UP में 57 हजार ग्राम प्रधान बने प्रशासक, लेकिन अब हाईकोर्ट पहुंचा मामला… योगी सरकार के आदेश पर क्यों उठे सवाल?

UP Gram Pradhan: उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों को 6 महीने के लिए प्रशासक बनाए जाने का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने योगी सरकार के आदेश पर जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ता ने इसे पंचायत राज कानून की मंशा और व्यवस्था के खिलाफ बताया है।

Jun 3, 2026 - 11:20
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UP में 57 हजार ग्राम प्रधान बने प्रशासक, लेकिन अब हाईकोर्ट पहुंचा मामला… योगी सरकार के आदेश पर क्यों उठे सवाल?

UP Panchayat Raj Act: उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने का मामला अब कानूनी बहस का विषय बन गया है। योगी सरकार द्वारा प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में निवर्तमान प्रधानों को 6 महीने के लिए प्रशासक नियुक्त करने के आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में चुनौती दी गई है। इस मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 3 जून को होगी। इस फैसले के बाद प्रदेश की पंचायत व्यवस्था और आगामी पंचायत चुनाव को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

हाईकोर्ट पहुंचा ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने का मामला
जनहित याचिका ओमप्रकाश प्रजापति की ओर से दायर की गई है। उनका कहना है कि सरकार का यह आदेश पंचायत राज कानून की मंशा और स्थापित व्यवस्था के विपरीत है, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने शासनादेश और संबंधित कानूनी प्रावधानों का भी जिक्र किया गया। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए सरकार से अपना पक्ष रखने को कहा है।

याचिकाकर्ता ने क्या उठाए सवाल?
याचिकाकर्ता का तर्क है कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 12(3)(क) के अनुसार ग्राम प्रधान का कार्यकाल शपथ ग्रहण की तारीख से अधिकतम पांच वर्ष तक ही होता है। ऐसे में समय पर पंचायत चुनाव न कराकर उसी प्रधान को प्रशासक बनाना उसके कार्यकाल को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ाने जैसा है, जो कानून की भावना के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले जब पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाते थे, तब एडीओ पंचायत या अन्य सरकारी अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त किया जाता था। इस बार भी यही व्यवस्था अपनाई जानी चाहिए थी।

कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
याचिकाकर्ता के वकील अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने सरकारी वकील को राज्य सरकार से निर्देश लेकर अदालत में पक्ष रखने का आदेश दिया है।

क्या है पूरा मामला?
प्रदेश की 57,694 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो गया था। इससे एक दिन पहले 25 मई को राज्य सरकार ने आदेश जारी कर निवर्तमान ग्राम प्रधानों को अगले 6 महीने या पंचायत चुनाव होने तक प्रशासक नियुक्त कर दिया। बुधवार से सभी प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि पंचायत चुनाव में देरी और पिछड़ा वर्ग आरक्षण की प्रक्रिया लंबी होने के कारण यह फैसला लिया गया है। इससे सफाई, पेयजल, मनरेगा, सड़क मरम्मत और अन्य विकास कार्य बिना रुकावट जारी रहेंगे। हालांकि प्रशासक बने ग्राम प्रधान कोई बड़ा या नीतिगत फैसला नहीं ले सकेंगे। ऐसे मामलों में जिलाधिकारी की मंजूरी जरूरी होगी।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।