लेह-लद्दाख में बिगड़ी यूपी के 4 सांसदों की तबीयत, किसी का ऑक्सीजन लेवल पहुंचा 37 तो किसी को AIIMS में कराना पड़ा भर्ती

UP MPs Health Issue: लेह-लद्दाख दौरे पर गए उत्तर प्रदेश के चार सांसदों की तबीयत ऑक्सीजन की कमी से बिगड़ गई। एक सांसद को दिल्ली एम्स में भर्ती कराना पड़ा, जबकि अन्य सांसदों को ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ा। दौरे के दौरान कई अहम राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाएं भी सामने आईं।

Jun 8, 2026 - 10:53
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लेह-लद्दाख में बिगड़ी यूपी के 4 सांसदों की तबीयत, किसी का ऑक्सीजन लेवल पहुंचा 37 तो किसी को AIIMS में कराना पड़ा भर्ती

लेह-लद्दाख के दौरे पर गए उत्तर प्रदेश के चार सांसदों की तबीयत अचानक खराब हो गई। ऊंचाई वाले इलाके में ऑक्सीजन की कमी के कारण उन्हें सांस लेने में गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा। एक सांसद की हालत इतनी बिगड़ गई कि उनके मुंह और नाक से खून आने लगा और दौरे से लौटने के बाद उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराना पड़ा। वहीं अन्य सांसदों को लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहना पड़ा। यह दौरा 16 मई 2026 को शुरू हुआ था। उद्योग संबंधी संसदीय स्थायी समिति के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई तिरुची शिवा कर रहे थे। इस टीम में उत्तर प्रदेश के चार सांसद भी शामिल थे। समिति 19 मई को जमीन से करीब 12,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित लेह पहुंची थी। अगले दिन सांसदों का दल 14,588 फीट की ऊंचाई पर स्थित पैंगोंग झील देखने गया।

कई सांसदों को देनी पड़ी मेडिकल सहायता
इतनी अधिक ऊंचाई पर अचानक पहुंचने के कारण अधिकांश सांसदों और उनके परिजनों का ऑक्सीजन स्तर तेजी से गिर गया। पूरे दल में केवल दो से तीन सांसद ऐसे थे, जिन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ी। बाकी लगभग सभी लोगों की तबीयत प्रभावित हुई। अफजाल अंसारी ने बताया कि उनका ऑक्सीजन लेवल गिरकर 37 तक पहुंच गया था, जबकि सामान्य स्तर 91 से 100 के बीच माना जाता है। उन्होंने कहा कि लेह पहुंचने के बाद 48 से 72 घंटे का आराम जरूरी था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्हें गाड़ी से लेकर होटल तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहना पड़ा और ऑक्सीजन सिलेंडर हमेशा साथ रखना पड़ा।

सांसद दरोगा प्रसाद सरोज को कराना पड़ा AIIMS में भर्ती
दरोगा प्रसाद सरोज ने बताया कि ऊंचाई वाले क्षेत्र में पहुंचते ही उन्हें सांस लेने में परेशानी शुरू हो गई। कुछ समय बाद उनके मुंह और नाक से खून आने लगा। इसके बाद उन्हें तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। सात दिन के दौरे से लौटने के बाद उन्हें दिल्ली के AIIMS में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि वहां जीवन बेहद कठिन है और देश की रक्षा कर रहे सैनिकों का वेतन 10 लाख रुपये से कम नहीं होना चाहिए।

डॉक्टरों की टीम रही साथ
राकेश राठौर ने कहा कि लेह-लद्दाख में ऑक्सीजन की समस्या सामान्य बात है। स्थानीय लोग इसके अभ्यस्त होते हैं, लेकिन बाहर से आने वालों को दिक्कत होना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि संसदीय समिति के साथ डॉक्टरों की पूरी टीम मौजूद थी, जिससे सभी को समय पर चिकित्सा सहायता मिल गई। चंदन चौहान की तबीयत भी ऑक्सीजन की कमी के कारण खराब हुई थी, हालांकि उनसे संपर्क नहीं हो सका। दौरे के दौरान एक दिलचस्प राजनीतिक घटना भी सामने आई। जम्मू राजभवन में मनोज सिन्हा ने समिति का स्वागत किया। अफजाल अंसारी और मनोज सिन्हा की यह 1996 के बाद पहली मुलाकात थी। अफजाल ने बताया कि मनोज सिन्हा ने उनका आत्मीयता के साथ स्वागत किया और उन्हें माता वैष्णो देवी का प्रसाद, कश्मीरी शॉल और केसर भेंट किया।

पुलवामा और पहलगाम भी पहुंचे सांसद
समिति के सदस्य उन संवेदनशील स्थानों पर भी गए जहां आतंकी घटनाएं हुई थीं। उन्होंने 2019 के पुलवामा हमला स्थल और पिछले वर्ष हुई पहलगाम घटना वाले स्थान का दौरा किया। इसके अलावा सांसदों ने कश्मीर की प्रसिद्ध पश्मीना शॉल बनाने की प्रक्रिया को भी समझा। अफजाल अंसारी ने बताया कि यह शॉल लद्दाख की ऊंची पहाड़ियों में रहने वाले विशेष पशुओं के ऊन से तैयार की जाती है और इसकी कीमत 5 लाख रुपये तक हो सकती है। दौरे के दौरान SBI की विभिन्न विकास परियोजनाओं और उनकी प्रगति की भी समीक्षा की गई।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।