गाड़ियों पर जाति लिखना पड़ सकता है भारी, ट्रैफिक पुलिस कर रही सख्त कार्रवाई

Vehicle Number Plate Rules: गाड़ियों पर जाति या नाम लिखना अब महंगा पड़ सकता है। कानून के अनुसार नंबर प्लेट और गाड़ी पर अतिरिक्त लिखावट गैरकानूनी है। ट्रैफिक पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है, जिसमें जुर्माना और जेल तक की सजा हो सकती है। लोगों को नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।

Apr 17, 2026 - 16:00
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गाड़ियों पर जाति लिखना पड़ सकता है भारी, ट्रैफिक पुलिस कर रही सख्त कार्रवाई

सड़कों पर चलती कई गाड़ियों पर आपने जाति या नाम लिखे देखे होंगे, जिसे लोग अपनी पहचान मानते हैं। लेकिन अब यह शौक महंगा पड़ सकता है। ट्रैफिक पुलिस ऐसी गाड़ियों पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है और भारी जुर्माना भी वसूल रही है। कानून के अनुसार, नंबर प्लेट या गाड़ी पर किसी भी तरह की अतिरिक्त लिखावट गैरकानूनी मानी जाती है। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना ही नहीं, बल्कि जेल तक की सजा हो सकती है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए जरूरी है कि वे नियमों को समझें और उनका पालन करें।

नंबर प्लेट पर कुछ भी लिखना कानूनन अपराध
नियमों के मुताबिक मोटर वाहन अधिनियम 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के तहत नंबर प्लेट पर केवल रजिस्ट्रेशन नंबर ही होना चाहिए। नियम 50 साफ कहता है कि किसी भी तरह का स्टिकर, नाम या चिन्ह लगाना मना है। यदि कोई व्यक्ति नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ करता है, तो धारा 192 के तहत पहली बार 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। दोबारा गलती करने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना या एक साल की जेल भी हो सकती है।

गाड़ी की बॉडी और शीशे पर भी पाबंदी
सिर्फ नंबर प्लेट ही नहीं, बल्कि गाड़ी की बॉडी या पीछे के शीशे पर जाति सूचक शब्द लिखना भी नियमों के खिलाफ है। पुलिस इसे भी उल्लंघन मानती है। धारा 177 और 179(1) के तहत ऐसे मामलों में 1,000 से 2,500 रुपये तक का चालान किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश के कई शहरों जैसे नोएडा और गाजियाबाद में इसको लेकर विशेष अभियान चलाए गए हैं, जहां हजारों गाड़ियों के चालान काटे गए।

क्यों सख्त हुए नियम? जानें वजह
सरकार का मानना है कि गाड़ियों पर जाति लिखने से सामाजिक सद्भाव बिगड़ सकता है। इसके अलावा, नंबर प्लेट पर अतिरिक्त लिखावट होने से दुर्घटना या अपराध के समय गाड़ी की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। सड़क सुरक्षा के लिहाज से सभी वाहनों का एक समान मानक यानी HSRP का पालन जरूरी है।

ई-चालान से बढ़ी सख्ती
आज के समय में ई-चालान और ट्रैफिक ऐप्स के जरिए पुलिस के लिए ऐसे वाहनों की पहचान करना आसान हो गया है। इसलिए अब नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो रही है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी गाड़ी को नियमों के अनुसार ही रखें, ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।