लखनऊ यूनिवर्सिटी में नमाज पर बवाल, हिंदू संगठनों का हंगामा… कैंपस में गूंजी हनुमान चालीसा, 13 छात्रों पर एक्शन
लखनऊ यूनिवर्सिटी की लाल बारादरी में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद बढ़ा, हिंदू संगठनों का प्रदर्शन और 13 छात्रों को नोटिस जारी। जानिए पूरा मामला।
Uttar Pradesh News: लखनऊ के लखनऊ यूनिवर्सिटी परिसर स्थित लाल बारादरी में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद बढ़ गया है। मंगलवार को हिंदू संगठनों ने यूनिवर्सिटी के पास जमकर प्रदर्शन किया और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की बहस भी हुई, लेकिन स्थिति नियंत्रण में रही। इस बीच प्रशासन ने नमाज पढ़ने और उसका समर्थन करने वाले 13 छात्रों को नोटिस जारी कर दिया है, जिससे मामला और चर्चा में आ गया है।
रविवार से शुरू हुआ विवाद, बैरिकेडिंग हटाकर पढ़ी गई नमाज
जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत रविवार को हुई, जब कुछ मुस्लिम छात्रों ने लाल बारादरी परिसर में लगी बैरिकेडिंग हटाकर वहां नमाज अदा की और इफ्तार किया। छात्रों का आरोप था कि प्रशासन उन्हें धार्मिक स्थल तक जाने से रोक रहा है। इसके विरोध में उन्होंने परिसर में प्रदर्शन भी किया। अगले दिन सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने लाल बारादरी के मुख्य गेट पर ताला लगाकर बैरिकेडिंग कर दी। गेट बंद होने के कारण मुस्लिम छात्रों ने बाहर ही नमाज पढ़ी। स्थिति को देखते हुए परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
मस्जिद के इतिहास और प्रशासन के दावे पर अलग-अलग पक्ष
छात्रों का कहना है कि लाल बारादरी परिसर में बनी मस्जिद लगभग डेढ़ सौ साल पुरानी है और यहां लंबे समय से नियमित नमाज होती रही है। उनका आरोप है कि बिना सूचना मस्जिद का गेट बंद कर दिया गया। वहीं प्रशासन का कहना है कि लाल बारादरी एक संरक्षित ऐतिहासिक इमारत है और वहां मरम्मत तथा संरक्षण कार्य के लिए फेंसिंग की जा रही है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने पहले ही विवाद की आशंका जताकर पुलिस से सुरक्षा मांगी थी। बैरिकेडिंग गिराने और निर्माण सामग्री को नुकसान पहुंचाने की घटना के बाद कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात की गई और अधिकारियों ने समझाकर स्थिति संभाली।
13 छात्रों को नोटिस, शांति बनाए रखने के आदेश
इसी मामले में नमाज पढ़ने वाले और उनका समर्थन करने वाले 13 छात्रों को नोटिस जारी किया गया है। कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने आदेश दिया है कि परिसर में तनाव की स्थिति बनी और शांति भंग होने की आशंका है। इसलिए सभी छात्रों को 50-50 हजार रुपये का निजी मुचलका और दो जमानतदार पेश कर एक साल तक शांति बनाए रखने की गारंटी देनी होगी।
अवध काल की ऐतिहासिक धरोहर है लाल बारादरी
लाल बारादरी और उससे जुड़ी मस्जिद का निर्माण अवध काल में नवाब नसीरुद्दीन हैदर के समय कराया गया था। यह इमारत विश्वविद्यालय की स्थापना से पहले की है और अब पुरातात्विक महत्व की धरोहर मानी जाती है।
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