थायराइड क्यों होता है महिलाओं में ज्यादा? डॉक्टर ने बताए कारण, इलाज और कंट्रोल करने के आसान तरीके
जानिए महिलाओं में थायराइड की समस्या क्यों ज्यादा होती है, इसके कारण, लक्षण, इलाज और योग-एक्सरसाइज से इसे कंट्रोल करने के आसान तरीके.
आजकल महिलाओं में थायराइड की समस्या तेजी से बढ़ती नजर आ रही है. यह एक ऐसी बीमारी है, जो शरीर के हार्मोनल संतुलन को प्रभावित करती है और धीरे-धीरे कई दूसरी परेशानियों की वजह बन सकती है. थायराइड का असर वजन, एनर्जी, मूड, मेटाबॉलिज्म और नींद तक पर पड़ता है. डॉक्टरों का कहना है कि कई महिलाएं इसके शुरुआती लक्षणों को सामान्य कमजोरी या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देती हैं. लेकिन समय रहते जांच और सही इलाज न हो तो समस्या गंभीर हो सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार, सही दवा, संतुलित खानपान और नियमित योग-व्यायाम से थायराइड को काफी हद तक कंट्रोल में रखा जा सकता है.
महिलाओं में क्यों ज्यादा होती है थायराइड की समस्या?
डॉक्टर के अनुसार, महिलाओं में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन ज्यादा मात्रा में होते हैं. पीरियड्स, गर्भावस्था और मेनोपॉज के दौरान इन हार्मोन्स में लगातार बदलाव आता है, जिसका असर थायराइड ग्रंथि पर पड़ सकता है। यही कारण है कि महिलाओं में पुरुषों की तुलना में थायराइड की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इसके अलावा आनुवंशिक कारण, आयोडीन की कमी, तनाव, धूम्रपान, ऑटोइम्यून बीमारियां, खराब खानपान और नींद की कमी भी इस बीमारी का खतरा बढ़ा सकती हैं. आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल भी इसके पीछे एक बड़ी वजह मानी जा रही है।
क्या थायराइड पूरी तरह ठीक हो सकता है?
डॉक्टरों का कहना है कि थायराइड को पूरी तरह जड़ से खत्म करना हमेशा संभव नहीं होता. ज्यादातर मामलों में यह लंबे समय तक रहने वाली समस्या होती है. हालांकि नियमित दवाओं, हेल्दी डाइट और अच्छी जीवनशैली की मदद से इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। अगर मरीज समय पर इलाज शुरू कर दे और डॉक्टर की सलाह का पालन करे, तो वह सामान्य जीवन जी सकता है. कई लोगों को लंबे समय तक दवा लेने की जरूरत भी पड़ सकती है।
योग और एक्सरसाइज कैसे करते हैं मदद?
विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित योग और एक्सरसाइज थायराइड कंट्रोल करने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं. सुबह की सैर, साइकिलिंग और हल्का व्यायाम शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाते हैं और तनाव कम करते हैं। योग में प्राणायाम, नाड़ीशोधन, भ्रामरी, सर्वांगासन, हलासन और मत्स्यासन जैसे आसन फायदेमंद माने जाते हैं. हालांकि इन्हें किसी अनुभवी योग प्रशिक्षक या डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए. पर्याप्त नींद, मेडिटेशन और तनाव से दूरी भी हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।
सही जीवनशैली से मिल सकता है बेहतर नियंत्रण
डॉक्टरों का मानना है कि थायराइड कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिससे घबराने की जरूरत हो, लेकिन इसे नजरअंदाज करना भी ठीक नहीं है। सही समय पर जांच, नियमित दवा, हेल्दी डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाकर इसे लंबे समय तक कंट्रोल में रखा जा सकता है।
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