'कालनेमी को पहचानना होगा' राम मंदिर पर राजनीति करने वालों पर भड़के सीएम योगी, गाय को राष्ट्रमाता घोषित कराने की मौलवियों की मांग पर भी दिया बड़ा बयान 

अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि में दर्शन के बाद संतों के बीच कई मुद्दों पर बड़ा संदेश दिया। गौमाता, राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी, संभल, 1947 के विभाजन और हिंदू एकता का जिक्र करते हुए योगी ने विपक्ष पर निशाना साधा और कालनेमी को पहचानने की अपील की।

Aug 14, 2026 - 15:43
Aug 14, 2026 - 15:45
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'कालनेमी को पहचानना होगा' राम मंदिर पर राजनीति करने वालों पर भड़के सीएम योगी, गाय को राष्ट्रमाता घोषित कराने की मौलवियों की मांग पर भी दिया बड़ा बयान 

अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को करीब तीन घंटे के दौरे पर अयोध्या पहुंचे। रामकथा पार्क हेलीपैड पर उतरने के बाद उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन किए। अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने संतों के बीच राम मंदिर आंदोलन से लेकर गौमाता, संभल, हिंदू एकता और राम जन्मभूमि में चढ़ावे की चोरी के मामले तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। पूज्य रामचंद्र दास परमहंस जी महाराज की 23वीं पुण्यतिथि पर दिगंबर अखाड़ा में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में संत-महंतों की मौजूदगी के बीच योगी ने परमहंस जी महाराज के योगदान को याद किया। इसी मंच से उन्होंने मौजूदा राजनीतिक हालात पर भी विपक्ष को घेरा और लोगों से उन ताकतों को पहचानने की अपील की, जो उनके मुताबिक राम का नाम लेकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही हैं।

गौमाता के मुद्दे पर योगी ने मौलवियों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौमाता के मुद्दे पर मुस्लिम मौलवियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कुछ मौलवी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर ज्ञापन देने आए थे। योगी ने कहा कि गाय सनातन धर्म और भारत की धरोहर है। हिंदुओं को गौमाता की पूजा किसी से सीखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर गौमाता के सम्मान की बात की जा रही है तो अपने समाज में गौ तस्करी और गोहत्या बंद कराने की पहल भी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 16 लाख गायों के संरक्षण के लिए गौशालाओं के माध्यम से काम किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने लोगों से भ्रम और दुर्भिसंधि फैलाने वालों से सतर्क रहने की अपील की।

राम जन्मभूमि में चढ़ावे की चोरी पर विपक्ष को घेरा
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े चढ़ावे की चोरी के मामले पर भी मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की सिफारिश पर एसआईटी गठित की गई, जांच हुई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। योगी ने कहा कि दूध का दूध, पानी का पानी होना चाहिए। सरकार और ट्रस्ट दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी तरह कृतसंकल्पित हैं। जब आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हो रही है तो इस मामले को लेकर राजनीति क्यों की जा रही है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी राम जन्मभूमि आंदोलन के विरोध में खड़े थे, रामभक्तों पर गोली चलाने वालों के साथ थे और राम मंदिर के खिलाफ मुकदमों में पैरवी करते थे, वही आज राम-राम जपते हुए कालनेमी के रूप में लोगों को बहकाने का प्रयास कर रहे हैं। योगी ने ऐसे लोगों को पहचानने और उनसे सतर्क रहने की अपील की।

परमहंस जी महाराज के जीवन को राम मंदिर आंदोलन से जोड़ा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य रामचंद्र दास परमहंस जी महाराज का पूरा जीवन प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए समर्पित रहा। 1949 से अपने अंतिम समय तक आंदोलन के हर महत्वपूर्ण चरण में उनकी प्रत्यक्ष भागीदारी रही। योगी ने कहा कि संतों ने किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए संघर्ष नहीं किया था। उनका संकल्प रामलला के भव्य मंदिर निर्माण और गुलामी के ढांचे को हटाना था। उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद आज अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर देश और दुनिया के सामने है। 

संभल से हिंदू एकता तक, योगी ने साधा बड़ा राजनीतिक संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में संभल का भी जिक्र किया। हरिहर मंदिर और प्राचीन तीर्थों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश पर सर्वे के दौरान वहां उपद्रव हुआ और पुलिस को निशाना बनाया गया। योगी ने दावा किया कि सरकार ने संभल में करीब 10 हजार एकड़ भूमि से कब्जे हटवाए हैं। उनका कहना था कि इस भूमि का आवंटन गरीब, दलित और कमजोर वर्ग के लोगों को किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संभल में जिला मुख्यालय के निर्माण की बात भी कही। संभल का जिक्र करते हुए उन्होंने हिंदू समाज की एकता पर भी जोर दिया। उनके भाषण में बार-बार यह संदेश दिखाई दिया कि समाज को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा।

1947 का जिक्र कर बोले- सिर्फ लोग नहीं, भारत भी कटा था
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1947 के विभाजन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय सिर्फ हिंदू और सिख ही नहीं कटे, बल्कि भारत भी कटा था। योगी ने कहा कि देश की सबसे बड़ी कमजोरी एकता की कमी रही है। उन्होंने समाज से इतिहास से सीख लेने और एक दिशा, एक स्वर में एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। 

अयोध्या की आज बदल गई तस्वीर
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के बदलते स्वरूप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय जिस अयोध्या को बिजली, सफाई और मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता था, आज वही अयोध्या अपने प्राचीन गौरव के अनुरूप विकसित हो रही है। योगी ने कहा कि अयोध्या का वर्तमान स्वरूप त्रेता युग की अयोध्या का स्मरण करा रहा है। राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में हुए विकास कार्यों को उन्होंने शहर के बदलते स्वरूप से जोड़ा। हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि में दर्शन के बाद संतों के बीच दिए गए मुख्यमंत्री के संबोधन में एक तरफ राम मंदिर आंदोलन की विरासत थी, तो दूसरी तरफ मौजूदा राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष को घेरने का प्रयास। गौमाता से लेकर संभल और राम जन्मभूमि के चढ़ावे के मामले तक योगी ने कई मुद्दों को एक साथ जोड़ते हुए लोगों से एकता बनाए रखने और अपने अनुसार भ्रम फैलाने वाली ताकतों से सतर्क रहने का संदेश दिया।

रिपोर्ट - अनूप कुमार 

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