ट्रम्प के एयरफोर्स वन पर हमले का था डर, ईरान के खतरे के बीच बदला था विमान, केटरिंग ट्रक से पहुंचाए गए दूसरे प्लेन तक

डोनाल्ड ट्रम्प ने माना है कि तुर्किये से लौटते समय ईरान के खतरे के कारण उनका विमान बदला गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें केटरिंग ट्रक के जरिए दूसरे विमान तक पहुंचाया।

Aug 12, 2026 - 10:04
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ट्रम्प के एयरफोर्स वन पर हमले का था डर, ईरान के खतरे के बीच बदला था विमान, केटरिंग ट्रक से पहुंचाए गए दूसरे प्लेन तक

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहली बार स्पष्ट तौर पर माना है कि पिछले महीने तुर्किये से लौटते समय सुरक्षा कारणों से उनका विमान बदला गया था। ट्रम्प के मुताबिक जिस विमान से वे NATO समिट में शामिल होने गए थे, उस पर हमले का सबसे ज्यादा खतरा था। सुरक्षा एजेंसियों के निर्देश पर उन्हें एयरपोर्ट के केटरिंग ट्रक में बैठाकर दूसरे विमान तक पहुंचाया गया। ट्रम्प ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अगर कोई हमला होता तो उसी विमान को निशाना बनाया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि वह वही करते हैं जो सुरक्षा एजेंसियां कहती हैं और उन्हें लगातार धमकियां मिलती रहती हैं। यह पूरा घटनाक्रम 8 जुलाई को तुर्किये की राजधानी अंकारा से ट्रम्प की वापसी के दौरान हुआ था। उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों को भी इस बदलाव की जानकारी नहीं दी गई थी।

कतर से मिले बोइंग 747 में तुर्किये पहुंचे थे ट्रम्प
ट्रम्प तुर्किये NATO समिट में शामिल होने के लिए जिस विमान से पहुंचे थे, वह बोइंग 747-8 था। यह विमान कतर के शाही परिवार ने पिछले साल अमेरिका को दिया था। बाद में अमेरिकी डिफेंस कंपनी L3Harris Technologies ने इसे राष्ट्रपति के इस्तेमाल के लिए तैयार किया। ट्रम्प ने पहली बार इस विमान का इस्तेमाल 1 जुलाई को नॉर्थ डकोटा की यात्रा के दौरान किया था। इसके कुछ ही दिन बाद वह इसी विमान से अपनी पहली विदेश यात्रा पर तुर्किये पहुंचे। वापसी के दौरान हालांकि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने विमान बदलने का फैसला किया।

केटरिंग ट्रक से दूसरे विमान तक ले जाया गया
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, 8 जुलाई को अंकारा से रवाना होते समय ट्रम्प कैमरों के सामने बोइंग 747-8 एयरफोर्स वन में सवार हुए थे। इसके बाद एयरपोर्ट पर सामान और खाना पहुंचाने वाले केटरिंग ट्रक का इस्तेमाल कर उन्हें चुपचाप अमेरिकी वायुसेना के वीआईपी सैन्य विमान C-32A तक पहुंचाया गया। सुरक्षा व्यवस्था इतनी गोपनीय रखी गई कि राष्ट्रपति के साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। ट्रम्प जिस C-32A विमान में सवार हुए, वह रात करीब 10:20 बजे ब्रिटेन के RAF मिल्डेनहॉल एयरबेस पहुंचा। कुछ मिनट बाद पुराना एयरफोर्स वन भी वहां पहुंच गया, जिसमें पत्रकार मौजूद थे। इसके बाद ट्रम्प को फिर आधिकारिक विमान में लाया गया। कुछ देर बाद वह एयरफोर्स वन से बाहर निकलते दिखाई दिए। इससे पत्रकारों को लगा कि ट्रम्प पूरी यात्रा इसी विमान से कर रहे थे।

पत्रकारों को खिड़कियों के शेड बंद रखने को कहा गया
तुर्किये से उड़ान भरने के बाद राष्ट्रपति के साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों को विमान की खिड़कियों के शेड नीचे रखने के निर्देश दिए गए थे। आम तौर पर इस तरह की सुरक्षा सावधानी संवेदनशील या खतरे वाले इलाके से गुजरते समय अपनाई जाती है। बाद में पत्रकारों ने ट्रम्प से इसका कारण पूछा। ट्रम्प ने कहा, शायद हम एक खतरनाक फ्लाइट पर थे। उनकी सूची में सबसे ऊपर मेरा नाम है। अगर मैं मरूंगा, तो आप भी मरेंगे। अब ट्रम्प के ताजा बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि विमान बदलने का फैसला सामान्य सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा नहीं था, बल्कि संभावित खतरे को देखते हुए किया गया था।

ईरान से मिले खतरे के बाद कुछ घंटों में तैयार हुआ ऑपरेशन
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान से मिले विश्वसनीय खतरे के इनपुट के बाद ट्रम्प की यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव का फैसला किया गया था। इस पूरे ऑपरेशन की तैयारी कुछ ही घंटों में की गई। इसमें ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ समेत कुछ चुनिंदा अधिकारी शामिल थे। इसका मकसद राष्ट्रपति की वास्तविक यात्रा और विमान की जानकारी को सार्वजनिक होने से रोकना था, ताकि संभावित हमलावरों को ट्रम्प की लोकेशन का पता न चल सके।

राष्ट्रपति की यात्रा छिपाने का तरीका पहले भी अपनाया गया
अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए यात्रा के दौरान विमान की वास्तविक पहचान छिपाने का तरीका नया नहीं है। वर्ष 2000 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पाकिस्तान यात्रा के दौरान भी इसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था अपनाई गई थी। तब क्लिंटन को ऐसे सरकारी विमान से पाकिस्तान भेजा गया था, जिस पर राष्ट्रपति के विमान के तौर पर कोई पहचान नहीं थी। वहीं, असली एयरफोर्स वन को दूसरे रास्ते से भेजा गया था, ताकि राष्ट्रपति की वास्तविक लोकेशन का पता न चल सके।

कतर से मिले विमान की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
ट्रम्प के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कतर के विमान को लेकर पहले से ही सुरक्षा संबंधी सवाल उठते रहे हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पुराने एयरफोर्स वन में राष्ट्रपति को संभावित हमले से बचाने के लिए कई विशेष सुरक्षा व्यवस्थाएं मौजूद हैं। कतर से मिले विमान में इन व्यवस्थाओं की क्षमता अलग बताई जाती है। यही वजह है कि तुर्किये से वापसी के दौरान ट्रम्प को इस विमान के बजाय C-32A सैन्य विमान में ले जाने के फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने यह नहीं माना कि कतर से मिले विमान में ट्रम्प की सुरक्षा को लेकर कोई कमी थी।

व्हाइट हाउस ने कहा- ट्रम्प की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाते हैं
कतर से मिले विमान की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों पर व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशन डायरेक्टर स्टीव चेउंग ने कहा कि इस विमान में ट्रम्प और उनके साथ मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के कई दुश्मन ट्रम्प को निशाना बनाना चाहते हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए हर जरूरी तरीका अपनाया जाता है। पेंटागन यानी अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से इस मामले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content