पूर्व मंत्री के स्वागत मंच पर दिखे जिला बदर ब्लॉक प्रमुख, प्रतापगढ़ DM ने लिया बड़ा एक्शन, 8 गंभीर मुकदमों के बीच 6 महीने तक जिले में एंट्री बैन
प्रतापगढ़ की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब जिला बदर घोषित किए गए बेलखरनाथ ब्लॉक प्रमुख का पूर्व मंत्री के स्वागत करते हुए वीडियो सामने आ गया। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए छह महीने तक जिले में प्रवेश पर रोक लगा दी। आखिर कौन हैं सुशील सिंह, किन मामलों में दर्ज हैं 8 मुकदमे और क्यों प्रशासन ने उठाया यह सख्त कदम?
प्रतापगढ़ की राजनीति में एक वीडियो ने नई बहस छेड़ दी है। बेलखरनाथ धाम के ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह का एक कार्यक्रम में पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह का स्वागत करते हुए वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन की कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई है। अब जिला प्रशासन ने उन्हें छह महीने के लिए प्रतापगढ़ की सीमा से बाहर रहने का आदेश जारी कर दिया है।
DM ने जारी किया जिला बदर का आदेश
जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक पाण्डेय ने पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत सुशील सिंह को जिला बदर करने का आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार उन्हें तीन दिन के भीतर प्रतापगढ़ जनपद छोड़ना होगा और अगले छह महीने तक जिले की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का मानना है कि उनकी गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं।
दो दिन पहले पूर्व मंत्री के साथ मंच पर आए थे नजर
दिलचस्प बात यह है कि जिला बदर की कार्रवाई से ठीक पहले बेलखरनाथ ब्लॉक में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में सुशील सिंह सक्रिय रूप से शामिल हुए थे। कार्यक्रम में उन्होंने पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह का स्वागत किया और मंच भी साझा किया। इसी कार्यक्रम का वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया है।
8 गंभीर मुकदमे, गैंगस्टर और NDPS एक्ट भी शामिल
प्रशासनिक रिकॉर्ड के मुताबिक सुशील सिंह के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में कुल आठ मुकदमे पट्टी कोतवाली और एक मुकदमा नगर कोतवाली में दर्ज है। इनमें एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर आपराधिक धाराएं शामिल हैं। हाल ही में पट्टी रजिस्ट्री कार्यालय में हुए हमले, फायरिंग और एमडी ड्रग्स तस्करी के मामले में भी वह जेल जा चुके हैं। कुछ महीने पहले ही उन्हें जमानत मिली थी।
कार्रवाई से पहले दिया गया था नोटिस
प्रशासन ने जिला बदर की कार्रवाई से पहले सुशील सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जवाब में उन्होंने खुद को शांतिप्रिय और सामाजिक व्यक्ति बताते हुए कार्रवाई न करने की अपील की थी। हालांकि जिला प्रशासन ने उनके स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर जिला बदर का आदेश जारी कर दिया।
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