प्रतापगढ़ में होमगार्ड का बड़ा आरोप, ड्यूटी हटाने के नाम पर मांगी गई रिश्वत
प्रतापगढ़ में एक होमगार्ड का आरोप है कि कमांडेंट ने चुनाव ड्यूटी से हटाने और निजी काम करने से इनकार करने पर उसका वेतन काटने के लिए रिश्वत की मांग की।
प्रतापगढ़ जिले में कोहड़ौर थाना की पीआरवी पर तैनात एक होमगार्ड ने अपने ही विभाग के कमांडेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। होमगार्ड विजय तिवारी का कहना है कि उनसे ड्यूटी हटाने के नाम पर रिश्वत ली गई, लेकिन इसके बावजूद उनकी चुनाव ड्यूटी नहीं हटाई गई। इतना ही नहीं, उन्होंने वेतन काटने और निजी काम के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है। इस मामले के सामने आने के बाद विभाग में चर्चा तेज हो गई है। वहीं, आरोपों को लेकर कमांडेंट ने अपनी सफाई भी दी है और सभी आरोपों को गलत बताया है।
चुनाव ड्यूटी हटाने के नाम पर रिश्वत का आरोप
होमगार्ड विजय तिवारी के अनुसार, वर्ष 2023 में उनकी चुनाव ड्यूटी लगाई गई थी। उसी समय उनकी बहन की शादी तय थी। उन्होंने होमगार्ड कमांडेंट धीरेंद्र पांडेय से ड्यूटी से नाम हटाने का अनुरोध किया। विजय तिवारी का दावा है कि कमांडेंट ने उन्हें आश्वासन दिया और चार हजार रुपये रिश्वत के रूप में लिए, लेकिन इसके बाद भी उनकी ड्यूटी नहीं हटाई गई।
निजी वाहन चलाने से इनकार पर वेतन काटने का आरोप
विजय तिवारी ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, तीन दिन पहले कमांडेंट के चालक ने उन्हें फोन कर कार्यालय बुलाया और कमांडेंट की पत्नी का निजी वाहन चलाने के लिए कहा। जब उन्होंने निजी वाहन चलाने से इनकार किया, तो उनका वेतन काट दिया गया। उन्होंने बताया कि रविवार को भी उन्हें कार्यालय बुलाया गया, लेकिन कमांडेंट उनसे बिना मिले ही चले गए और होली के बाद आने को कहा।
ड्यूटी में भेदभाव का भी आरोप
होमगार्ड का कहना है कि ड्यूटी लगाने में रिश्वत के आधार पर भेदभाव किया जाता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कमांडेंट ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, कमांडेंट धीरेंद्र पांडेय ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि हाल के दिनों में उनकी विजय तिवारी से कोई मुलाकात नहीं हुई है और रिश्वत लेने का आरोप पूरी तरह गलत है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
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