हनीट्रैप, अपहरण और बेरहमी से हत्या… दिल्ली के बिजनेसमैन की लाश मथुरा में टुकड़ों में मिलने से हड़कंप
दिल्ली के द्वारका से 18 फरवरी को लापता कारोबारी अनुरूप गुप्ता का शव 28 फरवरी को मथुरा में टुकड़ों में मिला। पुलिस को हनीट्रैप और सुनियोजित साजिश का शक है। दिल्ली और मथुरा पुलिस मिलकर मामले की जांच कर रही हैं।
राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके से 18 फरवरी को लापता हुए 48 वर्षीय कारोबारी अनुरूप गुप्ता हत्याकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। अपहरण के करीब दस दिन बाद 28 फरवरी को उत्तर प्रदेश के मथुरा में उनका शव कई टुकड़ों में बरामद हुआ। इस घटना ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में सनसनी फैला दी है। पुलिस को शक है कि यह पूरी वारदात एक सुनियोजित हनीट्रैप का हिस्सा हो सकती है। परिवार के लोग शुरुआत से ही अपहरण की आशंका जता रहे थे। अब शव मिलने के बाद मामला हत्या में बदल गया है और पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है।
18 फरवरी को हुए थे लापता
अनुरूप गुप्ता द्वारका सेक्टर-14 स्थित राधिका अपार्टमेंट के निवासी थे। वे दिल्ली में छत्तीसगढ़ सदन की कैंटीन चलाते थे। 18 फरवरी को वे संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक लापता हो गए। काफी तलाश के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने बिंदापुर थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, लेकिन कई दिनों तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई।
मथुरा में बरामद हुआ शव, पहचान मिटाने की कोशिश
28 फरवरी को मथुरा पुलिस को अलग-अलग स्थानों पर मानव अंग बिखरे हुए मिले। जांच के बाद शिनाख्त अनुरूप गुप्ता के रूप में हुई और दिल्ली पुलिस को सूचना दी गई। फोरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के प्राथमिक संकेत बताते हैं कि आरोपियों ने पहचान मिटाने के लिए शव के कई टुकड़े किए और उन्हें अलग-अलग जगह फेंक दिया। इससे साफ है कि हत्या बेहद सुनियोजित तरीके से की गई।
हनीट्रैप और साजिश का शक
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में एक युवती की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। आशंका है कि युवती ने अनुरूप गुप्ता को प्रेमजाल में फंसाकर मिलने के बहाने बिंदापुर बुलाया। वहां पहले से मौजूद उसके साथियों ने कथित तौर पर मारपीट कर उन्हें अगवा कर लिया। जांच अधिकारियों का मानना है कि फिरौती या किसी पुरानी रंजिश के चलते उनकी हत्या की गई और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को मथुरा ले जाकर ठिकाने लगाया गया।
पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
दिल्ली और मथुरा पुलिस की संयुक्त टीमें इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच में जुटी हैं। बिंदापुर से मथुरा तक के रास्तों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। मृतक के फोन पर आई अंतिम कॉल्स और संदिग्ध युवती के संपर्कों की भी जांच हो रही है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। अपहरण की एफआईआर में अब हत्या की धारा 302 और साक्ष्य मिटाने की धारा 201 जोड़ दी गई है।
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