कौन हैं अखिलेश के सामने पुशअप लगाने वाले सीताराम? झांसी के 50 साल के किसान, बोले- भैया कहेंगे तो 200 पुशअप भी लगा देंगे
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सामने एक कार्यकर्ता अचानक जमीन पर लेट गया और पुशअप लगाने लगा। पहले तो माहौल में हंसी छूटी, फिर खुद अखिलेश यादव गिनती करने लगे। आखिर ऐसा क्या हुआ कि 9वें पुशअप पर उन्होंने कार्यकर्ता को रोक दिया? जानिए झांसी के किसान और पहलवान सीताराम यादव की पूरी कहानी, जिसने जन्मदिन पर 58 किलो की पीतल की प्रतिमा भी भेंट की।
राजनीति में नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच कई बार ऐसे पल देखने को मिल जाते हैं, जो लंबे समय तक चर्चा का विषय बने रहते हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का ऐसा ही एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में झांसी का एक सपा कार्यकर्ता उनके सामने जमीन पर लेटकर पुशअप लगाने लगता है। खास बात यह रही कि पुशअप की गिनती खुद अखिलेश यादव करने लगे और नौवें पुशअप पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कार्यकर्ता को रोक दिया। हालांकि यह वीडियो नया नहीं है। यह घटना 1 जनवरी 2026 की बताई जा रही है, लेकिन अब सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
"भैया के लिए 100-200 पुशअप भी लगा दूंगा"
वीडियो में नजर आ रहे कार्यकर्ता की पहचान झांसी के सीताराम यादव उर्फ कन्हैयालाल के रूप में हुई है। सीताराम खुद को पहलवान बताते हैं। उनका कहना है कि अगर अखिलेश यादव कहें तो वह एक-दो नहीं, 100-200 पुशअप भी लगा सकते हैं। वीडियो में वह पहले अपना मोबाइल और घड़ी टेबल पर रखते हैं। इसके बाद जमीन पर लेटकर पुशअप शुरू कर देते हैं। शुरुआत में अखिलेश यादव भी मुस्कुराते हुए उनकी गिनती करने लगते हैं। चार पुशअप के बाद वह उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं, लेकिन सीताराम कहते हैं, यहीं अखाड़ा बनेगा। इसके बाद वह लगातार पुशअप लगाते रहते हैं। आखिरकार नौवें पुशअप के बाद अखिलेश यादव उन्हें रोकते हुए कहते हैं कि बस... अब हाथ-पैर दुखने लगेंगे।
ऐसे शुरू हुई पुशअप की चुनौती
सीताराम यादव ने बताया कि वह 1 जनवरी 2026 को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय पहुंचे थे। उस दिन उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की 38 किलो वजनी पीतल की प्रतिमा अखिलेश यादव को भेंट की थी। उनके मुताबिक, बातचीत के दौरान उन्होंने अखिलेश यादव से कहा कि नेताजी धरती पुत्र थे और पहलवान भी। मैं भी पहलवान हूं। यह सुनते ही अखिलेश यादव ने मुस्कुराते हुए पूछा तो पुशअप भी लगाते होंगे? सीताराम ने जैसे ही हामी भरी, अखिलेश यादव ने वहीं पुशअप लगाकर दिखाने को कहा। इसके बाद उन्होंने पहले मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा को प्रणाम किया और फिर पुशअप लगाने शुरू कर दिए। कुछ देर बाद खुद अखिलेश यादव ने उन्हें रोक दिया।
जन्मदिन पर दी 58 किलो की खास प्रतिमा
सीताराम यादव का कहना है कि हाल ही में 1 जुलाई को अखिलेश यादव के जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने अलीगढ़ से विशेष रूप से 58 किलो वजनी पीतल की प्रतिमा तैयार करवाई थी। इस प्रतिमा में अखिलेश यादव को साइकिल पर सवार दिखाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रतिमा लेकर जब वह लखनऊ पहुंचे तो कार्यालय में हजारों कार्यकर्ताओं की भीड़ थी। इसके बावजूद अखिलेश यादव ने उन्हें पहचान लिया और मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद उन्होंने प्रतिमा भेंट की। सीताराम का कहना है कि अखिलेश यादव अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान करते हैं और उन्हें कभी नजरअंदाज नहीं करते।
बेटी की शादी का निमंत्रण भी दिया था
सीताराम ने बताया कि उसी मुलाकात के दौरान उन्होंने अपनी बेटी की शादी का निमंत्रण पत्र भी अखिलेश यादव को दिया था। इसके बाद 21 फरवरी को अखिलेश यादव झांसी पहुंचे और शादी समारोह में शामिल भी हुए।
50 साल की उम्र में भी रोज करते हैं कसरत
झांसी के रहने वाले सीताराम यादव पेशे से किसान हैं और समाजवादी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता भी हैं। उनका कहना है कि बचपन से ही उन्हें कुश्ती और व्यायाम का शौक रहा है। करीब 50 वर्ष की उम्र में भी वह रोजाना एक से दो घंटे तक कसरत करते हैं। नियमित पुशअप और व्यायाम को ही वह अपनी फिटनेस का राज बताते हैं।
जिलाध्यक्ष बोले- ऐसे कार्यकर्ता ही पार्टी की ताकत हैं
समाजवादी पार्टी के झांसी जिलाध्यक्ष बृजेंद्र सिंह भोजला ने कहा कि सीताराम यादव पार्टी के समर्पित और सक्रिय कार्यकर्ताओं में शामिल हैं। उनका कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ता होते हैं और सीताराम क्षेत्र में संगठन के लिए लगातार मेहनत करते हैं।
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