असम में वायुसेना का AN-32 विमान क्रैश, 5 जवान हुए शहीद, आखिर कैसे IAF का वर्कहॉर्स बन गया मौत का जहाज?

असम के जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान वायुसेना का AN-32 विमान क्रैश हो गया। हादसे में 5 जवानों की मौत हुई। आखिर क्या है AN-32 की कहानी, क्यों इसे वायुसेना का वर्कहॉर्स कहा जाता है और क्यों अब इसे बदलने की तैयारी हो रही है? 

Jun 13, 2026 - 15:17
Jun 13, 2026 - 15:49
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असम में वायुसेना का AN-32 विमान क्रैश, 5 जवान हुए शहीद, आखिर कैसे IAF का वर्कहॉर्स बन गया मौत का जहाज?

भारतीय वायुसेना के लिए शनिवार की सुबह एक दर्दनाक खबर लेकर आई। असम के जोरहाट स्थित रौरिया एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान वायुसेना का AN-32 मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि विमान रनवे के पास ही आग के गोले में तब्दील हो गया और दो हिस्सों में टूट गया। इस दुर्घटना में पायलट समेत पांच वायुसेना कर्मियों की मौत हो गई, जबकि को-पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया है। हादसे ने एक बार फिर भारतीय वायुसेना के पुराने ट्रांसपोर्ट बेड़े और उसकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कौन थे वे 5 जवान जिन्होंने देश सेवा के दौरान गंवाई जान ?
वायुसेना की ओर से जारी जानकारी के अनुसार हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम की मौत हो गई। ये सभी नियमित ड्यूटी पर थे और विमान रुटीन उड़ान पूरी कर एयरबेस पर लौट रहा था। हादसे की खबर मिलते ही वायुसेना और सैन्य प्रतिष्ठानों में शोक की लहर दौड़ गई।

लैंडिंग के दौरान क्या हुआ ? 
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक विमान सुबह करीब 10 बजे एयरबेस पर उतरने की प्रक्रिया में था। इसी दौरान वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद विमान में भीषण आग लग गई और उसका ढांचा दो हिस्सों में बंट गया। हालांकि दुर्घटना की असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है। भारतीय वायुसेना ने लोगों से किसी भी तरह के अनुमान लगाने से बचने की अपील की है और मामले की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए हैं।

वायुसेना का वर्कहॉर्स क्यों कहलाता है AN-32 ?
जिस AN-32 विमान का हादसा हुआ, उसे भारतीय वायुसेना का वर्कहॉर्स यानी सबसे भरोसेमंद मालवाहक विमान माना जाता है। पिछले चार दशकों से यह विमान देश के सबसे कठिन इलाकों में सैनिकों और सैन्य सामान की ढुलाई का काम करता रहा है। हिमालय की ऊंची चोटियों से लेकर पूर्वोत्तर के दुर्गम क्षेत्रों तक, जहां सामान्य विमान पहुंचने में मुश्किल महसूस करते हैं, वहां AN-32 ने अपनी उपयोगिता साबित की है। यह विमान एक बार में करीब 6 से 7 टन सामान या 40 से 50 सैनिकों को लेकर उड़ान भर सकता है। छोटे और कच्चे रनवे पर उतरने की क्षमता इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। यही वजह है कि राहत एवं बचाव अभियानों के दौरान भी इसका व्यापक उपयोग किया जाता रहा है।

अब क्यों बदलना चाहती है वायुसेना अपना पुराना बेड़ा ?
इस हादसे के बीच एक अहम तथ्य यह भी सामने आया है कि भारतीय वायुसेना पहले से ही AN-32 और IL-76 जैसे पुराने ट्रांसपोर्ट विमानों को बदलने की तैयारी कर रही है। रक्षा सूत्रों के अनुसार आने वाले वर्षों में नए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदे जाएंगे, जो सैनिकों, हथियारों और सैन्य उपकरणों की ढुलाई का काम संभालेंगे। भारतीय वायुसेना ने 1980 के दशक में रूस से 125 AN-32 विमान खरीदे थे। समय के साथ इनमें से कई विमान सेवा से बाहर हो चुके हैं और वर्तमान में लगभग 100 विमान सक्रिय ड्यूटी में हैं। हालांकि लगातार बढ़ती तकनीकी जरूरतों और विमानों की उम्र को देखते हुए इनके प्रतिस्थापन की योजना पर काम चल रहा है।

छह महीने में कई हादसे, बढ़ी चिंता
जोरहाट हादसा ऐसे समय में हुआ है जब इस साल वायुसेना के विमानों से जुड़े कई हादसे सामने आ चुके हैं। जनवरी में उत्तर प्रदेश में एक प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। फरवरी में तेजस लड़ाकू विमान टेकऑफ के दौरान रनवे से बाहर चला गया। मार्च में असम के कार्बी आंगलोंग में Su-30MKI विमान क्रैश होने से दो पायलटों की मौत हो गई थी। अप्रैल में पुणे एयरपोर्ट पर एक लड़ाकू विमान की हार्ड लैंडिंग ने भी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ाया था। हालांकि हर हादसे के पीछे अलग-अलग तकनीकी और परिचालन कारण रहे हैं। फिलहाल पूरे देश की निगाहें कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की जांच पर टिकी हैं। यह जांच तय करेगी कि हादसा तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि या किसी अन्य कारण से हुआ।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content