शादीशुदा बेटी को हक से नहीं किया जा सकता वंचित… सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, बदल जाएगी सालों पुरानी सोच

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा है कि किसी महिला को सिर्फ शादीशुदा होने के कारण सरकारी योजनाओं और अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। कुलसुम निशा मामले में अदालत ने स्पष्ट किया कि शादी के बाद भी बेटी का मायके से रिश्ता और उसके अधिकार समाप्त नहीं होते।

Jun 3, 2026 - 11:13
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शादीशुदा बेटी को हक से नहीं किया जा सकता वंचित… सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, बदल जाएगी सालों पुरानी सोच

देश की सर्वोच्च अदालत ने विवाहित महिलाओं के अधिकारों को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि किसी भी महिला को सिर्फ इसलिए किसी सरकारी योजना, लाभ या अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता क्योंकि वह शादीशुदा है। अदालत ने कहा कि ऐसी सोच संविधान में दिए गए समानता के अधिकार के खिलाफ है। यह फैसला उत्तर प्रदेश की रहने वाली कुलसुम निशा की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। माना जा रहा है कि यह निर्णय आने वाले समय में महिलाओं के अधिकारों और समाज की सोच पर बड़ा असर डालेगा।

शादी के बाद बेटी पराया धन नहीं
जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह मान लेना पूरी तरह गलत है कि शादी के बाद बेटी अपने माता-पिता के परिवार का हिस्सा नहीं रहती। अदालत ने कहा कि विवाह होने से बेटी और उसके मायके के बीच का खून का रिश्ता समाप्त नहीं होता। कोर्ट ने समाज में मौजूद उस सोच पर भी सवाल उठाया, जिसमें शादी के बाद बेटियों को परिवार से अलग मान लिया जाता है। अदालत ने कहा कि जब बेटा शादी के बाद भी परिवार का हिस्सा बना रहता है, तो केवल बेटी के मामले में अलग सोच रखना लैंगिक भेदभाव है। संविधान ऐसी किसी भी भेदभावपूर्ण सोच को स्वीकार नहीं करता।

क्या है कुलसुम निशा का मामला?
यह मामला उत्तर प्रदेश की रहने वाली कुलसुम निशा से जुड़ा है। उनकी मां गांव में उचित मूल्य की राशन दुकान चलाती थीं। मार्च 2024 में उनकी मां का अचानक निधन हो गया। कुलसुम निशा शादीशुदा होने के बावजूद अपनी मां और बहनों के साथ रहती थीं और दुकान के कामकाज में भी सहयोग करती थीं। मां की मृत्यु के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया। इसके बाद कुलसुम ने अनुकंपा के आधार पर राशन दुकान के आवंटन के लिए आवेदन किया। लेकिन उस समय उत्तर प्रदेश सरकार के नियमों में विवाहित बेटी को परिवार की परिभाषा में शामिल नहीं किया गया था।

सरकार का तर्क भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया
इसी नियम के आधार पर उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) और बाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कुलसुम की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि विवाहित महिलाएं आमतौर पर पति के घर चली जाती हैं, इसलिए स्थानीय निवास संबंधी शर्तों का पालन नहीं हो पाता। सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि यह मान लेना गलत है कि हर शादीशुदा बेटी अपने मायके से दूर ही रहेगी। ऐसी सामान्य धारणा के आधार पर सभी महिलाओं को किसी योजना से बाहर नहीं किया जा सकता। बता दें कि अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि महिलाओं के साथ समान व्यवहार करना संविधान की मूल भावना है और केवल वैवाहिक स्थिति के आधार पर उनके अधिकार नहीं छीने जा सकते।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।