4 साल बाद यूपी को मिलेगा स्थायी DGP… आज दिल्ली में होगी बड़ी बैठक, राजीव कृष्ण सबसे आगे
UP DGP News: उत्तर प्रदेश को करीब चार साल बाद स्थायी डीजीपी मिलने जा रहा है। UPSC की बैठक में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों का पैनल तैयार होगा। सूत्रों के मुताबिक कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण स्थायी डीजीपी बनने की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस को करीब चार साल बाद स्थायी पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी मिलने जा रहा है। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए मंगलवार को दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मुख्य सचिव एसपी गोयल शामिल होंगे। बैठक में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों का पैनल तैयार किया जाएगा, जिसे बाद में यूपी सरकार को भेजा जाएगा। इन तीन नामों में से एक अधिकारी को उत्तर प्रदेश का स्थायी डीजीपी नियुक्त किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण का नाम इस दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है।
तीन वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर मंथन
UPSC की बैठक में जिन अधिकारियों के नामों पर चर्चा हो रही है, उनमें वरिष्ठता के आधार पर कुछ बड़े नाम शामिल हैं। इनमें एक महिला आईपीएस अधिकारी भी हैं, जिन्होंने बीकॉम, एमए इकोनॉमिक्स और पुलिस प्रशासन में एमए किया है। वह पहले उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। मई 2021 में उन्हें डीजी पद पर प्रमोशन मिला था, लेकिन सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले के बाद जुलाई 2024 से उन्हें कोई नियमित जिम्मेदारी नहीं मिली। इसके अलावा एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वर्तमान में केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ के महानिदेशक के पद पर तैनात हैं। उनका कार्यकाल हाल ही में एक साल के लिए बढ़ाया गया है। उन्होंने IIT दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और गुरुग्राम से पब्लिक पॉलिसी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। यूपी पुलिस में रहते हुए उन्होंने 11 जिलों में एसपी और एसएसपी की जिम्मेदारी संभाली है। साथ ही वह करीब सात साल तक सीबीआई में भी काम कर चुके हैं।
राजीव कृष्ण सबसे मजबूत दावेदार
वर्तमान में राजीव कृष्ण उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक डीजीपी हैं। मई 2022 में मणीलाल गोयल के बाद से यूपी पुलिस को स्थायी प्रमुख नहीं मिला है। ऐसे में लंबे समय से कार्यवाहक व्यवस्था के सहारे पुलिस प्रशासन चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि राजीव कृष्ण को स्थायी डीजीपी बनाए जाने की संभावना सबसे अधिक है। अगर ऐसा होता है तो उत्तर प्रदेश पुलिस को करीब चार साल बाद स्थायी नेतृत्व मिलेगा।
क्यों अहम है यह नियुक्ति?
स्थायी डीजीपी की नियुक्ति को पुलिस प्रशासन के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे विभाग में स्थिरता आएगी और लंबे समय की रणनीति पर काम करना आसान होगा। UPSC की ओर से पैनल भेजे जाने के बाद राज्य सरकार तीन नामों में से एक अधिकारी का चयन करेगी। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद नए स्थायी डीजीपी को आधिकारिक रूप से पदभार सौंप दिया जाएगा।
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