NEET के बाद टूट गई डॉक्टर बनने की उम्मीद! महराजगंज में फंदे से लटककर छात्रा ने की सुसाइड, नोट में लिखा- मेरे से कुछ नहीं हो सकता मेरे भैया जी

महराजगंज में NEET परीक्षा देने वाली छात्रा की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। MBBS डॉक्टर भाई का कहना है कि उन्होंने कभी बहन पर सफलता का दबाव नहीं बनाया था और हर हाल में डॉक्टर बनाने का भरोसा दिया था। आखिर ऐसा क्या हुआ कि परिवार का सपना अधूरा रह गया?

Jun 23, 2026 - 15:58
Jun 23, 2026 - 15:58
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NEET के बाद टूट गई डॉक्टर बनने की उम्मीद! महराजगंज में फंदे से लटककर छात्रा ने की सुसाइड, नोट में लिखा- मेरे से कुछ नहीं हो सकता मेरे भैया जी

डॉक्टर बनने का सपना देख रही एक छात्रा की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। सदर कोतवाली क्षेत्र के चौपरिया कंचनपुर गांव में सोमवार को NEET परीक्षा देकर लौटी छात्रा मृत मिली। परिवार उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। छात्रा के शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा था- मेरे से कुछ नहीं हो सकता मेरे भैया जी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। घटना के बाद सबसे भावुक बयान छात्रा के बड़े भाई का सामने आया। उन्होंने कहा कि हमने कभी बहन पर अच्छे नंबर लाने या सरकारी मेडिकल कॉलेज में चयन का दबाव नहीं बनाया। हमने उसे भरोसा दिलाया था कि चाहे सरकारी सीट मिले या नहीं, डॉक्टर बनने का उसका सपना हर हाल में पूरा करेंगे।

भाई की तरह बनना चाहती थी डॉक्टर 
परिवार के मुताबिक छात्रा बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थी। उसके बड़े भाई अभिनव भारती 2021 बैच के MBBS डॉक्टर हैं और इस समय देवरिया मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप कर रहे हैं। बहन भी उन्हीं की तरह सफेद कोट पहनकर लोगों का इलाज करना चाहती थी। इसी सपने को पूरा करने के लिए उसने इस साल NEET परीक्षा दी थी। परिजनों ने बताया कि 3 मई को हुई NEET परीक्षा के बाद छात्रा अपने प्रदर्शन को लेकर संतुष्ट नहीं थी। हाल के दिनों में परीक्षा से जुड़ी चर्चाओं और आंसर की आने के बाद उसकी बेचैनी और बढ़ गई थी। परिवार लगातार उसे समझाता रहा कि एक परीक्षा भविष्य तय नहीं करती और जरूरत पड़ने पर दूसरे विकल्पों से भी मेडिकल की पढ़ाई कराई जाएगी।

सिर्फ कुछ मिनटों के लिए घर से निकला था भाई
भाई अभिनव ने बताया कि घटना के समय वह घर पर ही थे, लेकिन करीब 15 मिनट के लिए बाहर चले गए थे। वापस लौटने पर परिवार के सामने ऐसा दृश्य था, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। छात्रा को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता अमरजीत किसान हैं। परिवार ने बेटी की पढ़ाई और तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ी थी। दो भाइयों के बीच वह इकलौती बहन थी और पूरे परिवार की उम्मीदों का केंद्र थी।

पुलिस ने शुरू की जांच
सदर कोतवाली प्रभारी निर्भय सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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