खाड़ी युद्ध के बीच पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल खत्म होने की कगार पर, 3 दिन से सप्लाई ठप… बंद हो सकते हैं पेट्रोल पंप
खाड़ी क्षेत्र में युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई प्रभावित हो गई है। पेट्रोलियम डीलर्स ने चेतावनी दी है कि सप्लाई नहीं सुधरी तो पेट्रोल पंप बंद हो सकते हैं, हालांकि सरकार का दावा है कि देश में 28 दिनों का तेल स्टॉक मौजूद है।
खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष और अफगानिस्तान के साथ बने तनावपूर्ण रिश्तों के बीच पाकिस्तान के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है। देश में पेट्रोल और डीजल की कमी की आशंका तेजी से बढ़ रही है। पाकिस्तान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि पिछले तीन दिनों से उन्हें ईंधन की सप्लाई नहीं मिली है। इससे देश में पेट्रोल पंपों पर संकट गहराता जा रहा है। हालांकि सरकार का दावा है कि पाकिस्तान के पास 20 से 25 दिनों का ईंधन भंडार मौजूद है, लेकिन डीलर्स का कहना है कि हालात बेहद चिंताजनक हो चुके हैं और अगर सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई तो आने वाले दिनों में कई पेट्रोल पंप बंद हो सकते हैं।
पेट्रोल और डीजल की सप्लाई में भारी कमी
पाकिस्तान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (PPDA) के नेताओं ने गुरुवार को चेतावनी देते हुए कहा कि तेल कंपनियों ने ईंधन की सप्लाई काफी कम कर दी है। उनका आरोप है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां उनकी मांगों में लगभग 50 प्रतिशत कटौती कर रही हैं और सप्लाई भी 2-3 दिन की देरी से दी जा रही है। एसोसिएशन का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो इस वीकेंड तक पाकिस्तान में तेल की सप्लाई लगभग खत्म हो सकती है और कुछ ही दिनों में पेट्रोल और डीजल बाजार से गायब हो सकते हैं।
डीजल की सप्लाई सिर्फ 20 प्रतिशत रह गई
एसोसिएशन के सेंट्रल सेक्रेटरी जनरल चौधरी इरफान इलाही ने कहा कि फ्यूल डिलीवरी में कमी के कारण स्थिति गंभीर हो गई है। उनके मुताबिक डीजल की सप्लाई घटकर केवल 20 प्रतिशत रह गई है, जबकि पेट्रोल की सप्लाई भी काफी कम हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि पीछे से तेल की सप्लाई नहीं आने के कारण कीमतों में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। डीजल की कीमत में 17 पाकिस्तानी रुपये और पेट्रोल की कीमत में लगभग 35 पाकिस्तानी रुपये तक वृद्धि हो चुकी है।
जमाखोरी के भी लगे आरोप
सेंट्रल पंजाब के अध्यक्ष नौमान मजीद ने कहा कि पेट्रोल की सप्लाई लगभग 50 प्रतिशत गिर गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ निजी कंपनियां कमी का फायदा उठाकर पेट्रोलियम उत्पादों की जमाखोरी कर रही हैं। पेट्रोल पंप संचालकों ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने और पर्याप्त फ्यूल सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी नाराजगी जताई कि सरकारी निरीक्षण सप्लाई डिपो की जगह सीधे पेट्रोल पंपों पर किया जा रहा है।
खाड़ी युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट बना बड़ी वजह
एसोसिएशन का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के कारण हालात और बिगड़ गए हैं। उनका आरोप है कि कंपनियां कीमतें बढ़ाने के लिए जानबूझकर सप्लाई रोक रही हैं। इससे पहले ऑल पाकिस्तान पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर संभावित ईंधन संकट पर चिंता जताई थी। पत्र में कहा गया कि मध्य पूर्व में चल रहे संकट के कारण ऑयल कंपनियों ने कथित तौर पर कोटा सिस्टम लागू कर दिया है, जिससे पेट्रोल पंपों को पर्याप्त ईंधन नहीं मिल पा रहा।
OGRA का दावा – 28 दिन का तेल भंडार मौजूद
दूसरी ओर ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) का कहना है कि पाकिस्तान के पास देश की 28 दिनों की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त तेल का स्टॉक मौजूद है। अधिकारियों के अनुसार यह संकट ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद पैदा हुआ है। हमलों के कारण होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया, जिससे कच्चे तेल के दो कार्गो फंस गए हैं। यह समुद्री मार्ग लगभग 33 किलोमीटर चौड़ा है और दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है। पाकिस्तान हर महीने लगभग 1 मिलियन बैरल तेल आयात करता है, जिसमें सऊदी अरब उसका प्रमुख सप्लायर है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात भी पाकिस्तान को तेल निर्यात करता है।
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