बुर्के में अच्छी लगोगी… कहना जुर्म नहीं? मुरादाबाद धर्म परिवर्तन केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी को राहत

Uttar Pradesh News: मुरादाबाद के बिलारी में नाबालिग छात्रा के धर्म परिवर्तन और ब्रेनवॉश के आरोपों वाले मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी फातिमा को राहत दी है। कोर्ट ने साक्ष्यों की कमी और जांच में सहयोग के आधार पर अग्रिम जमानत दे दी, जिससे इस चर्चित मामले में नया मोड़ आ गया है।

May 7, 2026 - 14:04
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बुर्के में अच्छी लगोगी… कहना जुर्म नहीं? मुरादाबाद धर्म परिवर्तन केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी को राहत

Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बिलारी थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा के कथित धर्म परिवर्तन और ब्रेनवॉश के मामले में बड़ा कानूनी मोड़ आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी छात्रा फातिमा को अग्रिम जमानत दे दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद इस चर्चित मामले में नई बहस शुरू हो गई है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि फिलहाल उपलब्ध साक्ष्य आरोपी की संलिप्तता को पूरी तरह साबित नहीं करते। साथ ही यह भी माना गया कि आरोपी के फरार होने की संभावना कम है और वह जांच में सहयोग करने को तैयार है।

वायरल वीडियो से बढ़ा था विवाद
यह मामला तब सुर्खियों में आया था, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में कुछ छात्राएं आपस में बात करती दिखीं और एक नाबालिग छात्रा को बुर्का पहनते हुए देखा गया। आरोप था कि फातिमा ने उसे बुर्का पहनने के लिए प्रेरित किया और कहा कि तुम इसमें अच्छी लगोगी। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और कुछ संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया। पीड़िता के भाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि उसकी बहन का ब्रेनवॉश कर उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा है।

पुलिस कार्रवाई और कानूनी धाराएं
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया। आरोपी पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 5(1) के तहत केस दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जांच शुरू की।

कोर्ट ने क्यों दी राहत?
मामला जब हाईकोर्ट पहुंचा, तो बचाव पक्ष ने दलील दी कि यह सिर्फ सहेलियों के बीच की सामान्य बातचीत थी और छात्रा ने बुर्का अपनी इच्छा से पहना था। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि केवल बयानों के आधार पर किसी को लंबे समय तक हिरासत में रखना सही नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है, जिससे आरोपी की भूमिका साफ तौर पर साबित हो सके। साथ ही आरोपी ने जांच और ट्रायल में सहयोग का भरोसा दिया है। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने फातिमा की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली। यह फैसला आरोपी पक्ष के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जबकि इस मामले को लेकर बहस अभी भी जारी है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।