अमेरिका-ईरान जंग रुकी, भारत ने किया स्वागत ... जानिए विदेश मंत्रालय ने क्या कहा
अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिन से जारी जंग के बाद दो हफ्ते का सीजफायर हुआ। भारत ने इसका स्वागत किया और आशा जताई कि यह क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर कम होगा।
मिडिल ईस्ट में पिछले एक महीने से अधिक समय से चल रही जंग फिलहाल दो हफ्ते के लिए रुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर का ऐलान किया है और तेहरान ने भी इसे स्वीकार कर लिया है। इस फैसले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव में कमी आई है। पाकिस्तान समेत कई देशों ने इस जंगविराम का स्वागत किया है।
भारत का स्वागत और आशा
विदेश मंत्रालय ने बुधवार, 8 अप्रैल, 2026 को बयान जारी कर इस फैसले का स्वागत किया। मंत्रालय ने कहा कि भारत आशा करता है कि यह कदम क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में मददगार साबित होगा। मंत्रालय ने कहा कि किसी भी संघर्ष का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है। भारत ने इस बयान में होरमुज़ जलडमरूमध्य का भी जिक्र किया। सरकार ने कहा कि उम्मीद है कि जलडमरूमध्य में नौवहन और वैश्विक व्यापार का प्रवाह निर्बाध जारी रहेगा। मंत्रालय ने बताया कि लंबे समय से चल रही जंग ने आम लोगों को भारी दुख पहुंचाया और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार नेटवर्क पर असर डाला।
जंग की शुरुआत और घटनाक्रम
इस जंग की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर संयुक्त सैन्य हमले किए। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई बड़े अधिकारी मारे गए। इसके बाद ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की। इस जंग का असर दुनिया के कई देशों पर पड़ा।
सीजफायर पर सहमति
लगभग 40 दिन बाद ईरान और अमेरिका दोनों देशों ने सीजफायर पर सहमति जताई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्ते के लिए संघर्षविराम को मंजूरी दी। यह सहमति उनकी निर्धारित रात 8 बजे की समय सीमा से कुछ समय पहले ही बनी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम क्षेत्र में शांति बहाल करने और वैश्विक व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित होने से रोकने के लिए महत्वपूर्ण है।
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