1 रुपए में डॉक्टर तो फ्री में बनेंगे वकील और इंजीनियर, 2027 के चुनाव से पहले चंद्रशेखर का बड़ा दांव, गठबंधन के लिए पार्टियों को दिया खुला ऑफर
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 से पहले एक नया चुनावी नैरेटिव तैयार हो रहा है। लखनऊ से नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने ऐसा दांव चला है, जिसने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। 1 रुपए में MBBS डॉक्टर बनाने, इंजीनियरिंग और वकालत की पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त करने का वादा करते हुए चंद्रशेखर ने शिक्षा को चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश की है। सवाल यह है कि क्या मुफ्त शिक्षा का यह वादा युवाओं को अपनी ओर खींच पाएगा, या फिर यह सिर्फ चुनावी घोषणा बनकर रह जाएगा? आखिर चंद्रशेखर के इस मास्टरस्ट्रोक के पीछे की पूरी रणनीति क्या है और 2027 के समीकरणों पर इसका कितना असर पड़ सकता है...
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। इसी कड़ी में आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने लखनऊ से ऐसा चुनावी दांव चला है, जिसकी चर्चा आने वाले दिनों में राजनीतिक गलियारों में लगातार होती रहेगी। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के अस्थि कलश स्थल से उन्होंने न सिर्फ सत्ता परिवर्तन यात्रा का ऐलान किया, बल्कि शिक्षा, रोजगार, आरक्षण और किसानों को लेकर कई बड़े वादे भी किए। चंद्रशेखर ने खुद को युवाओं, दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों की आवाज बताते हुए कहा कि उनकी राजनीति का केंद्र मुफ्त और समान शिक्षा होगी। उन्होंने दावा किया कि अगर उनकी सरकार बनी तो प्रदेश में सिर्फ 1 रुपए में एमबीबीएस की पढ़ाई कराई जाएगी, जबकि वकालत और इंजीनियरिंग की शिक्षा पूरी तरह मुफ्त होगी।
'बीजेपी का संकल्प राम मंदिर था, हमारा संकल्प मुफ्त शिक्षा'
अपने संबोधन में चंद्रशेखर ने शिक्षा को सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कक्षा-1 से लेकर 12वीं तक सभी बच्चों को समान शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अमीर और गरीब के बीच शिक्षा का अंतर खत्म हो सके। उन्होंने कहा कि जिस तरह भारतीय जनता पार्टी ने राम मंदिर निर्माण को अपना संकल्प बनाया था, उसी तरह आजाद समाज पार्टी का संकल्प मुफ्त शिक्षा है। उनका कहना था कि शिक्षा महंगी होने के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लाखों बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और वकील बनने का सपना पूरा नहीं कर पाते।
पेपर लीक पर सरकार को घेरा, कहा- हत्या जैसी सजा मिले
युवाओं के मुद्दे पर आक्रामक दिखे चंद्रशेखर ने पेपर लीक को संगठित अपराध बताते हुए कहा कि इससे लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद होता है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामलों में हत्या जैसे गंभीर अपराधों के बराबर सख्त सजा का प्रावधान किया जाए। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निशुल्क आवेदन, मुफ्त प्रवेश परीक्षा और अभ्यर्थियों को गृह जनपद में परीक्षा केंद्र देने की भी मांग की। उनका कहना था कि बेरोजगार युवाओं को राहत देने के लिए सरकार को भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनानी चाहिए।
2027 की तैयारी, 403 सीटों पर लड़ने का दावा
चंद्रशेखर ने साफ संकेत दिया कि उनकी पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी ताकत से मैदान में उतरने जा रही है। उन्होंने कहा कि आजाद समाज पार्टी प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन के दरवाजे बंद नहीं हैं। जो भी दल सामाजिक न्याय, संविधान और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ना चाहता है, उसके लिए बातचीत की संभावना खुली है।
आरक्षण, ओल्ड पेंशन और MSP पर बड़े वादे
चंद्रशेखर ने सामाजिक न्याय का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा अति पिछड़ी जातियों के लिए 15 प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने का भी वादा किया। उनका कहना था कि किसानों को फसल नुकसान का पूरा मुआवजा मिलना चाहिए।
स्मार्ट मीटर से लेकर बिजली दरों तक सरकार पर हमला
अपने भाषण में चंद्रशेखर ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को भी मुद्दा बनाया। उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट और प्रीपेड मीटर के खिलाफ आवाज उठाने में उनकी पार्टी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी दबाव के कारण पीछे हटी है और चुनाव खत्म होने के बाद फिर से ऐसे फैसले लागू किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली दरों में बढ़ोतरी और लगातार कटौती से आम जनता परेशान है, जबकि सरकार विकास के दावे कर रही है।
4 जून से शुरू होगी सत्ता परिवर्तन यात्रा
चंद्रशेखर ने घोषणा की कि 4 जून को व्यवस्था परिवर्तन दिवस मनाया जाएगा और इसी दिन बिजनौर से सत्ता परिवर्तन यात्रा की शुरुआत होगी। उन्होंने इसे केवल राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि संविधान बचाने और सामाजिक न्याय की लड़ाई बताया। उनका कहना था कि यह यात्रा दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और युवाओं के अधिकारों को केंद्र में रखकर चलाई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बदलाव की मांग तेजी से बढ़ रही है और उनकी पार्टी उसी भावना को राजनीतिक ताकत में बदलना चाहती है।
अस्थि कलश विवाद पर भी सरकार को घेरा
चंद्रशेखर ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के अस्थि कलश स्थल से जुड़े विवाद को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस ऐतिहासिक स्थल की मौजूदा पहचान को बदलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सर्वजन हित की बात की जाती है तो क्या देश के सभी धार्मिक स्थलों को भी एक जगह स्थानांतरित किया जा सकता है। उनके मुताबिक बाबा साहब से जुड़े किसी भी प्रतीक के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
