TET परीक्षा से 24 घंटे पहले पेपर लीक, महाराष्ट्र सरकार ने परीक्षा टाली, 4.28 लाख अभ्यर्थियों पर असर
महाराष्ट्र में टीचर बनने का सपना देख रहे 4.28 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों को परीक्षा से ठीक 24 घंटे पहले बड़ा झटका लगा। TET का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद सरकार को पूरी परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि 18 हजार AI कैमरे, बायोमेट्रिक, फेस रिकग्निशन और कड़ी सुरक्षा के बावजूद पेपर बाहर कैसे पहुंच गया? पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है।
महाराष्ट्र में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों को परीक्षा से ठीक एक दिन पहले बड़ा झटका लगा। रविवार को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का प्रश्नपत्र परीक्षा से करीब 24 घंटे पहले ही लीक होने की सूचना सामने आने के बाद महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन काउंसिल (MSEC) ने परीक्षा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। नई परीक्षा तिथि बाद में घोषित की जाएगी। इस फैसले से राज्यभर के 4.28 लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने महीनों की तैयारी और यात्रा की योजना बना रखी थी।
भिवंडी में छापेमारी के बाद खुला मामला
पुलिस के अनुसार प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना मिलने के बाद ठाणे जिले के भिवंडी क्षेत्र में कई स्थानों पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान संदिग्ध प्रश्नपत्र बरामद किए गए, जिसके बाद महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन काउंसिल के अधिकारियों को बुलाकर उनकी पुष्टि कराई गई। प्रारंभिक जांच में पेपर के असली होने की पुष्टि होने के बाद परीक्षा स्थगित करने का फैसला लिया गया। पुलिस ने मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है, हालांकि अभी उनकी संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है। पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं रोक सकी पेपर लीक
इस परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर सुरक्षा इंतजाम किए थे। पूरे महाराष्ट्र में 1,729 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। निगरानी के लिए करीब 18 हजार AI आधारित CCTV कैमरे लगाए गए थे और प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर राज्य तथा जिला स्तर के कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था थी। अभ्यर्थियों की पहचान के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और फेस रिकग्निशन सिस्टम लागू किया गया था। परीक्षा केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से जांच, मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया था। प्रवेश के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे वैध पहचान पत्र अनिवार्य किए गए थे। इसके बावजूद परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
देश में लगातार बढ़ रहे हैं पेपर लीक के मामले
महाराष्ट्र TET का मामला ऐसे समय सामने आया है जब पिछले कुछ वर्षों में देश की कई बड़ी भर्ती और प्रवेश परीक्षाएं पेपर लीक की वजह से विवादों में रही हैं। हाल के वर्षों में राजस्थान REET, उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती, UPPSC RO/ARO, UGC-NET, उत्तराखंड पटवारी भर्ती, BPSC 67वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा, गुजरात जूनियर क्लर्क भर्ती, UPTET और हाल ही में आयोजित NEET-UG परीक्षा जैसे कई बड़े एग्जाम भी पेपर लीक के आरोपों के कारण सुर्खियों में रहे हैं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और परीक्षा सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में TET को बताया था अनिवार्य
इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह परीक्षा इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए भी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना अनिवार्य होगा। अदालत ने TET पास करने की समय सीमा 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है, लेकिन यह भी साफ कर दिया कि इसके बाद किसी प्रकार का अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि बिना TET योग्यता वाले शिक्षकों का सेवा में बने रहना आने वाली पीढ़ियों की शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करेगा। इस फैसले का असर देशभर के 20 लाख से अधिक शिक्षकों पर पड़ने वाला है।
लाखों अभ्यर्थियों के सामने फिर अनिश्चितता
परीक्षा स्थगित होने से सबसे अधिक परेशानी उन लाखों अभ्यर्थियों को हुई है, जिन्होंने महीनों की तैयारी के बाद परीक्षा देने के लिए यात्रा, ठहरने और अन्य व्यवस्थाएं पहले ही कर ली थीं। अब सभी की नजर महाराष्ट्र स्टेट एग्जामिनेशन काउंसिल की ओर है, जो जल्द नई परीक्षा तिथि घोषित करने की तैयारी में है। वहीं पुलिस पेपर लीक के पूरे नेटवर्क का पता लगाने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कह रही है।
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