PM-CM की कुर्सी पर बड़ा संकट? 30 दिन जेल में रहे तो खुद खत्म हो जाएगा पद, 130वें संविधान संशोधन बिल में JPC की 5 बड़ी सिफारिशें

क्या प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई मंत्री अब 30 दिन जेल में रहने के बाद अपनी कुर्सी बचा पाएंगे? संसद में पेश 130वें संविधान संशोधन विधेयक को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट में ऐसे कई प्रावधानों की सिफारिश की है, जिनके लागू होने पर गंभीर अपराध में लंबे समय तक जेल में रहने वाले सरकार के प्रमुख और मंत्रियों को पद छोड़ना पड़ सकता है। हालांकि, इस बदलाव से सांसद या विधायक की सदस्यता तुरंत खत्म नहीं होगी। आखिर JPC की 5 बड़ी सिफारिशें क्या हैं और इसका असर देश की राजनीति पर कितना पड़ेगा...

Jul 12, 2026 - 11:58
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PM-CM की कुर्सी पर बड़ा संकट? 30 दिन जेल में रहे तो खुद खत्म हो जाएगा पद, 130वें संविधान संशोधन बिल में JPC की 5 बड़ी सिफारिशें

देश की राजनीति में आने वाले दिनों में एक बड़ा संवैधानिक बदलाव देखने को मिल सकता है। संसद में चर्चा के लिए लाए गए 130वें संविधान संशोधन विधेयक को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस रिपोर्ट में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पद को लेकर बड़ा प्रावधान सुझाया गया है। JPC की सिफारिश के मुताबिक, अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई मंत्री ऐसे गंभीर अपराध में गिरफ्तार होता है, जिसमें 5 साल या उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान है और वह लगातार 30 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहता है, तो 31वें दिन उसके पद पर संकट आ सकता है। हालांकि, यह बदलाव सीधे तौर पर सांसद या विधायक की सदस्यता खत्म नहीं करेगा। यानी व्यक्ति जनप्रतिनिधि बना रह सकता है, लेकिन सरकार में उसकी कार्यकारी भूमिका खत्म हो सकती है।

क्यों चर्चा में आया 130वां संविधान संशोधन विधेयक?
इस विधेयक को केंद्र सरकार ने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों को लेकर जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से आगे बढ़ाया है। विपक्ष के विरोध के बाद इसे जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया था। अब JPC ने अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण बदलावों की सिफारिश की है। अगर ये सिफारिशें कानून का रूप लेती हैं, तो देश में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पद संभालने को लेकर नया नियम लागू हो सकता है।

JPC की 5 बड़ी सिफारिशें, जिनसे बदल सकता है राजनीतिक समीकरण

1. 30 दिन जेल में रहने पर मंत्री को छोड़ना होगा पद
JPC की पहली सिफारिश मंत्रियों को लेकर है। इसके अनुसार, अगर केंद्र सरकार के मंत्री, राज्य मंत्री या दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी के मंत्री किसी गंभीर अपराध में गिरफ्तार होते हैं और लगातार 30 दिन तक जेल में रहते हैं, तो उन्हें पद छोड़ना अनिवार्य होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, 30 दिन पूरे होने के अगले दिन यानी 31वें दिन तक प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री को संबंधित मंत्री को हटाने के लिए राष्ट्रपति या राज्यपाल को सलाह देनी होगी। अगर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री ऐसा नहीं करते हैं तो 31वें दिन मंत्री पद अपने आप खत्म माना जाएगा।

2. प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर भी लागू होगा नियम
सबसे बड़ा बदलाव प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पद को लेकर प्रस्तावित किया गया है। JPC की सिफारिश के अनुसार, अगर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री किसी ऐसे मामले में गिरफ्तार होते हैं, जिसमें 5 साल या उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान है और वे लगातार 30 दिन तक न्यायिक हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें 31वें दिन तक इस्तीफा देना होगा। अगर वे इस्तीफा नहीं देते हैं तो उन्हें पद से हटाया हुआ माना जाएगा।

3. सांसद और विधायक की सदस्यता नहीं होगी खत्म
इस संशोधन का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि केवल पद खत्म होगा, सदस्यता नहीं। यानी अगर कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री पद से हटता है तो वह तुरंत सांसद या विधायक की सदस्यता नहीं खोएगा। उसकी अयोग्यता मौजूदा कानूनों, खासकर जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) के नियमों के तहत तय होगी।

4. जेल से बाहर आने के बाद दोबारा बन सकते हैं मंत्री
JPC ने अपनी रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया है कि अगर कोई व्यक्ति न्यायिक हिरासत से बाहर आता है तो संवैधानिक नियमों और नियुक्ति करने वाले प्राधिकारी के फैसले के आधार पर उसे दोबारा प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री बनाया जा सकता है। यानी यह प्रावधान स्थायी प्रतिबंध नहीं होगा।

5. किन संवैधानिक प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव?
JPC ने अपनी सिफारिशों में कई संवैधानिक प्रावधानों में संशोधन का सुझाव दिया है।

इनमें मुख्य रूप से:

  • अनुच्छेद 75 - केंद्रीय मंत्रिपरिषद से संबंधित
  • अनुच्छेद 164 - राज्य मंत्रिपरिषद से संबंधित
  • अनुच्छेद 239AA - दिल्ली के प्रशासन से संबंधित

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 और केंद्र शासित प्रदेश शासन अधिनियम, 1963 में भी बदलाव की सिफारिश की गई है।

JPC ने क्या कहा?
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह संशोधन आपराधिक कानून या दोष सिद्ध होने तक निर्दोष माने जाने के सिद्धांत में बदलाव नहीं करता। JPC का कहना है कि यह प्रावधान केवल संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की जिम्मेदारी तय करने के लिए है। समिति ने यह भी कहा है कि इससे सांसदों और विधायकों की अयोग्यता से जुड़े अनुच्छेद 102 और 191 प्रभावित नहीं होंगे।

अब आगे क्या होगा?
संयुक्त संसदीय समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट अगले सप्ताह लोकसभा अध्यक्ष को सौंप सकती है। इसके बाद मॉनसून सत्र में इस विधेयक को संसद में पेश किए जाने की संभावना है। अगर यह विधेयक संसद से पास होकर कानून बनता है तो देश की राजनीति में पहली बार ऐसा नियम लागू हो सकता है, जिसमें केवल आरोप और गिरफ्तारी की स्थिति में ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पद पर सीधा असर पड़ सकता है। अब नजर इस बात पर होगी कि संसद में इस बिल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस किस दिशा में जाती है।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content