संभल हिंसा केस में पूर्व CO अनुज चौधरी को हाईकोर्ट से राहत, FIR आदेश पर रोक

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने संभल हिंसा मामले में पूर्व सीओ अनुज चौधरी के खिलाफ एफआईआर पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी।

Feb 10, 2026 - 14:11
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संभल हिंसा केस में पूर्व CO अनुज चौधरी को हाईकोर्ट से राहत, FIR आदेश पर रोक

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के संभल हिंसा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से पूर्व सर्कल ऑफिसर अनुज कुमार चौधरी को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने मंगलवार को संभल की निचली अदालत के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें अनुज चौधरी समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ कथित रूप से भीड़ पर गोली चलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 24 फरवरी तय की है। कोर्ट के इस फैसले को पुलिस महकमे के लिए अहम माना जा रहा है।

यामीन की शिकायत से शुरू हुआ पूरा मामला
यह मामला यामीन नामक व्यक्ति की शिकायत से जुड़ा है। यामीन ने संभल के तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर के सामने अर्जी दी थी। अर्जी में कहा गया था कि 24 नवंबर 2024 को सुबह करीब 8.45 बजे उनका बेटा आलम संभल के मोहल्ला कोट में जामा मस्जिद के पास ठेले पर पपीते के रस्क और बिस्कुट बेच रहा था। इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से भीड़ पर गोली चला दी।

CJM ने FIR दर्ज करने का दिया था आदेश
इस शिकायत पर तत्कालीन सीजेएम विभांशु सुधीर ने बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत अर्जी स्वीकार करते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। अपने 11 पन्नों के आदेश में उन्होंने कहा था कि पुलिस ऑफिशियल ड्यूटी की आड़ में आपराधिक कृत्य नहीं कर सकती। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए उन्होंने यह भी कहा था कि किसी व्यक्ति पर गोली चलाना सरकारी कर्तव्य का हिस्सा नहीं हो सकता।

हाईकोर्ट में राज्य सरकार की दलील
इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई सोमवार और मंगलवार को हुई। राज्य सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल मनीष गोयल ने दलील दी कि मजिस्ट्रेट ने बीएनएसएस के तहत तय सुरक्षा प्रावधानों का पालन नहीं किया। उन्होंने कहा कि सीजेएम ने सेक्शन 175 बीएनएसएस की शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया और सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा को नजरअंदाज किया।

पुलिस कार्रवाई का किया गया बचाव
राज्य की ओर से यह भी कहा गया कि शिकायतकर्ता ने पहले पुलिस थाने जाने की बात अपनी अर्जी में नहीं लिखी, जो कानूनन जरूरी है। एएजी गोयल ने दावा किया कि मजिस्ट्रेट ने पुलिस रिपोर्ट के एक हिस्से को मान लिया और दूसरे हिस्से को नजरअंदाज कर दिया, जो फोरम शॉपिंग जैसा है। उन्होंने यह भी कहा कि नवंबर 2024 की संभल हिंसा कोई अकेली घटना नहीं थी, बल्कि पहले से चल रहे हंगामे का हिस्सा थी।

24 फरवरी को अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने फिलहाल एफआईआर के आदेश पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई 24 फरवरी को तय कर दी है। अब इस मामले में आगे का फैसला हाईकोर्ट की अगली सुनवाई के बाद ही साफ हो पाएगा।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।