यूपी STF ने 6 हत्याओं के आरोपी आसिफ अली को एनकाउंटर में मार गिराया, 20 मुकदमों में था वांटेड, कच्छा-बनियान पहनकर करता था डकैती
उत्तर प्रदेश STF ने अंबेडकरनगर में 6 हत्याओं के आरोपी और एक लाख के इनामी बदमाश आसिफ अली को एनकाउंटर में मार गिराया। वह कुख्यात छैमार गैंग का सरगना था और यूपी, राजस्थान व हरियाणा में 20 से अधिक मुकदमों में वांटेड था। जानिए कैसे करता था वारदात और क्या है इस गैंग की पूरी कहानी।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने मंगलवार तड़के अंबेडकरनगर में हुई मुठभेड़ में कुख्यात बदमाश आसिफ अली (40) को मार गिराया। वह छैमार गैंग का सरगना था और छह हत्याओं समेत कई संगीन मामलों में वांटेड था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में करीब 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। जौनपुर में डकैती के दौरान दो महिलाओं की हत्या के मामले में उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। STF के मुताबिक मुठभेड़ मंगलवार सुबह करीब चार बजे जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर जगदीशपुर गांव के पास हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि आसिफ इलाके में छिपा हुआ है और किसी बड़ी वारदात की तैयारी में है। सूचना के आधार पर STF ने घेराबंदी की।
पुलिस पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में लगी दो गोलियां
नोएडा STF यूनिट के एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि घेराबंदी के दौरान आसिफ बाइक से भागने की कोशिश करने लगा। पीछा करने पर उसने STF टीम पर फायरिंग कर दी। इस दौरान एक सिपाही के दाहिने हाथ में गोली लग गई। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आसिफ के सीने में दो गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौके से पुलिस ने एक पिस्टल, 12 बोर का तमंचा और एक बाइक बरामद की है।
डकैती का तय था पैटर्न, विरोध करने वालों की कर देता था हत्या
पुलिस के अनुसार आसिफ अली और उसका गिरोह वारदात को एक तय तरीके से अंजाम देता था। गिरोह के सदस्य पहले दिन में इलाके की रेकी करते थे। रात में कच्छा-बनियान पहनकर घरों में घुसते, परिवार के लोगों को बंधक बनाते और नगदी व जेवरात लूट लेते थे। यदि कोई विरोध करता था तो उसकी हत्या कर दी जाती थी। वारदात के बाद आसिफ अपना नाम और ठिकाना बदलकर दूसरे जिले या राज्य में छिप जाता था, जिससे पुलिस को उसकी तलाश में काफी कठिनाई होती थी। STF के मुताबिक जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र में डकैती के दौरान आसिफ और उसके साथियों ने दो महिलाओं की हत्या कर दी थी। वारदात में परिवार के तीन अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसी मामले में जौनपुर पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
आसिफ अली की प्रमुख वारदातें
आसिफ अली का अपराध रिकॉर्ड बेहद लंबा और खौफनाक रहा।
- 19 अक्टूबर 2013, सुल्तानपुर – 10 साथियों के साथ घर में डकैती, परिवार को बंधक बनाया और एक व्यक्ति की हत्या।
- 2014, जौनपुर (शाहगंज) – घर में घुसकर लूट, परिवार के पांच लोगों पर हमला, दो महिलाओं स्वाति और सुमन की इलाज के दौरान मौत।
- 15 अगस्त 2015, कौशांबी – डकैती के दौरान पति-पत्नी की हत्या।
- 19 अगस्त 2015, मुजफ्फरनगर – एक ही रात में कई घरों में डकैती, महिलाओं पर जानलेवा हमला।
- 13 जनवरी 2021, कानपुर देहात – घर में घुसकर तासीम की हत्या।
इन घटनाओं ने उसे प्रदेश के सबसे खूंखार अपराधियों में शामिल कर दिया था।
क्या है छैमार गैंग?
पुलिस के अनुसार छैमार गैंग उत्तर प्रदेश के कुख्यात डकैत गिरोहों में शामिल है। यह गिरोह उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान और हरियाणा समेत कई राज्यों में सक्रिय रहा है। वारदात के बाद इसके सदस्य लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते हैं ताकि पुलिस की गिरफ्त से बच सकें। गिरोह की महिलाओं की भूमिका भी अहम मानी जाती है। पुलिस के मुताबिक महिलाएं दिन में भीख मांगने या कूड़ा बीनने के बहाने घरों की रेकी करती हैं। इसके बाद रात में गिरोह के सदस्य उसी घर को निशाना बनाते हैं।
क्यों कहा जाता है छैमार गैंग?
पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस गिरोह में सरदार बनने के लिए कम से कम छह हत्याएं करना अनिवार्य माना जाता है। इसी वजह से इसे 'छैमार गैंग' कहा जाता है। गिरोह में सबसे अधिक गंभीर अपराध करने वाले सदस्य को सबसे ऊंचा दर्जा दिया जाता है। पुलिस का यह भी कहना है कि वारदात से पहले गिरोह काली माता की पूजा करता है और शराब का भोग लगाता है। इसके बाद सदस्य कच्छा-बनियान पहनकर घरों में घुसते हैं। गोली चलाने से बचने के लिए अधिकांश वारदातों में धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है।
पुलिस अब नेटवर्क की जांच में जुटी
STF का कहना है कि आसिफ अली के मारे जाने के बाद अब उसके अन्य साथियों और पूरे नेटवर्क की पहचान की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरोह के सक्रिय सदस्य फिलहाल किन जिलों और राज्यों में छिपे हुए हैं। जांच एजेंसियां गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी समीक्षा कर रही हैं।
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