NCERT ने 9वीं की सोशल साइंस से हटाई संविधान की प्रस्तावना, इमरजेंसी को बताया लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षा, जयप्रकाश नारायण के आंदोलन को भी दी जगह 

NCERT की 9वीं की नई सोशल साइंस किताब में बड़ा बदलाव किया गया है। संविधान की प्रस्तावना को हटा दिया गया है, जबकि इमरजेंसी, जयप्रकाश नारायण आंदोलन और लोकतंत्र की चुनौतियों पर नए अध्याय जोड़े गए हैं। आखिर नई किताब में क्या बदला, क्या हटाया गया और छात्रों को अब क्या पढ़ाया जाएगा?

Jun 26, 2026 - 14:02
Jun 26, 2026 - 14:43
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NCERT ने 9वीं की सोशल साइंस से हटाई संविधान की प्रस्तावना, इमरजेंसी को बताया लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षा, जयप्रकाश नारायण के आंदोलन को भी दी जगह 

स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली किताबें सिर्फ पाठ्यक्रम नहीं तय करतीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी देश के इतिहास, संविधान और लोकतंत्र को किस नजरिए से समझेगी, इसकी भी नींव रखती हैं। ऐसे में NCERT की कक्षा 9 की नई सोशल साइंस पुस्तक में किए गए बदलावों ने शिक्षा जगत से लेकर राजनीतिक गलियारों तक नई चर्चा शुरू कर दी है। नई किताब में भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) को जगह नहीं दी गई है। इसके साथ ही प्रस्तावना में शामिल सोशलिस्ट और सेक्युलर जैसे शब्दों का भी उल्लेख नहीं किया गया है। दूसरी ओर, 1975 की इमरजेंसी, जयप्रकाश नारायण आंदोलन और लोकतंत्र के सामने आने वाली चुनौतियों को पहले की तुलना में अधिक विस्तार से शामिल किया गया है।

किताब से हटाई गई संविधान की प्रस्तावना
नई पुस्तक अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड- पार्ट 1 में संविधान के निर्माण, लोकतांत्रिक संस्थाओं, मौलिक अधिकारों और नागरिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से जानकारी दी गई है। हालांकि, संविधान की प्रस्तावना को किताब में प्रकाशित नहीं किया गया है। यही नहीं, प्रस्तावना में शामिल सॉवरेन, सोशलिस्ट, सेक्युलर, डेमोक्रेटिक और रिपब्लिक जैसे शब्दों का अर्थ भी इस संस्करण में नहीं समझाया गया है। गौरतलब है कि 1976 में 42वें संविधान संशोधन के जरिए प्रस्तावना में सोशलिस्ट, सेक्युलर और इंटीग्रिटी शब्द जोड़े गए थे और ये आज भी संविधान का हिस्सा हैं।

इमरजेंसी को बताया लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षा
नई किताब का सबसे बड़ा बदलाव इमरजेंसी पर जोड़ा गया नया सेक्शन माना जा रहा है। इसमें बताया गया है कि 1970 के दशक में बेरोजगारी, महंगाई और सरकार के खिलाफ बढ़ते जन असंतोष के बीच जून 1975 में राष्ट्रीय आपातकाल लागू किया गया। किताब के अनुसार, इस दौरान कई मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई और बड़ी संख्या में राजनीतिक नेताओं व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। पुस्तक इस दौर को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक बताती है।

जयप्रकाश नारायण आंदोलन को दी प्रमुख जगह
नई किताब में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले छात्र आंदोलन का भी विस्तार से जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया है कि बिहार और गुजरात से शुरू हुए आंदोलन ने पूरे देश में लोकतांत्रिक बदलाव की मांग को मजबूत किया। पुस्तक के अनुसार, इमरजेंसी समाप्त होने के बाद 1977 में हुए आम चुनाव में जनता ने मतदान के जरिए सत्ता परिवर्तन किया, जिसे भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत के रूप में पेश किया गया है।

लोकतंत्र की नई चुनौतियां को भी किया गया शामिल
NCERT ने पहली बार लोकतंत्र के सामने मौजूद आधुनिक चुनौतियों को भी अलग सेक्शन में शामिल किया है। इसमें फेक न्यूज, गलत सूचनाओं का प्रसार, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, सामाजिक भेदभाव, क्षेत्रवाद, गरीबी और लैंगिक असमानता जैसी समस्याओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताया गया है। इसके साथ ही डेमोक्रेसी एंड यू नाम से नया सेक्शन जोड़ा गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों को लोकतंत्र में उनकी भूमिका, जिम्मेदारियों और सक्रिय भागीदारी के बारे में जागरूक करना है।

चुनाव आयोग और मीडिया की भूमिका पर दिया जोर
नई किताब में चुनाव आयोग को दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक चुनावों का सफल संचालन करने वाली संस्था बताया गया है। पुस्तक के अनुसार, 2024 के लोकसभा चुनाव में 96.8 करोड़ से अधिक मतदाता थे और इतने विशाल स्तर पर निष्पक्ष चुनाव कराना अपने आप में बड़ी चुनौती है। इसमें EVM, VVPAT, आदर्श आचार संहिता और मतदाता जागरूकता अभियानों की भी चर्चा की गई है। वहीं मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा गया है कि वह सरकार और जनता के बीच जवाबदेही बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content