गई और दोनों एक-दूसरे के बाल पकड़कर लड़ने लगीं। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, झगड़े के दौरान दोनों बहनें बेड पर जा गिरीं। उसी बेड पर मासूम तनवीर भी मौजूद था। आरोप है कि संघर्ष के दौरान बच्चा दोनों के बीच दब गया। कुछ देर बाद जब परिवार के अन्य सदस्य पहुंचे और झगड़ा शांत कराया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मां ने देखा, तो नहीं थी बेटे के शरीर में कोई हरकत
हंगामा शांत होने के बाद संजना की नजर अपने बेटे पर गई। उसने देखा कि तनवीर बिल्कुल शांत पड़ा हुआ है। पहले उसे लगा कि बच्चा सो गया है, लेकिन जब उसने उसे उठाने की कोशिश की तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद घर में चीख-पुकार मच गई। परिजन तुरंत बच्चे को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पहले लगाया हत्या का आरोप, फिर बदला बयान
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब शुरुआती पूछताछ में मां संजना ने अपनी बहन वंदना पर बच्चे को जमीन पर पटकने का आरोप लगाया। हालांकि बाद में दिए गए बयान और तहरीर में उसने स्वीकार किया कि झगड़े के दौरान दोनों बहनें बच्चे के ऊपर गिर पड़ी थीं, जिससे उसकी जान चली गई। यही वजह है कि पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई अहम बात
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बच्चे के सिर के पिछले हिस्से की हड्डी टूटने की पुष्टि की है। साथ ही मौत की सटीक वजह जानने के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है और उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बच्चे की मौत दबने से हुई या सिर पर गंभीर चोट लगने से।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती
इस मामले में पुलिस के लिए जांच आसान नहीं है। घटना घर के एक कमरे के अंदर हुई, जहां उस समय केवल दोनों बहनें और मासूम बच्चा मौजूद थे। न तो कोई सीसीटीवी फुटेज है और न ही कोई स्वतंत्र प्रत्यक्षदर्शी। ऐसे में पुलिस को दोनों बहनों के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई तक पहुंचना होगा।
क्या पुरानी रंजिश बनी हादसे की वजह?
पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों बहनों के बीच तनाव काफी समय से चल रहा था। सूत्रों के मुताबिक, संजना को अपनी बहन वंदना पर कुछ निजी मामलों को लेकर शक था। परिवार के भीतर चल रहा यही तनाव उस रात विवाद की बड़ी वजह बना। हालांकि पुलिस अभी इस एंगल पर भी जांच कर रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों को खंगाल रही है।
पिता की तस्वीर ने सबको भावुक कर दिया
अस्पताल में मौजूद लोगों के मुताबिक, बेटे की मौत के बाद पिता कन्हैया उसे सीने से लगाए काफी देर तक अस्पताल के गलियारों में घूमते रहे। वह बार-बार यही कह रहे थे कि कुछ देर पहले तक उनका बेटा ठीक था, फिर अचानक सब कुछ खत्म कैसे हो गया। एक पिता की यह बेबसी वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर गई।
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